Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    फिल्मी स्टाइल में तीन साल के मासूम का अपहरण, 40 घंटे में पुलिस ने मामला सुलझाया; चार आरोपी गिरफ्तार

    Updated: Wed, 12 Feb 2025 08:05 PM (IST)

    Delhi Child Kidnapping दिल्ली के खजूरी बाजार से दो साल के बच्चे के अपहरण के मामले का खुलासा हुआ है। पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है जिसमें अपहरण करवाने वाली बुजुर्ग महिला सीलमपुर का उसका रिश्तेदार और अपहरण करने वाला दंपती शामिल है। बच्चे को सकुशल बरामद कर स्वजन को सौंप दिया गया है। आरोपितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है।

    Hero Image
    Delhi Crime: तीन लाख रुपये के लालच में दो वर्ष के बच्चे का किया अपहरण, चार गिरफ्तार। फोटो जागरण

    जागरण संवाददाता, पूर्वी दिल्ली। अलीगढ़ में रहने वाली एक महिला को शादी के 15 वर्ष तक कोई संतान नहीं हुई। उस महिला की बुजुर्ग मां ने दिल्ली के सीलमपुर में रहने वाले अपने एक रिश्तेदार को बच्चे का इंतजाम करने के लिए कहा। उस रिश्तेदार ने तीन लाख रुपये में सौदा तय करके खजूरी में रहने वाली एक दंपती को किसी भी बच्चे के अपहरण का आर्डर दिया।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    उस दंपती ने बीच साप्ताहिक बाजार एक महिला के दो वर्ष के बच्चे का दिनदहाड़े अपहरण कर लिया और अलीगढ़ में बेच दिया। खजूरी थाना पुलिस ने दाे वर्ष के बच्चे के अपहरण का केस सुलझाते हुए दंपती समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। 40 घंटे में बच्चे को अलीगढ़ से सकुशल बरामद कर स्वजन को सौंप दिया है।

    पुलिस ने आरोपियों की तलाश में की छापामारी

    आरोपितों की पहचान अपहरण करवाने वाली अलीगढ़ निवासी बुजुर्ग छम्मो, सीलमपुर निवासी इसके रिश्तेदार शौकिन, अपहरण करने वाली दंपती नाहिद व इसके पति रिजवान के रूप में हुई है। बुजुर्ग की बेटी गुलबहार व दामाद शकील की तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है।

    उत्तर पूर्वी जिले के अतिरिक्त जिला पुलिस उपायुक्त संदीप लांबा ने बताया कि खजूरी निवासी व पेशे से रिक्शा चालक नईम नौ फरवरी को अपनी पत्नी नूर व दो साल के बेटे के साथ साप्ताहिक बाजार में खरीदारी करने के लिए गए थे। बाजार में उनकी पत्नी ने बच्चे को गोद से नीचे उतार दिया था। बाजार में भीड़ थी।

    पुलिस की गिरफ्त में आरोपित। जागरण

    तभी एक महिला आई और उस बच्चे को उठाकर वहां से भाग गई। पहले पीड़ित दंपती ने खुद बच्चे को ढूंढा और दस फरवरी को खजूरी थाने (delhi police) पहुंचे। मामले की गंभीरता को देखते हुए एपीसी विवेक त्यागी के नेतृत्व में थानाध्यक्ष राकेश यादव, एसआई शिवम बिष्ट, हेड कांस्टेबल शोएब की टीम बनाई।

    तीन किलोमीटर इलाके के 500 सीसीटीवी कैमरों की जांच की

    टीम ने तीन किलोमीटर क्षेत्र में लगे 500 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। बाजार के पास लगे फुटेज में अपहरण करने वाली महिला कैद मिली। एक दूसरे फुटेज में दिखा महिला ने बच्चे को एक शख्स को दे दिया है जो गाेद में लेकर उसे भाग रहा है।

    पुलिस ने क्षेत्र में फुटेज दिखाकर महिला व पुरुष की पहचान की। दोनों को उस वक्त शाहदरा रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया है जब वह अलीगढ़ के लिए ट्रेन में बैठने वाले थे। जांच में पता चला दोनों दंपती है और उन्होंने बच्चे को अलीगढ़ में बेचा है।

    उनकी निशानदेही पर पुलिस ने सीलमपुर से शौकिन को गिरफ्तार किया। उसके बताए हुए पते पर अलीगढ़ से बच्चे को बरामद किया और बुजुर्ग महिला को गिरफ्तार किया। बुजुर्ग ने कहा उसकी बेटी को संतान नहीं हो रही थी।

    वह चाहती थी बेटी के पास बच्चा हो। इसलिए तीन लाख रुपये देकर किसी के बच्चे का अपहरण करवा लिया। जिस दंपती ने अपहरण किया उसपर पहले से कोई केस नहीं है। रुपयों की जरूरत के चक्कर में पहली बार अपहरण किया।

    पीड़ित दंपती ने दो दिन तक गली-गली बच्चे को ढूंढा

    दिनदहाड़े जिस दंपती के बच्चे का अपहरण हो जाए उसपर क्या बितती है कोई अंदाजा नहीं लगा सकता। पीड़ित महिला नूर व उसके पति रोते बिलखते दो दिनों तक बच्चें की तलाश में खजूरी की गली-गली घूमे। नूर ने कहा कि वह बच्चे को गाेद में लेकर थक गई थीं।

    उन्होंने सामान खरीदने के दौरान कुछ देर के लिए बच्चे को गोद से नीचे उतारा था। तभी महिला उसका अपहरण करके ले गई। बच्चा मिलने पर उन्होंने पुलिस का शक्रिया कहा। साथ ही अपील की एक मां से उसके बच्चे को छिनने वाले आरोपितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

    यह भी पढे़ं: 1984 Sikh Riots: पूर्व कांग्रेस सांसद सज्जन कुमार दोषी करार, 40 साल बाद पीड़ितों को मिला न्याय