UAE में छिपे वांटेड इंदरजीत सिंह के दिल्ली-NCR में 10 ठिकानों पर ED का बड़ा छापा, कारें सहित कई दस्तावेज जब्त
ईडी ने यूएई में छिपे अपराधी इंदरजीत सिंह यादव से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिल्ली, गुरुग्राम और रोहतक में ...और पढ़ें
-1767013352594_m.webp)
अपराधी इंदरजीत सिंह यादव और उसके साथियों से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई।
HighLights
ईडी ने इंदरजीत सिंह यादव के 10 ठिकानों पर छापा मारा।
छापेमारी में पांच लग्जरी कारें और 17 लाख रुपये नकद जब्त।
इंदरजीत पर मनी लॉन्ड्रिंग, जबरन वसूली और धोखाधड़ी के आरोप।
एएनआई, नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में छिपे अपराधी इंदरजीत सिंह यादव और उसके साथियों से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई की है। 26-27 दिसंबर को दिल्ली, गुरुग्राम और रोहतक में 10 स्थानों पर छापेमारी के दौरान ईडी ने पांच लग्जरी कारें, बैंक लॉकर, 17 लाख रुपये नकद, कई आपराधिक दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस और डेटा जब्त किया। यह कार्रवाई पीएमएलए 2002 के तहत इंदरजीत, उसके साथियों, अपोलो ग्रीन एनर्जी लिमिटेड और अन्य से जुड़ी चल रही जांच का हिस्सा है।
ईडी की जांच में पता चला है कि इंदरजीत सिंह यादव ने एक वेबसाइट बनवाई थी, जिसके जरिए कॉर्पोरेट हाउस और प्राइवेट फाइनेंसर के बीच लोन सेटलमेंट होता था। हरियाणा और उत्तर प्रदेश पुलिस की 15 से अधिक एफआईआर के आधार पर शुरू हुई जांच में इंदरजीत पर हत्या, जबरन वसूली, लोन की जबरन वसूली, धोखाधड़ी, अवैध जमीन कब्जा और हिंसक अपराधों के आरोप हैं। वह जेम रिकॉर्ड्स एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड (जेम्स ट्यून्स) का मालिक है और हरियाणा पुलिस के कई मामलों में वांटेड है, फिलहाल यूएई से ऑपरेट कर रहा है।
जांच में सामने आया कि कुछ कॉर्पोरेट हाउस जैसे अपोलो ग्रीन एनर्जी ने झज्जर के दीघल गांव के प्राइवेट फाइनेंसर से करोड़ों रुपये कैश उधार लिए और पोस्ट-डेटेड चेक सिक्योरिटी के तौर पर दिए। इंदरजीत ने हथियारबंद साथियों और गैंग्स की मदद से धमकी देकर इन लोन का जबरन सेटलमेंट करवाया और सैकड़ों करोड़ रुपये कमीशन कमाया। विदेशी संगठित अपराध सिंडिकेट भी इसमें शामिल थे।
इस अवैध कमाई से इंदरजीत ने अपने और परिवार के नाम पर संपत्तियां, लग्जरी कारें खरीदीं और शानदार जीवनशैली अपनाई, जबकि इनकम टैक्स रिटर्न में न्यूनतम आय दिखाई। ईडी की यह कार्रवाई अवैध वसूली और मनी लॉन्ड्रिंग पर कड़ा प्रहार है, जांच आगे भी जारी रहेगी।
