वारदात, हथियार और सोशल मीडिया में शोऑफ: यमुनापार में नाबालिग बदमाशों का बढ़ता आतंक; पुलिस के लिए बने चुनौती
यमुनापार में नाबालिग बदमाश खूंखार हो रहे हैं, जो पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गए हैं। वे हत्या, लूट ...और पढ़ें


समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
शुजाउद्दीन, पूर्वी दिल्ली। यमुनापार में नाबालिग बदमाश खूंखार हो रहे हैं। पुलिस के लिए यह नाबालिग बदमाश चुनौती बने हुए हैं। वे हत्या, लूट समेत कई जघन्य अपराध कर रहे हैं। कई नाबालिगों को अपने किए अपराध पर जरा भी पछतावा नहीं हो रहा है। अपराध का सीसीटीवी फुटेज देख पुलिस जब उन्हें पकड़ने आ रही है तो उसका वीडियो वह अपने इंस्टाग्राम व फेसबुक पर अपलोड कर रहे हैं। इन नाबालिगों को गैंग्स्टर्स का पूरा साथ मिल रहा है। पिस्टल व चाकू और अन्य हथियारों के साथ नाबालिगों के फोटो व वीडियो यह बताते हैं कि नाबालिगों के लिए बना कानून उनके लिए कोई मायने नहीं रखता है।
हथियार लेकर वारदात को अंजाम दे रहे
सीलमपुर, जाफराबाद, वेलकम, खजूरी, दयालपुर, मयूर विहार, सीमापुरी, न्यू उस्मानपुर व शास्त्री पार्क में नाबालिग बदमाशों का बहुत आतंक है। सूत्रों के अनुसार इन बदमाशों पर अल्मास, हाशिम बाबा और छेनू पहलवान गिरोह का हाथ है। नाबालिग बदमाश इन्हीं गिरोह से हथियार लेकर वारदात को अंजाम दे रहे हैं।
पुलिस व सरकार सख्ती से निपटे
नाबालिगों के दुस्साहस से परेशान स्थानीय लोगों का कहना है पुलिस व सरकार को इन नाबालिग बदमाशों से सख्ती से निपटना चाहिए। जो बड़ी वारदात को अंजाम दे रहे हैं, उनपर बालिग की तरह केस चलना चाहिए। कानून ऐसा है कि पकड़े जाने के बाद यह कुछ माह में बाल सुधार गृह से वापस आ जाते हैं और फिर से वारदात करते हैं। इसका जीता जागता उदाहरण गत वर्ष सीलमपुर में हुई नाबालिग की हत्या का है। एक नाबालिग ने बाल सुधार गृह से आने के दो माह बाद ही एक नाबालिग की चाकू से गोदकर हत्या कर दी थी।
नाबालिगों का रिकाॅर्ड नहीं रखती पुलिस
पुलिस ने बताया कि बालिग बदमाशों का आपराधिक रिकार्ड रखा जाता है। उस रिकार्ड को पुलिस डोजियर कहती है। उस डोजियर में बदमाश से जुड़ी अधिकतर जानकारी होती है। लेकिन इस तरह का रिकार्ड नाबालिगों का नहीं रखा जाता है। कानून के हिसाब से बालिग होते ही नाबालिगों पर दर्ज केस अपने आप खत्म हो जाते हैं।
'बच्चों में बदलते व्यवहार को गंभीरता से नहीं ले रहे अभिभावक'
मनोविज्ञानी डाॅ. माला वोहरा खन्ना ने कहा बच्चों में बदल रहे व्यवहार को उनके अभिभावक गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। किसी भी व्यक्ति का व्यवहार अचानक से नहीं बदलता है। मोबाइल व टीवी में अगर नाबालिग ऐसे कंटेंट देख रहे हैं हिंसा हो रही है, हथियार दिखाए जा रहे हैं। तो उसी वक्त समझ लेना चाहिए बच्चे का स्वभाव आपराधिक होता जा रहा है।
माना कि लोग अपने जीवन में बहुत व्यस्त हो रहे हैं। लेकिन अभिभावकों को अपने बच्चों को बहुत ध्यान देना होगा। अधिकतर नाबालिगों इस बात से अंजान होते हैं कि अपराध करने के बाद उन्हें किया सजा होगी और उनका जीवन कितना कष्ट में आ जाएगा।
"जो नाबालिग वारदात करते हैं पुलिस उनकी काउंसलिंग करती है। विभिन्न माध्यमों से उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास करती है।"
-प्रशांत गौतम, शाहदरा जिला पुलिस उपायुक्त।
तारीखों में दर्ज अपराधों की फेहरिस्त
- 9 दिसंबर 2025 : शकरपुर इलाके में नाबालिग ने चाकू से गोदकर की युवक की हत्या।
- 14 दिसंबर 2025 : शकरपुर इलाके में रंजिश में चाकू से गोदकर नाबालिग ने की युवक की हत्या।
- 8 जनवरी 2026 : मयूर विहार इलाके में छात्र की पीट पीटकर हत्या।
- 18 जनवरी 2026 : भजनपुरा इलाके में तीन नाबालिगों ने छह वर्ष की बच्ची के साथ किया सामूहिक दुष्कर्म।
- 20 जनवरी 2026 : न्यू अशोक नगर इलाके में यौन शोषण करने पर नाबालिग ने ट्यूशन मास्टर पर किया चाकू से वार।
- 22 जनवरी 2026 : प्रीत विहार इलाके में लूट की रकम के विवाद में तीन नाबालिगों ने पीट पीटकर की युवक की हत्या।
- 22 जनवरी 2026 : खजूरी खास इलाके में झगड़े में बीच बचाच करवा रहे उत्तर प्रदेश पुलिस के हेड कांस्टेबल पर नाबालिग बदमाश ने चाकू से किया वार।
- 27 जनवरी 2026 : मंडावली इलाके में लूट का विरोध करने पर युवक पर चाकू से किए वार।
- 24 जनवरी 2026 : शास्त्री पार्क इलाके में प्रापर्टी डीलर की गोली मारकर हत्या।
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