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धमाके से पहले आतंकी उमर दिल्ली में सात घंटे तक करता रहा कई संवेदनशील इलाकों की रेकी, 50 से अधिक CCTV में कैद

Published: Sun, 16 Nov 2025 07:45 PM (IST)

दिल्ली में धमाके की साजिश रचने वाला आतंकी उमर घटना से पहले सात घंटे तक शहर में घूमता रहा। उसने ...और पढ़ें

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HighLights

  1. आतंकी उमर ने दिल्ली में रेकी की।

  2. 50 से अधिक CCTV में हुआ कैद।

  3. 7 घंटे तक संवेदनशील इलाकों में रहा।

राकेश कुमार सिंह, नई दिल्ली। लाल किला के बाहर धमाका करने वाले पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का आतंकी डाॅ. उमर नबी बट अपनी आइ-20 कार में विस्फाेटक लेकर दिल्ली के कई महत्वपूर्ण व अति अतिसंवेदनशील इलाकों के चक्कर काटता रहा, लेकिन न तो दिल्ली पुलिस और न ही किसी केंद्रीय सुरक्षा एजेंसी को इसकी भनक लगी।

हताश होकर फरीदाबाद से आया दिल्ली

साथियों के पकड़े जाने व उनकी निशानदेही पर विस्फोटक, कारतूस व हथियार जब्त हो जाने से हताशा में आकर उमर 10 नवंबर की सुबह कार में विस्फोटक रखकर गिरफ्तार होने से बचने के लिए फरीदाबाद से दिल्ली आ गया था। दिल्ली में सुबह आठ से दोपहर तीन बजे यानी सात घंटे तक वह दिल्ली की सड़कों पर यूं ही जहां-तहां घूमता रहा। कई जगहों की रेकी करने के बाद अंतत: शाम 6:50 बजे उसने लाल किला के बाहर आकर धमाका कर दिया था।

50 से अधिक सीसीटीवी खंगाले

धमाके के बाद उसके द्वारा अपनाए गए रूटों का पता लगाने के लिए एनआईए, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल व क्राइम ब्रांच समेत कई जिले की पुलिस की 50 से अधिक टीमें सीसीटीवी कैमरों के फुटेज देखने में जुटी रही।

पांच दिनों की कड़ी मशक्कत के बाद दिल्ली पुलिस ने अंतत: उमर के सारे रूटों का पता लगा लिया, जिन रूटों से होकर वह घूमता रहा और अंत में दोपहर में लाल किला के पास स्थित सुनहरी मस्जिद की पार्किंग में पहुंचा, पुलिस ने उन सारे रूटों के बारे में पता लगा लिया है।

रूट मैप की जानकारी सौंपी

सूत्राें के मुताबिक उधर एनएसजी, एनआईए, सीबीआइ के सीएफएसएल व फोरेंसिक साइंस लैब ने संयुक्त रूप से विस्फोटक में इस्तेमाल केमिकल के बारे में पता लगा उसकी अंतिम रिपोर्ट तैयार कर गृह मंत्रालय को सौंप दी है। साथ ही, पुलिस ने उमर के रूट मैप की भी जानकारी सौंप दी है।

टोल पर लगे सीसीटीवी में हुआ कैद

सूत्रों के मुताबिक, फरीदाबाद में साथी आतंकी मुजम्मिल के गिरफ्तार होने के बाद 10 नवंबर की सुबह आठ बजे उमर आइ-20 से काले रंग के कपड़े पहनकर मुंह में भी काले रंग का मास्क लगा दिल्ली आ गया था। बदरपुर टोल पर 8:13 बजे उसकी तस्वीर टोल के सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई थी, जो धमाके के अगले दिन पुलिस को मिली।

कालकाजी में भरवाया पेट्रोल

पुलिस सूत्रों का कहना है कि बदरपुर टोल से निकलकर वह मोदी मिल होते हुए कालकाजी आ गया था। वहां उसने एक पेट्रोल पंप पर पेट्रोल भरवाया और उसके बाद डीएनडी फ्लाई ओवर पकड़ कर यमुनापार आ गया था। यमुनापार में वह चिल्ला सीएनजी पंप, मयूर विहार होते हुए अक्षरधाम मंदिर के पास आ गया था।

अंत में सुनहरी मस्जिद की पार्किंग पहुंचा

अक्षरधाम मंदिर के सामने कुछ देर रुकने के बाद आगे जाकर फ्लाई ओवर के नीचे से यूटर्न लेकर वह एनएच पकड़ कर वापस आश्रम चौक आ गया था। वहां से निजामुद्दीन, लोधी रोड-जंगपुरा, इंडिया गेट होते हुए अकबर रोड पकड़ कर तुगलक रोड थाने के सामने से होते हुए सफदरजंग

एन्क्लेव से धौलाकुआं की तरफ चला गया और वहां से नारायणा की तरफ जाकर वापस रिज रोड पटेल नगर से शादीपुर डिपो, पंजाबी बाग, नेताजी सुभाष प्लेस, लामपुर, वजीराबाद, लिबर्टी सिनेमा होते हुए फैज रोड, झंडेवालान, कनाट प्लेस, अरुणा आसिफ अली मार्ग, दरियागंज होते हुए दोपहर 3:19 बजे लाल किला स्थित सुनहरी मस्जिद की पार्किंग में आ गया था।

यहां उसने ऐसे सुरक्षित जगह पर कार खड़ी जो पार्किंग में लगे सीसीटीवी कैमरों की जद में नहीं था। इन रूटों का पता लगाने के लिए जहां जहां भी उमर के फुटेज मिले पुलिस ने फिर गूगल मैप का सहारा लिया।

कई सवालों का जवाब मिल पाना मुश्किल

पुलिस अधिकारी का कहना है कि उमर इतने जगहों पर क्यों गया इसका पता लग पाना मुश्किल है। हो सकता है वह शाम होने के इंतजार में घूमते हुए समय बीता रहा हो। लाल किला के बाहर धमाका करने की योजना पहले ही बना रखा हाे। पुलिस को शक है कि उमर व उसके साथियों ने पहले धमाके वाले जगह की रेकी कर रखी हो। तभी उसने वहां वारदात को अंजाम दिया।

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