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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 05, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

उत्‍तर प्रदेश: सपा-बसपा गठबंधन में रालोद की एंट्री का औपचारिक एलान आज

By Arun Kumar SinghEdited By:
Published: Tue, 05 Mar 2019 01:17 AM (IST)Updated: Tue, 05 Mar 2019 07:32 AM (IST)

समाजवादी पार्टी व बहुजन समाज पार्टी गठबंधन में राष्ट्रीय लोकदल को शामिल करने की औपचारिक घोषणा मंगलवार को होने की उम्मीद है।

उत्‍तर प्रदेश: सपा-बसपा गठबंधन में रालोद की एंट्री का औपचारिक एलान आज
उत्‍तर प्रदेश: सपा-बसपा गठबंधन में रालोद की एंट्री का औपचारिक एलान आज

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। समाजवादी पार्टी व बहुजन समाज पार्टी गठबंधन में राष्ट्रीय लोकदल को शामिल करने की औपचारिक घोषणा मंगलवार को होने की उम्मीद है। सपा मुख्यालय में दोपहर दो बजे सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और रालोद उपाध्यक्ष जयंत चौधरी की संयुक्त पत्रकार वार्ता होगी। इससे पूर्व दोनों नेताओं के बीच बैठक में रालोद के खाते में आने वाली तीन या चार सीटों के बारे में अंतिम फैसला भी होगा।

उल्लेखनीय है कि गत 12 जनवरी को सपा व बसपा गठबंधन की औपचारिक घोषणा मायावती और अखिलेश यादव की संयुक्त पत्रकार वार्ता में हुई थी जिसमें अन्य दलों के लिए चार सीटें छोड़ने का एलान किया गया था। इसमें रालोद के लिए तीन सीटें छोड़ने की चर्चा थी लेकिन इसका विधिवत एलान नहीं किया गया था।

सूत्रों का कहना है कि रालोद को तीन सीटें मुजफ्फरनगर, मथुरा और बागपत देने पर सहमति बनी थी लेकिन रालोद चौथी सीट पाने के लिए अड़ा था। इस गतिरोध के चलते गठबंधन की औपचारिक घोषणा भी लटकी हुई थी। मंगलवार को अखिलेश और जयंत के बीच सपा मुख्यालय में प्रस्तावित बैठक के बाद स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।

कांग्रेस को नौ सीटें देने की चर्चाओं से बढ़ी बेचैनी
सपा-बसपा गठबंधन में कांग्रेस की एंट्री को लेकर चर्चाओं का माहौल गर्म है। हालांकि दोनों ओर से इसकी पुष्टि नहीं हो सकी। कांग्रेस को मात्र नौ सीटें देने का प्रस्ताव पार्टी कार्यकर्ताओं के गले नहीं उतर पा रहा है। सूत्रों का कहना है कि पुलवामा हमले के बाद से बदले सियासी हालात से राजनीतिक परिदृश्य भी बदलता दिखने लगा है।

सपा से गठबंधन होने के बाद बसपा भले ही अन्य दलों को साथ में लेने पर खामोशी साधे हो लेकिन सपा प्रमुख अखिलेश यादव रालोद व निषाद पार्टी के अलावा कांग्रेस के प्रति नरम रुख अपनाए हुए हैं। रालोद को तीन और निषाद पार्टी को एक सीट दिया जाना तय माना जा रहा है। ऐसे में कांग्रेस को अमेठी और रायबरेली के साथ नौ सीटें उपलब्ध कराने की चर्चा ने गठबंधन की सियासत को गर्मा दिया है।

कांग्रेस के एक पूर्व विधायक कहते है कि मात्र नौ सीटें लेकर गठबंधन का हिस्सा बनने से वर्ष 2022 में प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनाने का लक्ष्य पूरा होना मुमकिन नहीं है। प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर ने गठबंधन को लेकर कोई जानकारी नहीं होने की बात कही है।