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    दिल्ली में बाइक टैक्सी सर्विस बैन, Swiggy के डिलीवरी बॉय का कटा 15 हजार का चालान; कंपनी ने सरकार को लिखा पत्र

    By AgencyEdited By: Shyamji Tiwari
    Updated: Wed, 01 Mar 2023 06:36 PM (IST)

    दिल्ली में बाइक ट्रैक्सी के प्रतिबंध के बाद फूड डिलीवरी करने वाले ऐप के बाइक सवारों के चालान हो रहे हैं। Swiggy के एक डिलीवरी बॉय का 15 हजार रुपये का चालान कट गया। अब कंपनी ने दिल्ली सरकार को पत्र लिखा है।

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    दिल्ली में बाइक टैक्सी सर्विस बैन, Swiggy के डिलीवरी बॉय का कटा 15 हजार का चालान

    नई दिल्ली, पीटीआई। फूड डिलीवरी करने वाले ऐप Swiggy और Zomato ने दिल्ली सरकार से उनके दोपहिया वाहनों के चालान काटे जाने पर शिकायत की है। दिल्ली में अरविंद केजरीवाल सरकार ने बाइक टैक्सी सर्विस पर प्रतिबंध लगा दिया है। बाइक टैक्सी पर प्रतिबंध के बीच फूड की डिलीवरी करने वाले स्विगी और जोमैटो के दोपहिया वाहनों के चालान काटने की बात सामने आई है।

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    दिल्ली सरकार से मांगा स्पष्टीकरण

    अब फूड डिलीवरी करने वाले प्लेटफॉर्म्स ने इस निर्देश पर दिल्ली सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही दावा किया गया है कि बाइक टैक्सी सर्विस के बैन पर जारी नोटिस की गलत व्याख्या की गई है। स्विगी ने सरकार को लिखे पत्र में कहा है कि बाइक टैक्सी सेवाओं पर प्रतिबंध की आड़ में फूड डिलीवरी करने वालों पर 15,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा रहा है।

    नियमों में बदलाव से व्यवधान

    स्विगी के एक प्रवक्ता ने कहा, "दिल्ली में बाइक टैक्सी सर्विस के नियमों में हाल के बदलावों ने फूड डिलीवरी एग्रीगेटर्स के लिए व्यवधान पैदा किया है। केवल बाइक टैक्सी सर्विस प्रोवाइडर पर लागू होने के बावजूद हमारे डिलीवरी बॉय के गलत तरीके से चालान जारी किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि डिलीवरी बॉय को जारी किए गए कुछ चालान 15,000 रुपये से अधिक के हैं।

    फूड डिलीवरी करने वालों में डर 

    आगे बताया गया कि इसने हमारे डिलीवरी अधिकारियों के बीच डर और आशंका पैदा कर दी है। प्रवक्ता ने कहा, "हम सरकार के निर्देश पर स्पष्टता के लिए अधिकारियों के साथ मिलकर काम करना जारी रखते हैं। मामले पर स्पष्टीकरण की मांग करते हुए, ज़ोमैटो ने दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग को लिखे पत्र में कहा है कि आरटीओ अधिकारियों द्वारा अधिसूचना की गलत व्याख्या की गई है।

    उन्होंने मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा, "इससे सेवाओं में व्यवधान पैदा हुआ है और डिलीवरी करने वाले एग्रीगेटर्स के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है, जो अब अपनी सेवा प्रदान करने से आशंकित हैं और उन्हें दंडित किए जाने और ड्यूटी के दौरान परेशान किए जाने का डर है।"