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    Lok Sabha Election 2024: EVM में की जा सकती है गड़बड़ी? जानिए क्या कहते हैं पूर्व चुनाव आयुक्त SY कुरैशी

    Updated: Sat, 30 Mar 2024 09:42 PM (IST)

    Lok Sabha Election 2024 ईवीएम को लेकर विपक्षी दल अक्सर आरोप लगाते रहे हैं कि इसे हैक किया जा सकता है। लोकसभा चुनाव से पहले भी ईवीएम को लेकर देशभर में बहस छिड़ी हुई है। लेकिन ईवीएम में गड़बड़ी करना संभव है या नहीं इसे लेकर देश के पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी ने स्पष्ट शब्दों में जवाब दिया है। जानिए उनका क्या कहना है-

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    Lok Sabha Election 2024: विपक्षी दल लगातार EVM में गड़बड़ी का आरोप लगाते आ रहे हैं।

    चुनाव डेस्क, नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव का बिगुल बजने के साथ ही सभी राजनीतिक दल एवं प्रत्याशी अपने चुनावी अभियान में जुट गए हैं। लेकिन चुनाव नजदीक आते ही एक बार फिर से ईवीएम को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। गौरतलब है कि कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल ईवीएम में गड़बड़ी को लेकर लगातार आरोप लगाते रहे हैं।

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    विपक्षी दलों का आरोप है कि इलेक्ट्रॉनिक मशीन होने के कारण ईवीएम में गड़बड़ी संभव है, उसे हैक किया जा सकता है। विभिन्न दलों और नताओं ने कई मौकों पर अपनी हार का ठीकरा ईवीएम पर फोड़ा है।

    चुनाव आयोग कर चुका है इंकार

    हालांकि, चुनाव आयोग ने ईवीएम में ऐसी किसी भी गड़बड़ी की संभावना से साफ इंकार किया है। लोकसभा चुनाव के एलान के वक्त ईवीएम को लेकर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा था, "अब तक 40 बार सुप्रीम कोर्ट सहित दूसरे न्यायालय ईवीएम से जुड़ी ऐसी याचिकाओं को खारिज कर चुक हैं, इसके बावजूद हर चुनाव के बाद ईवीएम पर सवाल खड़े किए जाने लगते हैं। इनमें वह दल भी है, जो ईवीएम के जरिये चुनाव जीतकर आते हैं। "

    गड़बड़ी की गुंजाइश नहीं

    अब देश के पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त डॉ. एसवाई कुरैशी ने भी ईवीएम में गड़बड़ी को लेकर अहम बयान दिया है। डॉ. कुरैशी ने दैनिक जागरण से विशेष बातचीत में गड़बड़ी के आरोपों को सिरे से नकारते हुए कहा कि मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि ईवीएम में गड़बड़ी की गुंजाइश नहीं है।

    उन्होंने कहा, "मैं दावे के साथ कहता हूं कि ईवीएम में गड़बड़ी की गुंजाइश नहीं है, नहीं है, नहीं है। अगर मान भी लिया जाए कि दो-चार ईवीएम में गड़बड़ी हो सकती है, लेकिन हजारों में यह संभव नहीं है। यह बात जो आरोप लगाते हैं उन्हें भी पता है। हार को स्वीकार करने का साहस होना चाहिए। जिनके पास साहस नहीं होता वे ईवीएम में गड़बड़ी किए जाने की बात शुरू कर देते हैं।"

    कांग्रेस के शासनकाल में शुरू हुआ इस्तेमाल

    साथ ही पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त ने ईवीएम में गड़बड़ी का आरोप लगाने पर कांग्रेस को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि कांग्रेस के शासन में ईवीएम का इस्तेमाल शुरू हुआ। यदि गड़बड़ी की गुंजाइश होती तो फिर कांग्रेस सत्ता से बाहर कैसे हो गई।

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    उन्होंने कहा, "मैं सवाल करता हूं कि ईवीएम किस पार्टी के शासनकाल में बनी। कांग्रेस के शासन में ईवीएम का इस्तेमाल शुरू हुआ। यदि गड़बड़ी की गुंजाइश होती तो फिर कांग्रेस सत्ता से बाहर कैसे हो गई। आज तक कांग्रेस ही सत्ता में बनी रहती। यदि गड़बड़ी की गुंजाइश होती तो क्या भाजपा बंगाल, पंजाब एवं कर्नाटक में चुनाव हारती। सच्चाई यह है कि जो हार जाते हैं वे ईवीएम में गड़बड़ी किए जाने का आरोप लगाते हैं।"

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    EVM का इतिहास

    गौरतलब है कि भारत में पहली बार 1980 में चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों के सामने ईवीएम को प्रदर्शित किया था और इसके उपयोग के निर्देश दिए थे। 1982 में केरल विधानसभा चुनाव में इसका पहली बार उपयोग किया गया था, लेकिन बाद में सुप्रीम कोर्ट ने इसकी वैधानिकता को लेकर चुनाव रद्द कर दिया था।

    बाद में कानून में संशोधन कर इसका इस्तेमाल शुरू किया गया। 1998 में मप्र, राजस्थान और दिल्ली के विधानसभा चुनाव में कई सीटों पर ईवीएम से मतदान हुए। साल 1999 के लोकसभा चुनाव में 45 संसदीय सीटों पर ईवीएम से मतदान हुए। 2004 में पहली बार लोकसभा की सभी 543 सीटों पर ईवीएम से मतदान हुए।

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