नई दिल्ली [संजीव गुप्ता]। दक्षिणी दिल्ली के कालकाजी एक्सटेंशन में ईडब्ल्यूएस श्रेणी के फ्लैटों के निर्माण में दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) की बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां फ्लैटों के निर्माण में तय मानकों के अनुसार काम नहीं होने पर उपराज्यपाल वीके सक्सेना भडक़ गए।

उन्होंने डीडीए के अधिकारियों को फटकार लगाते हुए जांच के आदेश दिए। जांच रिपोर्ट में भ्रष्टाचार के दोषी पाए जाने पर एलजी ने सहायक अभियंता (सिविल) और सहायक अभियंता (इलेक्ट्रिकल) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। दैनिक जागरण में सोमवार को ही इस आशय का एक समाचार प्रकाशित किया गया था।

डीडीए के इंजीनियर मेंबर धर्मेश चंद्रा गोयल की तरफ से जारी आदेश में आरोपियों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी दिए गए है। आदेश में कहा गया है कि दोनों अभियंता जांच पूरी होने तक संबंधित अधिकारी के आदेश बिना डीडीए मुख्यालय को छोडक़र नहीं कहीं नहीं जाएंगे। हालांकि दोनों को निलंबन के दौरान सभी प्रकार के भत्ते मिलते रहेंगे।

गौरतलब है कि उपराज्यपाल ने गत 11 जून को कालकाजी एक्सटेंशन में दिल्ली विकास प्राधिकारण द्वारा ईडब्ल्यूएस श्रेणी के लिए बनाए गए फ्लैटों का निरीक्षण किया था। अपने निरीक्षण के दौरान उन्होंने फ्लैटों के निर्माण को मानकों के अनुरूप नहीं पाया।

कई जगह काम आधा-अधूरा भी था। इन -सीटू (जहां झुग्गी, वहीं मकान) पुनर्वास योजना के तहत बनाए गए ईडब्ल्यूएस फ्लैटों में फिक्स्चर और फिटिंग गायब थे या फिर इस तारीख को तिथि तक स्थापित नहीं किए गए थे।

उपराज्यपाल के निर्देश पर 13 जून को इस योजना में लापरवाही बरतने वाले इंजीनियरों के खिलाफ जांच के आदेश दिए थे। डीडीए ने 17 जून को इस बाबत एक गोपनीय रिपोर्ट राजनिवास को सौंपी थी। रिपोर्ट में भ्रष्टाचार के दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित करने का निर्देश दिया।

Edited By: Pradeep Chauhan