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    विश्वास न्यूज ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए किया ‘सच के साथी सीनियर्स सुपर चैंप’ कार्यक्रम का आयोजन, AI स्‍कैम से किया आगाह

    Updated: Thu, 06 Mar 2025 08:05 PM (IST)

    विश्वास न्यूज ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए सच के साथी सीनियर्स सुपर चैंप कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में गलत सूचना से निपटने के लिए प्रतिबद्ध चुनिंदा वरिष्ठ नागरिक और अपने क्षेत्र के विशेषज्ञ एक ही मंच पर उपस्थित हुए। कार्यक्रम में एडवांस फैक्ट चेकिंग की ट्रेनिंग के साथ वरिष्ठ नागरिकों और स्वयंसेवी संस्थाओं से जुड़े लोगों को एआई स्कैम से जुड़े खतरों से आगाह किया गया।

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    विश्‍वास न्‍यूज की ओर से ‘सच के साथी सीनियर्स सुपर चैंप’ का आयोजन किया गया। जागरण फोटो

    जागरण संवाददाता, नई दिल्‍ली। जागरण न्‍यू मीडिया की साक्षरता और फैक्‍ट चेकिंग विंग विश्‍वास न्‍यूज की ओर से बृहस्पतिवार को ‘सच के साथी सीनियर्स सुपर चैंप’ का आयोजन किया गया। इसमें गलत सूचना से निपटने के लिए प्रतिबद्ध चुनिंदा वरिष्ठ नागरिक और अपने क्षेत्र के विशेषज्ञ एक ही मंच पर उपस्थित हुए। कार्यक्रम में एडवांस फैक्‍ट चेकिंग की ट्रेनिंग के साथ वरिष्‍ठ नागरिकों और स्वयंसेवी संस्थाओं से जुड़े लोगों को एआई, स्‍कैम से जुड़े खतरों से आगाह किया गया।

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    कार्यक्रम को एक विशेष एडवांस फैक्‍ट चेकिंग ट्रेनिंग के रूप में तैयार किया गया था। इसमें  प्रतिभागियों को आज के समय में तेजी से बदलती डिजिटल दुनिया के लिए आत्‍मविश्‍वास के साथ तकनीकी कौशल के साथ तैयार करना था। इस आयोजन में देशभर के चुनिंदा पांच वरिष्‍ठ नागरिकों- पीके गुप्‍ता, नीरू छिब्‍बर, हरजिंदर सिंह, केके गुगलानी और आरके सूद को खासतौर से आमंत्रित किया गया।

    वरिष्‍ठ नागरिकों ने निभाई थी अपनी सक्रिय भूमिका 

    पिछले दिनों देशभर में आयोजित विश्‍वास न्‍यूज के मीडिया साक्षरता कार्यक्रम में हजारों की तादाद में वरिष्‍ठ नागरिकों ने अपनी सक्रिय भूमिका निभाई थी। उनमें से चुनिंदा पांच चैंपियनों को गलत सूचना की पहचान करने और उसका प्रभावी ढंग से मुकाबला करने की अपनी क्षमता को और बढ़ाने के लिए आमंत्रित किया गया था।

    डिजिटल साक्षरता के महत्व पर दिया जोर 

    कार्यक्रम में हेल्पएज इंडिया, 24*7 केयर फाउंडेशन और नोबेल सिटिजन फाउंडेशन के सदस्‍यों ने भी सक्रिय रूप से भाग लिया। वरिष्ठ नागरिकों के साथ अपने काम के लिए पहचाने जाने वाले इन संगठनों ने ऑनलाइन धोखाधड़ी और गलत सूचनाओं के खिलाफ सीनियर सिटिजंस को सशक्त बनाने में डिजिटल साक्षरता के महत्व पर जोर दिया।

    कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए जागरण न्यू मीडिया के एडिटर इन चीफ एवं एग्जीक्यूटिव प्रेसिडेंट राजेश उपाध्याय ने डिजिटल युग में मीडिया साक्षरता के महत्‍व और आवश्यकता पर जोर दिया। उन्‍होंने बताया कि गलत सूचनाओं को रोकने में वरिष्‍ठ नागरिक सबसे ज्‍यादा भूमिका अदा कर सकते हैं। इसके लिए गलत सूचनाओं को पहचानकर मीडिया साक्षरता के जरिए जागरूकता फैलाना सबसे महत्‍वपूर्ण है।

    स्‍कैम के खतरे के बारे में विस्तार से बताया

    विश्‍वास न्‍यूज के इस खास कार्यक्रम में दो प्रतिष्ठित वक्ता भी शामिल हुईं। दिल्ली विश्वविद्यालय की डॉ. प्रियंका सचदेवा और अंतरराष्ट्रीय साइबर विशेषज्ञ कामाक्षी शर्मा ने प्रतिभागियों के साथ चर्चा करके फेक न्‍यूज के बारे में विस्‍तार से बताते हुए स्‍कैम के खतरे बताए। चर्चा में मीडिया साक्षरता की जरूरत, एआई-संचालित गलत सूचनाओं के प्रभाव और वरिष्ठ नागरिकों को निशाना बनाकर साइबर धोखाधड़ी के बढ़ते खतरे को शामिल किया गया।

    कार्यक्रम में दी गईं जरूरी और एडवांस तकनीकी जानकारियां 

    सीनियर एडिटर उर्वशी कपूर और डिप्‍टी एडिटर देविका मेहता ने वरिष्‍ठ नागरिकों के लिए तैयार किए गए एडवांस फैक्‍ट चेकिंग और मीडिया साक्षरता कार्यक्रम के जरिए एक बार फिर से सीनियर सिटिजंस को प्रशिक्षित किया। इस कार्यक्रम में जरूरी और एडवांस तकनीकी जानकारियां दी गईं। साथ में प्रतिभागियों को आवश्यक फैक्‍ट चेकिंग स्किल से लैस किया गया। एआई-जनित गलत सूचना से उत्पन्न चुनौतियों पर जोर देने के साथ वरिष्ठ नागरिकों को अपनी कम्‍युनिटी के अंदर सच के साथी बनाने के लिए तैयार किया गया।

    कार्यक्रम में विश्‍वास न्‍यूज के एग्जीक्यूटिव एडिटर जतिन गांधी ने मैसेज चेक टूल के बारे में विस्‍तार से बताते हुए कहा कि इसके माध्‍यम से गलत सूचनाओं को आसानी से पहचाना जा सकता है। जागरण न्‍यू मीडिया के एग्जीक्यूटिव एडिटर अनुराग मिश्रा ने डेटा मैनिपुलेशन पर चर्चा करते हुए प्राइमरी डेटा के महत्व पर प्रकाश डाला। डिजिटल युग में फैक्ट चेकिंग की दुनिया में डेटा मैनिपुलेशन का महत्व दिनोंदिन बढ़ता जा रहा है।

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    सत्र के अंत में, शामिल हुए सभी प्रतिभागियों ने न केवल मीडिया साक्षरता कौशल में सुधार किया, बल्कि डिजिटल धोखाधड़ी से बचने की उनकी क्षमता में एक नया आत्मविश्वास शामिल हो चुका था। ज्ञान और प्रैक्टिकल टूल्‍स से लैस ये सीनियर सिटिजंस अब अपने साथियों को डिजिटल धोखाधड़ी से बचने के लिए अपने उम्र के लोगों के बीच में जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

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