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    Delhi Bike Taxi: दिल्ली की सड़कों पर जल्द दौड़ेगी बाइक टैक्सी! सरकार कर रही राइड एग्रीगेटर नीति पर विचार

    By Edited By: Abhi Malviya
    Updated: Thu, 23 Feb 2023 04:21 PM (IST)

    दिल्ली में जल्द ही एग्रीगेटर नीति लागू होने जा रही है। बगैर अनुमति के चल रही एप आधारित बाइक टैक्सी पर प्रतिबंध लगा दिए जाने के बाद दिल्ली सरकार ने इस नीति को जल्द जमीन पर उतारने के लिए परिवहन विभाग से कहा है।

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    दिल्ली में जल्द ही एग्रीगेटर नीति लागू होने जा रही है।

    नई दिल्ली, राज्य ब्यूरो। दिल्ली में जल्द ही एग्रीगेटर नीति लागू होने जा रही है। बगैर अनुमति के चल रही एप आधारित बाइक टैक्सी पर प्रतिबंध लगा दिए जाने के बाद दिल्ली सरकार ने इस नीति को जल्द जमीन पर उतारने के लिए परिवहन विभाग से कहा है। सरकार चाहती है कि इस नीति को लागू करके दुपहिया और कार टैक्सी को अपने दायरे में लाकर सरकार के नियमों के तहत इन्हें चलाने की अनुमति दी जा सके। इससे अवैध रूप से चल रही दुपहिया टैक्सी सेवा को बंद करने के बाद कानूनी तौर पर स्वीकृत दुपहिया टैक्सी सेवा को शुरू किया जा सके।

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    जानें इस नीति के बारे में सबकुछ

    दिल्ली सरकार ने वायु प्रदूषण से निपटने की पहल करते हुए मोटर वाहन एग्रीगेटर्स स्कीम 2021 को लागू करने की तैयारी की है। सरकार का प्रयास था कि इस साल के शुरुआती महीनों में इसे लागू कर दिया जाए, मगर अवैध रूप से चल रही बाइक टैक्सी को बंद कर देने के बाद सरकार इस नीति को लेकर और गंभीर हो गई है। परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने इस नीति को जमीन पर उतारने के लिए कागजी कार्यवाही शीघ्र पूरी करने के लिए परिवहन विभाग से कहा है।

    नीति के तहत जहां इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दिया जाएगा, वहीं ओला-उबर जैसी कंपनियों पर नकेल भी कसी जा सकेगी। ऐसी कंपनियों से संबंधित चालक सवारियों से अधिक पैसा वसूलते हैं या ठीक से पेश नहीं आते हैं तो संबंधित चालकों और कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकेगी। कैलाश गहलोत ने बताया कि दिल्ली जल्द ही शहर में यात्री व माल की परिवहन और वितरण सेवाएं प्रदान करने वाले एग्रीगेटर्स के लिए नीति लागू करने वाला भारत का पहला राज्य बन जाएगा। वाहन बेड़े को 100 प्रतिशत इलेक्ट्रिक बनाने पर ध्यान दिया जाएगा।

    नीति के तहत अब राइड एग्रीगेटर्स यानी ओला-उबर और डिलीवरी सेवा प्रदाताओं को अपने वाहनों के नए बेड़े में अनिवार्य रूप से इलेक्ट्रिक वाहनों को शामिल करना होगा। इस नीति के अनुसार, राइड एग्रीगेटर्स और डिलीवरी सेवाओं (खाद्य वितरण, ई-कामर्स लाजिस्टिक्स प्रदाता व कोरियर) को अगले तीन महीने (अधिसूचना की तारीख से) में सभी नए दोपहिया वाहनों में से 10 प्रतिशत और सभी नए चार पहिया वाहनों में से पांच प्रतिशत वाहन इलेक्ट्रिक के सुनिश्चित करने होंगे। विभाग ने पहले इस नीति में दोपहिया के लिए वाहनों को धीरे-धीरे इलेक्ट्रिक में बदलने की छूट दी थी मगर अब विभाग की योजना है कि बाइक टैक्सी में केवल इलेक्ट्रिक वाहनों को ही शामिल किया जाएगा।

    नीति की विशेषताएं-

    • - कम से कम 50 वाहनों (बसों को छोड़कर) वाले सभी एग्रीगेटर्स को परिवहन विभाग से वार्षिक, नवीनीकरण लाइसेंस लेना होगा।
    • - सभी चालक और उनके वाहनों का पंजीकरण अनिवार्य होगा।
    • - एग्रीगेटर कंपनियां किराया वसूलने में मनमानी नहीं कर सकेंगी।
    • - एग्रीगेटर को सभी चालकों और वाहनों की रियल टाइम, ट्रिप रूट और पैनिक बटन की स्थिति की निगरानी के लिए चौबीसों घंटे कमांड एंड कंट्रोल सेंटर संचालित करना होगा।
    • - एग्रीगेटर एक महीने में 15 प्रतिशत या इससे अधिक शिकायतों वाले ड्राइवरों के खिलाफ उचित कार्रवाई करेगा।
    • - एक वर्ष की अवधि में 3.5 से कम रेटिंग वाले ड्राइवरों को प्रशिक्षण और सुधारात्मक उपाय करने होंगे।
    • - ऐसे ड्राइवरों के प्रदर्शन की निगरानी एग्रीगेटर और परिवहन विभाग द्वारा की जाएगी।
    • - प्रदर्शन सुधरता नहीं है तो परिवहन विभाग उनके वाहन बैज को समाप्त कर देगा।
    • - वाहन आठ वर्ष से अधिक पुराने नहीं होने चाहिए और उनमें एग्रीगेटर लोगो होना चाहिए।