नई दिल्ली [संजीव गुप्ता]। दिल्ली-एनसीआर समेत समूचे उत्तर भारत में गुलाबी ठंड का दौर अब खत्म होने और कड़ाके की सर्दी आने को है। शुष्क नवंबर के बाद दिसंबर में बारिश भी होगी और तापमान भी तेजी से गिरेगा। पश्चिमी विक्षोभों के असर से पहाड़ों पर होने वाली बर्फबारी का असर भी उत्तर भारत पर साफ दिखाई देगा। दिल्ली- एनसीआर ही नहीं, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में भी सप्ताह भर के अंतराल में न्यूनतम तापमान छह से सात डिग्री तक हो जाने के आसार हैं। मौसम विभाग पहले ही पूर्वानुमान जता चुका है कि ला लीना के प्रभाव से इस बार दिसंबर, जनवरी और फरवरी में न केवल कड़ाके की ठंड पड़ेगी, बल्कि कोहरा भी परेशान करेगा। 

एक सप्ताह के दौरान होगी अच्छी बारिश, ठंड में होगा इजाफा

गौरतलब है कि नवंबर का महीना पूरी तरह शुष्क बीत गया, एक भी दिन बारिश नहीं हुई। लेकिन दिसंबर में बारिश की शुरुआत होने को है। एक सामान्य पश्चिमी विक्षोभ के असर से बृहस्पतिवार को हल्की हो सकती है। इसके बाद पांच से सात दिसंबर के बीच एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पहाड़ों पर हिमपात के साथ साथ दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में अच्छी खासी बारिश होगी।

बर्फबारी बढ़ाएगी दिल्ली-एनसीआर में ठंड

मौसम विज्ञानियों के अनुसार यूं कहने को नवंबर में भी 12 पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुए लेकिन उनका प्रभाव न के बराबर रहा। न पहाड़ों पर खास बर्फबारी हुई और न ही मैदानी इलाकों में बारिश देखने को मिली। इस ²ष्टि से पांच तारीख के आसपास जम्मू-कश्मीर की ओर जो एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है, उसके असर से बारिश और बर्फबारी दोनों देखने को मिलेगी। जाहिर है इसके बाद दिल्ली-एनसीआर के लोगों को कड़ाके की ठंड से रूबरू होना पड़ेगा।

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तेज हवा भी करेगी ठंड में इजाफा

वहीं, खास बात यह कि इस पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के दौरान ही पंजाब और हरियाणा के ऊपर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र भी बनेगा। इससे दिल्ली समेत पंजाब, हरियाणा, उत्तरी राजस्थान, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश होगी। पश्चिमी हिमालय के पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी भी होगी, जिसकी ठंडक तेज हवाओं के साथ दिल्ली एनसीआर सहित उत्तर भारत के मैदानी इलाकों को भी ठिठुराएगी।

करीब डेढ़ माह के अंतराल पर आ रहा एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ

मौसम विज्ञानियों के अनुसार सर्दियों के इस सीजन में इससे पहले 24 अक्टूबर के आसपास एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ आया था। इसके असर से जम्मू-कश्मीर, मुजफ्फराबाद, लद्दाख एवं हिमाचल प्रदेश सहित उत्तराखंड के कई हिस्सों में बर्फ पड़ी थी। उसके बाद अब पांच दिसंबर के आसपास एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है।

अब तेजी से बढ़ेगी ठंड

महेश पलावत, उपाध्यक्ष (मौसम विज्ञान एवं जलवायु परिवर्तन), स्काईमेट वेदर) का कहना है कि दिसंबर में तेजी से ठंड बढ़ेगी। मजबूत पश्चिमी विक्षोभ के असर से उत्तर भारत के अन्य राज्यों के साथ साथ दिल्ली एनसीआर में भी ठीक-ठाक बारिश की संभावना है। इससे प्रदूषण भी कम होगा और तापमान भी गिरेगा। पहाड़ों पर होने वाली बर्फबारी की ठंडक हवाओं के साथ यहां पहुंचेगी तो कंपकंपाहट भी बढ़ेगी। माह के दूसरे सप्ताह तक न्यूनतम तापमान छह से सात डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है।

Edited By: Jp Yadav