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    Delhi Chunav: इस सीट पर सिर्फ एक बार BJP को मिली है जीत, तीन-तीन बार कांग्रेस-AAP ने किया कब्जा

    Updated: Sun, 26 Jan 2025 06:59 AM (IST)

    दिल्ली की तिमारपुर विधानसभा सीट पर आम आदमी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के बीच कड़ा मुकाबला है। इस सीट पर भाजपा को एक बार ही जीत मिली है। आप ने चुनाव से ठीक पहले भाजपा से पार्टी में शामिल हुए सुरिंदर पाल सिंह बिट्टू को उम्मीदवार बनाया है। भाजपा ने सूर्य प्रकाश खत्री को मैदान में उतारा है। कांग्रेस ने लोकेंद्र कल्याण को टिकट दिया है।

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    तिमारपुर विधानसभा सीट आप के सुरिंदर पाल सिंह बिट्टू और भाजपा के सूर्य प्रकाश खत्री के बीच कड़ा मुकाबला।

    उदय जगताप, नई दिल्ली। उत्तर पूर्व दिल्ली की तीन कोड वाली तिमारपुर विधानसभा क्षेत्र में आप और भाजपा के बीच सीधा मुकाबला है। इस सीट पर भाजपा को एक बार ही जीत का स्वाद चखने का मौका मिला है। इसके बाद यहां कभी पार्टी वापसी नहीं कर सकी। तीन बार कांग्रेस और पिछले तीन बार से आम आदमी पार्टी का तिमारपुर सीट पर कब्जा रहा है।

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    आप ने चुनाव से ऐन पहले भाजपा से पार्टी में शामिल हुए सुरिंदर पाल सिंह बिट्टू को उम्मीदवार बनाया है। वह पहले कांग्रेस में थे और 2003 और 2008 में कांग्रेस के टिकट पर तिमारपुर से विधायक भी रह चुके हैं। भाजपा ने सूर्य प्रकाश खत्री को उम्मीदवार बनाया है।

    धीरे-धीरे कार्यकर्ताओं का जीता भरोसा

    उन्होंने एक बार चुनाव लड़ा था, लेकिन सफल नहीं हो सके थे। कांग्रेस ने लोकेंद्र कल्याण को उतारा है। बिट्टू हाल में आप में आए हैं और सीधे उन्हें टिकट मिला है। ऐसे में निचले कार्यकर्ताओं को अपने पक्ष में रखना उनके लिए चुनौती है। एक आप नेता ने कहा, शुरुआत में उन्हें कार्यकर्ताओं का समर्थन हासिल करने में काफी मुश्किल हो रही थी। लेकिन, धीरे-धीरे पार्टी के नाम पर उन्होंने कार्यकर्ताओं का भरोसा जीता है।

    बिट्टू ने 2020 का विधानसभा चुनाव बीजेपी से लड़ा था

    हालांकि, अभी उनको और अधिक समर्थन की जरूरत है। 2020 विधानसभा चुनाव में बिट्टू भाजपा से लड़े थे और वह आप के दिलीप पांडेय से 24144 वोटों से हार गए थे। वह 38.13 प्रतिशत वोट हासिल कर सके थे। इस बार मैदान में उतरे भाजपा के सूर्य प्रकाश खत्री के लिए मत प्रतिशत को बढ़ाना बहुत बड़ी चुनौती है। पिछली विधानसभा में आप के दिलीप पांडेय को 57.60 प्रतिशत वोट हासिल हुए थे।

    मल्कागंज वार्ड में वंचित समुदाय की बड़ी आबादी

    भाजपा और आप के मत प्रतिशत 19 प्रतिशत का अंतर रहा था। अगर भाजपा को जीतना है तो उन्हें कम से कम 20 प्रतिशत वोट बढ़ाने होंगे। यह उनके लिए चुनौती से कम नहीं है। खत्री जाट जाति से आते हैं। जाट जाति का तिमारपुर में बहुत अधिक वोट नहीं है। जबकि मुखर्जी नगर ब्लॉक में पंजाबी समुदाय की 40 प्रतिशत तक आबादी है। बिट्टू को इनका समर्थन मिलता है तो उनको सीधा फायदा मिल सकता है। क्योंकि मल्कागंज वार्ड में वंचित समुदाय की बड़ी आबादी है। आप का अच्छा वोट बैंक है।

    तिमारपुर वार्ड में पूर्वांचल का बड़ा वोट बैंक

    हालांकि तिमारपुर वार्ड में पूर्वांचल का बड़ा वोट बैंक है। यह कमोबेश भाजपा के पक्ष में वोट करने के लिए जाना जाता है। इससे भाजपा को फायदा हो सकता है। आप से भाजपा में आईं एक कार्यकर्ता ने कहा, निचले स्तर पर लोगों का रुझान भाजपा की ओर बढ़ रहा है। यहां सीवर का काम ठीक से नहीं हुआ है। इससे लोग परेशान हैं। दूसरी ओर, कांग्रेस के लोकेंद्र कल्याण के लिए चुनाव बहुत बड़ी चुनौती है।

    पिछली बार कांग्रेस उम्मीदवार अमरलता सांगवान को 2.50 प्रतिशत ही वोट मिले थे। उनके मत प्रतिशत में 9 प्रतिशत की गिरावट आई थी। कांग्रेस के लिए पहले यह 9 प्रतिशत वोट वापस हासिल करना होगा। अगर कांग्रेस ऐसा कर पाती है तो मुकाबला और भी रोचक हो जाएगा। जीत का ऊंट किस करवट बैठेगा यह तो आठ फरवरी को ही पता लगेगा।

    किसका कब रहा कब्जा

    तिमारपुर विधानसभा में 1993 में भाजपा के राजेंद्र गुप्ता चुनाव जीते थे। 1998 में कांग्रेस के जगदीश आनंद जीते थे। फिर 2003 और 08 में सुरिंदर पाल सिंह बिट्टू विजेता रहे। 2013 में आप से हरीश खन्ना और 2015 में पंकज पुष्कर और 2020 में दिलीप पांडेय विधायक रह चुके हैं।

    तीनों दलों के उम्मीदवार

    आप सुरिंदर पाल सिंह बिट्टू
    भाजपा सूर्य प्रकाश खत्री
    कांग्रेस लोकेंद्र कल्याण

    तिमारपुर सीट पर मतदाता

    कुल मतदाता 216131
    पुरुष 115880
    महिला 100217
    थर्ड जेंडर 34

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