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    छत्तीसगढ़ में मृतकों का भी आयुष्मान योजना के तहत हुआ 'इलाज', CAG रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे

    By Manish NegiEdited By: Manish Negi
    Updated: Tue, 29 Aug 2023 01:57 PM (IST)

    भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (कैग) की ऑडिट परफार्मेंस रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। कैग की रिपोर्ट में कहा गया कि छत्तीसगढ़ में आयुष् ...और पढ़ें

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    छत्तीसगढ़ में मृतकों का भी आयुष्मान योजना के तहत हुआ 'इलाज'

    संदीप तिवारी, राज्य ब्यूरो। छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान भारत) में मरे हुए लोगों का भी इलाज किया गया है। ये तथ्य आए हैं भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (कैग) की ऑडिट परफार्मेंस रिपोर्ट 2023 में। कैग ने सितंबर 2018 से मार्च 2021 तक की रिपेार्ट पेश की है। इसके मुताबिक, छत्तीसगढ़ में 365 ऐसे मरीज मिले, जिनकी मृत्यु के बाद इलाज पर 33 लाख 70 हजार 985 रुपये खर्च हुए हैं। डेटाबेस में इन सभी मरीजों को मृत दिखाया गया है। देश में 3,446 मृत मरीजों के इलाज पर कुल 6.97 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया।

    30 लाख से अधिक का इलाज

    योजना के तहत प्रदेश में 02 करोड़ 02 लाख 05 हजार 315 व्यक्ति पंजीकृत हैं। योजना लागू होने से अब तक 30 लाख 69 हजार 24 लोगों का निशुल्क इलाज हुआ है।

    योजना में ये हो रही दिक्कतें

    आयुष्मान भारत योजना के तहत निजी अस्पतालों में मरीजों से अतिरिक्त राशि लेने की शिकायतें आम हैं। समय पर क्लेम की राशि नहीं मिलने से निजी अस्पताल योजना का लाभ देने से कतराते हैं। करीब 22 लाख बच्चों का अभी तक कार्ड नहीं बन पाया है। इसकी वजह इन बच्चों का आधार कार्ड और बायोमेट्रिक्स नहीं होना बताया जा रहा है।

    65 लाख से ज्यादा के पास कार्ड नहीं

    प्रदेश में 75 लाख 50 हजार 535 राशन कार्डधारी हैं। इनमें 02 करोड़ 67 लाख 07 हजार 289 व्यक्तियों में से 02 करोड़ 02 लाख 05 हजार 315 व्यक्तियों का आयुष्मान कार्ड बन पाया है। अभी तक 65 लाख 01 हजार 974 व्यक्तियों का कार्ड नहीं बन पाया है। आयुष्मान योजना में केंद्र 60 और राज्य शासन 40 प्रतिशत राशि वहन करती है। इसके अलावा राज्य सरकार डा. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना में 50,000 रुपये तक का चिकित्सा लाभ की सुविधा देती है।

    कैग ने गिनाई अन्य खामियां

    65 ईएचसीपी ने 0.29 करोड़ की राशि के पैकेज का दावा किया जिसके लिए अस्पताल सूचीबद्ध नहीं थे। राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण (एसएचए) ने योजना के लिए अलग से खाते न खोलकर वित्तीय निमय का उल्लंघन किया। 2018-21 के दौरान एसएचए ने तीन अलग-अलग खातों से नियम विरूद्ध 280.20 करोड़, 217.60 करोड़ और 112.62 करोड़ का अनुदान जारी किया।

    कोरिया में आई गड़बड़ी

    आयुष्मान योजना में कोरिया जिले के खड़गवां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एक करोड़ रुपये से अधिक की प्रोत्साहन राशि फर्जी खाते में डालने के मामले में जांच चल रही है। वहीं मनमानी भुगतान करने वाले निजी अस्पतालों पर पांच करोड़ से ज्यादा का जुर्माना लगा चुके है।