नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। सहयोगी दलों के साथ गठबंधन को लेकर अंतिम निर्णय नहीं होने के कारण भाजपा बची हुई 13 सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा नहीं कर सकी है। शिरोमणि अकाली दल (शिअद-बादल) के साथ ही जनता दल यूनाइटेड (जदयू) भी इस बार दावेदारी जता रही है। वहीं, जननायक जनता पार्टी (जजपा) भी दिल्ली में भाजपा से सीट मांग रही है। सहयोगी दलों की मांग पर रविवार रात तक कोई निर्णय नहीं हो सका था। भाजपा नेताओं का कहना है कि सोमवार तक इस बारे में कोई फैसला ले लिया जाएगा। 

दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा अबतक शिअद (बादल) के साथ मिलकर चुनाव लड़ती रही है। गठबंधन के तहत राजौरी गार्डन, हरि नगर, कालकाजी और शाहदरा सीटों पर अकाली दल का उम्मदीवार उतरता है। इस बार अकाली दो अतिरिक्त सीटों की मांग कर रहा है। हालांकि, दिल्ली भाजपा इसके पक्ष में नहीं है। यही कारण है कि इस बार अकाली के साथ गठबंधन की घोषणा में देरी हो रही है। रविवार को भी अकाली नेताओं की केंद्रीय मंत्री व दिल्ली के चुनाव प्रभारी प्रकाश जावडेकर के साथ बैठक हुई।

4 सीटों पर दावेदारी जता रही है जेडीयू

अकाली नेताओं का कहना है कि दोनों पार्टियां मिलकर चुनाव लड़ेंगी। जल्द ही यह फैसला हो जाएगा किन सीटों पर अकाली उम्मीदवार उतरेंगे। वहीं, बिहार में सहयोगी जदयू भी दिल्ली में चार सीटों पर दावेदारी जता रही है। कुछ भाजपा नेता भी इसके पक्ष में बताए जाते हैं। उनका तर्क है कि इसी वर्ष बिहार में भी विधानसभा चुनाव है। इसे ध्यान में रखकर और दिल्ली में पूर्वांचल मतों का बिखराव रोकने जदयू के साथ गठबंधन होना चाहिए। संभव है कि बुराड़ी और संगम विहार या फिर इन दोनों में से किसी एक सीट पर जदयू का उम्मीदवार उतारा जाए।

इन सीटों पर अभी नहीं घोषित हुए हैं उम्मीदवार

नई दिल्ली, दिल्ली कैंट, कस्तूरबा नगर, महरौली, संगम विहार, बुराड़ी, सीमापुरी, कृष्णानगर और नांगलोई जाट, राजौरी गार्डन, हरिनगर, कालकाजी व शाहदरा।

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