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'मैं तुम्हारी बहन को मार डालूंगा, कॉल रिकॉर्ड कर लो'; काजल की चीखें सुन सहम गया भाई

Published: Thu, 29 Jan 2026 10:40 PM (IST)Updated: Fri, 30 Jan 2026 12:27 PM (IST)

दिल्ली पुलिस की स्वाट कमांडो काजल चौधरी की हत्या के समय वह चार महीने की गर्भवती थीं। उनके पति अंकुर ...और पढ़ें

दिल्ली पुलिस की स्वाट कमांडो काजल चौधरी की हत्या के समय वह चार महीने की गर्भवती थीं। जागरण

दिल्ली पुलिस की स्वाट कमांडो काजल चौधरी की हत्या के समय वह चार महीने की गर्भवती थीं। जागरण

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जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल में तैनात SWAT कमांडो काजल चौधरी अपनी हत्या के समय चार महीने की गर्भवती थीं। डंबल से हमले के दौरान, काजल के पति अंकुर ने फोन पर बातचीत के दौरान उसके भाई निखिल से कॉल रिकॉर्ड करने के लिए कहा, 'यह कॉल रिकॉर्ड कर लो, मैं इसे मार रहा हूं।

एक भाई जो बेबस होकर अपनी बहन की चीखें सुनने को मजबूर था – ये 27 साल की दिल्ली पुलिस SWAT कमांडो के आखिरी खौफनाक पल थे, जिनकी बाद में दिल्ली में अपने घर पर बेरहमी से हमला किए जाने के बाद मौत हो गई।

निखिल ने क्या बताया?

निखिल का कहना है कि अंकुर ने उससे कॉल रिकॉर्डिंग पर डालने के लिए कहा ताकि पुलिस इसे सबूत के तौर पर इस्तेमाल कर सके, और फिर उसने उसकी चीखें सुनीं। 22 जनवरी की उस भयानक घटना को याद करते हुए निखिल की आवाज कांप रही थी, जब काजल के पति ने भारी डंबल से उसका सिर कुचल दिया था।

हमले के समय काजल मोहन गार्डन में अपने घर पर थी। उसका पति अंकुर रक्षा मंत्रालय में क्लर्क है और दिल्ली कैंट में तैनात था। उसे घटना वाले दिन ही गिरफ्तार कर लिया गया था। पांच दिन तक ज़िंदगी के लिए लड़ने के बाद, 27 जनवरी की सुबह गाजियाबाद के एक अस्पताल में उसने दम तोड़ दिया।

काजल ने बताई थी आपबीती

संसद मार्ग पुलिस स्टेशन में तैनात निखिल ने बताया कि 22 जनवरी को अंकुर ने उसे फोन किया और काजल से बात करने के लिए कहा। उसने उसे शांत रहने के लिए कहा और तुरंत अपनी बहन को फोन किया। काजल आमतौर पर उसे ज्यादा कुछ नहीं बताती थी कि क्या हो रहा है, लेकिन उस दिन वह अपनी आपबीती बता रही थी।

निखिल का कहना है कि जब वह बात कर रहा था, तो अंकुर गुस्सा हो गया और काजल से फोन छीन लिया। फिर उसने मुझसे कहा कि इस कॉल को रिकॉर्डिंग पर डाल दो, यह पुलिस सबूत के तौर पर काम आएगा। 'मैं तुम्हारी बहन को मार रहा हूं। पुलिस मेरा कुछ नहीं कर पाएगी।'

मैंने उसकी चीखें सुनीं

मैंने उसकी चीखें सुनीं। कॉल अचानक कट गया। पांच मिनट बाद, निखिल का फोन फिर बजा। उसने कहा, 'वह मर गई है, अस्पताल आ जाओ।' उसके बाद, जब मैं पुलिस के साथ वहां पहुंचा, तो वह और उसका परिवार पहले से ही वहां थे। जब मैंने अपनी बहन को देखा... ऐसा सलूक तो कोई दुश्मन भी किसी के साथ नहीं करेगा। काजल का सिर बुरी तरह कुचला हुआ था, और उसके पूरे शरीर पर कई चोटें थीं।

निखिल ने बताया कि उसने पहले दिल्ली के कई अस्पतालों में उसे एडमिट कराने की कोशिश की, लेकिन जब उसे बताया गया कि उसके बचने के चांस कम हैं, तो आखिरकार उसे गाजियाबाद के एक अस्पताल में एडमिट कराया गया, जहाँ उसकी मौत हो गई।

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निखिल ने अंकुर और उसके रिश्तेदारों पर लंबे समय तक टॉर्चर और दहेज के लिए परेशान करने का आरोप लगाया। काजल का डेढ़ साल का एक बेटा है, जो अभी अपने नाना-नानी के पास है। निखिल ने बताया कि करीब पाँच महीने पहले काजल के पति ने उसे थप्पड़ मारा था। मैं वहां गया और उससे मेरे साथ आने को कहा।

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अंकुर ने माफी मांगी और अपने बच्चे की कसम खाई कि वह दोबारा ऐसा नहीं करेगा। मैंने अपनी बहन से कहा कि वह जब चाहे घर आ सकती है और उसे वहां रहने की जरूरत नहीं है। लेकिन वह घर नहीं आई। प्रेग्नेंसी के दौरान भी काजल से काम से लौटने के बाद घर के काम करवाए जाते थे।

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