अमेठी, जेएनएन। लोकसभा चुनाव 2014 में कांग्रेस के राहुल गांधी के हाथों नजदीकी हार के बाद केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने अमेठी को अपना दूसरा घर बना लिया। पांच वर्ष की मेहनत का परिणाम उनको कल मिला, जब उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को शिकस्त दी। पहले ही चरण में बढ़त लेने वाली स्मृति ईरानी को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने जीत के लिए बधाई देने के साथ ही अमेठी का विकास करने की भी सलाह दी।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को केंद्रीय मंत्री स्मृति जुबिन ईरानी ने 54731 मतों से शिकस्त देकर कांग्रेस की परंपरागत अमेठी सीट जीत ली। यहां कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के बीच सीधा मुकाबला था। चुनावी घमासान में दोनों ही दलों ने अमेठी सीट पर जीत दर्ज करने के लिए पूरी मेहनत की थी। राहुल-प्रियंका के साथ ही सोनिया ने भी अमेठी में वोट मांगे थे तो स्मृति के साथ भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने रोड शो कर अमेठी की आवाम से समर्थन मांगा था।

चुनावी अधिसूचना के ठीक पहले पीएम नरेंद्र मोदी खुद 12 हजार करोड़ से अधिक की सौगात लेकर अमेठी आए थे। कांग्रेस अपनी परंपरागत सीट को बचाने के लिए जूझ रही थी तो भाजपा पिछले पांच सालों से एक-एक दिन कांग्रेस के सबसे मजबूत दुर्ग को भेदने की कोशिश में लगी हुई थी। कल मतों की गिनती शुरू हुई तो रुझान के साथ परिणाम भी भाजपा के पक्ष में एक के बाद एक जाते दिखे। जैसे-जैसे चक्रवात गिनती आगे बढ़ी वैसे-वैसे स्मृति की जीत का आंकड़ा भी बढ़ता गया। पहले राउंड में 2501 वोट से जीतने वाली स्मृति ने अंतिम राउंड में 54731 मत से जीत दर्ज की। गौरीगंज, तिलोई, अमेठी व जगदीशपुर सुरक्षित विधानसभा में लगातार स्मृति राहुल गांधी को मुकाबले बढ़त बनाए रखने में कामयाब रही तो रायबरेली जिले की सलोन विधानसभा सीट पर भी वह चक्रवात राहुल के मुकाबले अपने हार के अंतर को कम करती हुई आगे बढ़ती रही। संसदीय क्षेत्र में वैसे तो कुल मतदाताओं की संख्या 17,41,034 है, लेकिन मताधिकार का प्रयोग 9,40,947 लोगों ने ही किया था, जिसमें स्मृति ईरानी ने 467598 व राहुल गांधी ने 412867 मत प्राप्त किया। 

स्मृति ने कालिकन धाम में किया पूजन अर्चन

अमेठी से नवनिर्वाचित सांसद स्मृति ईरानी ने देर शाम संग्रामपुर के माता कालिकन धाम में जीत के बाद जाकर पूजन अर्चन किया। मंदिर के पुजारी श्री महाराज ने विधि विधान से पूजन  कराया।

स्मृति ने कहा कि मंदिर के लिए वह कुछ विशेष कार्य करेंगी। यहां का विकास उनकी प्राथमिकता है। मंदिर के पुजारी ने बताया कि नवरात्रि के प्रथम दिन स्मृति ईरानी ने माता का दर्शन कर अखंड ज्योति जलाकर अपने प्रचार अभियान की शुरुआत की थी। विजय मिलने के बाद आकर पूजन अर्चन कर अखंड ज्योति का विसर्जन  किया। 

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Posted By: Dharmendra Pandey