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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 19, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'कितनी देर में मरेगा...', पति पर नशीली दवाओं का नहीं हुआ असर तो बेचैन हुई पत्नी; देवर से पूछा सवाल

Published: Sat, 19 Jul 2025 05:02 PM (IST)

दिल्ली के उत्तम नगर में एक व्यक्ति की मौत के मामले में उसकी पत्नी और चचेरे भाई की संलिप्तता सामने ...और पढ़ें

देवर के प्यार में पागल पत्नी ने पति को मार डाला।
देवर के प्यार में पागल पत्नी ने पति को मार डाला।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली के उत्तम नगर इलाके में एक 36 वर्षीय व्यक्ति की मौत में उसकी पत्नी और चचेरे भाई की संलिप्तता सामने आई है। दरअसल, देवर और भाभी के बीच वॉट्सऐप चैट से यह पूरा मामला सामने आया।

पहले इसे बिजली का करंट लगने से हुई मौत बताया जा रहा था, लेकिन मृतक के सगे भाई ने दोनों के बीच हुई चैट की जानकारी पुलिस को दी, जिसमें मृतक की पत्नी और चचेरे भाई की भूमिका बताई गई। पुलिस ने मृतक की पत्नी और उसके प्रेमी यानी मृतक के चचेरे भाई को गिरफ्तार कर लिया है।

मृतक के छोटे भाई ने मामले की सच्चाई सामने लाई

पूरा मामला 12 जुलाई की रात की है, जब पत्नी ने अपने पति को ठिकाने लगा दी। कुछ दिनों बाद 16 जुलाई को इंस्टाग्राम से मिली एक चैट ने इस पूरे मामले की जांच की दिशा बदल दी। मृतक के छोटे भाई कुणाल देव ने सुष्मिता और करण के चचेरे भाई राहुल के बीच हुई एक आपत्तिजनक चैट पुलिस को दी, जिसमें हत्या की साजिश का खुलासा हुआ। 

दवाइयों का असर नहीं होने पर बेचैन हो उठी सुष्मिता 

चैट से पता चलता है कि आरोपी पत्नी ने 12 जुलाई की रात को करण के खाने में 15 नींद की गोलियां मिला दी थी, ताकि ओवरडोज के चलते उसकी मौत हो जाए। जब इन गोलियों का असर तुरंत नहीं हुआ तो सुष्मिता को बेचैनी होने लगी। इसके बाद उसने राहुल से इस संबंध में चैट की।

सुष्मिता ने राहुल को लिखा- एक बार देख लो कि दवा लेने के बाद मरने में कितना समय लगता है। उसे खाना खाए तीन घंटे हो गए हैं। न उल्टी हुई, न पॉटी, कुछ नहीं, और न ही मर रहा है। तो फिर हमें क्या करना चाहिए, कुछ बताओ।

राहुल ने जवाब दिया- अगर कुछ नहीं समझ आ रहा है तो उसे बिजली का झटका दो।

बातचीत जारी रही और सुष्मिता ने पूछा- उसे इलेक्ट्रिक शॉक देने के लिए कैसे बांधा जाए?

राहुल- टेप के साथ।

सुष्मिता- वह बहुत धीरे-धीरे सांस ले रहा है।

राहुल- जितनी दवाइयां तुम्हारे पास हैं, उसे दे दो।

सुष्मिता- मैं उसका मुंह नहीं खोल सकती। मैं पानी तो डाल सकती हूं, पर दवा नहीं दे सकती। तुम इधर आओ, शायद हम सब मिलकर उसे दवा खिला सकें।

मौत को दुर्घटना साबित करना चाहता था

पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने करण को बेहोश करने के बाद उसे बिजली का झटका देकर उसकी मौत को दुर्घटना साबित करने की कोशिश की। जब नींद की गोलियों से तुरंत बेहोशी नहीं आई, तो उन्होंने बेहोशी की हालत में ही उसकी उंगली में करंट लगाकर उसे बिजली का झटका देने का फैसला किया। वे उसकी मौत का कारण घर में हुई बिजली का झटका बताना चाहते थे।

दोनों ने अपना गुनाह कबूल कर लिया

पति की हत्या के बाद सुष्मिता कथित तौर पर पास ही स्थित अपने ससुराल गई और बताया कि करण को बिजली का झटका लगा है। परिवार वाले उसे तुरंत अस्पताल ले गए, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। उस समय, पीड़ित के पिता और चचेरे भाई (आरोपी राहुल) ने पोस्टमार्टम पर आपत्ति जताई थी। विरोध के बावजूद पुलिस ने युवक की संदेह परिस्थिति में मौत के चलते पोस्टमार्टम करने का फैसला किया। दोनों से पूछताछ और चैट देखने के बाद मामला दर्ज कर लिया गया। बताया जा रहा है कि पूछताछ के दौरान दोनों ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है।

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