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    Delhi News: तीन साल के देवांश की मेमोरी कर देगी हैरान,195 देशों के नाम कंठस्थ, इंडिया बुक आफ रिकार्ड में चयन

    By Shipra SumanEdited By: Pradeep Kumar Chauhan
    Updated: Thu, 20 Oct 2022 08:30 PM (IST)

    Delhi News देवांश को करीब 50 विज्ञानियों और उनके आविष्कार भी याद हैं जिसे वह धड़ल्ले से बताता है। उसे सभी भारतीय राज्यों के नाम उनकी राजधानियों के साथ याद हैं। महज तीन साल की उम्र में वह भारतीय भौगोलिक पहेली को चुटकियों में हल कर देता है।

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    Delhi News: देवांश को भारत के पड़ोसी देश और सीमा से लगे हुए वाटर बाडिज के बारे में पता है।

    नई दिल्ली [शिप्रा सुमन]। जिस उम्र में बच्चे ठीक से बोल नहीं पाते उस आयु में रोहिणी के देवांश केसरी अपनी स्मरण शक्ति लोगों को प्रभावित कर रहा है। उनकी इस प्रतिभा के लिए इंडिया बुक आफ रिकार्ड के लिए चयनित किया गया है। महज तीन साल की उम्र में देवांश को दुनिया के 195 देशों के नाम कंठस्थ हैं। वह उन देशों के राष्ट्रीय झंडे को भी झट से पहचान लेता है।

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    यह तो सिर्फ एक उदाहरण है, देवांश को वह सब चीजों की भी जानकारी है जिसे हाई स्कूल के बच्चे भी ठीक से याद नहीं कर पाते। देवांश को करीब 50 विज्ञानियों और उनके आविष्कार भी याद हैं जिसे वह धड़ल्ले से बताता है। उसे सभी भारतीय राज्यों के नाम उनकी राजधानियों के साथ याद हैं। महज तीन साल की उम्र में वह भारतीय भौगोलिक पहेली को चुटकियों में हल कर देता है जो अपने आप में एक उपलब्धि है।

    बहन की स्पीच को सुनकर किया कंठस्थ 

    देवांश के पिता ज्ञान प्रकाश ने बताया कि दो वर्ष की आयु में ही उन्हें उसकी प्रतिभा का अंदाजा हो गया था। उन्होंने बताया कि देवांश की बहन ने स्कूल के कार्यक्रम के लिए स्पीच तैयार की जो कक्षा छह की छात्रा है। देवांश ने उसे अभ्यास करते हुए सुना और पूरी स्पीच याद कर ली। उस दौरान उसकी आयु दो वर्ष नौ महीने की थी। माता-पिता ने रात के समय उसे पूरी स्पीच को बोलते हुए सुना। यह स्पीच चार पन्नों की थी। स्पीच में लिखे गए सभी शब्दों को भी हूबहू याद कर लिया। इस तरह उसकी स्मरण शक्ति और प्रतिभा की पहचान हुई। उन्होंने बताया अभी उसकी उम्र तीन साल छह महीने है।

    यह सब भी है कंठस्थ 

    देवांश को भारत के पड़ोसी देश और सीमा से लगे हुए वाटर बाडिज के बारे में पता है। सिर्फ फूल के नाम ही नहीं बल्कि उसे उनके वैज्ञानिक नाम भी अच्छी तरह से याद है। देवांश को 16 तरह के आकार, 15 रंग, 20 फूल, 20 फल, 20 घरेलू और पालतू जानवर और 20 जंगली जानवर, 21 पक्षी, 24 समुद्री जीव, 24 कीट, सरीसृप और उभयचर के नाम कंठस्थ हैं। उसे 16 तरह के वाहनों और 12 ऐतिहासिक जगहों की भी जानकारी है। देश के 16 महापुरुषों, सभी ग्रहों और सभी तरह वाद्ययंत्र के नाम भी पता हैं।

    प्रतिभा से बनाया रिकार्ड 

    रोहिणी सेक्टर 21 के निवासी देवांश को इंडिया बुक आफ रिकार्ड्स के तहत सराहना मिली और उसकी प्रतिभा के लिए सम्मानित करने का फैसला लिया गया। देवांश के पिता ने बताया कि 'इंडिया बुक आफ रिकार्ड्स' के संपादकीय बोर्ड की ओर से उन्हें यह जानकारी दी गई है कि देवांश का नाम रिकार्ड के लिए चुन लिया गया है और जल्द ही उसे सर्टिफिकेट दिया जाएगा।

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