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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 16, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

उज्बेकिस्तान के बच्चे का हुआ सफल ऑपरेशन; इलाज करने वाली टीम को मिल रही शाबाशी; अस्पताल ने रचा इतिहास

Published: Thu, 16 Jan 2025 04:44 PM (IST)

फोर्टिस एस्कॉर्ट्स अस्पताल नई दिल्ली ने एक छह वर्षीय उज्बेकिस्तान के बच्चे का सफलतापूर्वक इलाज किया जिसके दोनों गुर्दे में ...और पढ़ें

Delhi Hospital: विल्म्स ट्यूमर पीड़ित बच्चे की किडनी निकाल वापस किया प्रत्यारोपण। फाइल फोटो
Delhi Hospital: विल्म्स ट्यूमर पीड़ित बच्चे की किडनी निकाल वापस किया प्रत्यारोपण। फाइल फोटो

HighLights

  1. विल्म्स ट्यूमर से पीड़ित बच्चे का सफल इलाज।
  2. देश में पहली बार इस तरह की सर्जरी-अस्पताल का दावा।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। ओखला स्थित फोर्टिस एस्कॉर्ट्स अस्पताल (Fortis Escorts Hospital) ने विल्म्स ट्यूमर (Wilms tumor) से पीड़ित बच्चे की किडनी निकाल करसफल उपचार किया है। उज्बेकिस्तान के रहने वाले इस छह वर्षीय बच्चे का सफल उपचार किया है।

अस्पताल ने दावा किया है कि देश में पहली बार इस तरह की सर्जरी की गई है। सर्जरी लैप्रोस्कोपिक तकनीक से की है। डायरेक्टर आफ यूरोलॉजी एंड किडनी ट्रांसप्लांट डा. परेश जैन ने कहा कि बच्चे के दोनों गुर्दों (किडनी) में ट्यूमर था।

बाएं गुर्दे पर हुआ कैंसर का ज्यादा असर

उज्बेकिस्तान में उसकी कीमोथेरेपी चल रही थी। लेकिन बाएं गुर्दे पर कैंसर का ज्यादा असर हुआ था, और ट्यूमर को पूरी तरह से निकालते समय गुर्दे को भी नुकसान का जोखिम काफी था। इसके अलावा, कैंसर की वजह से लिंफ नोड्स भी आकार में बढ़ गए थे, जो कि शरीर के इम्यून सिस्टम के लिए महत्वपूर्ण होते हैं।

दाएं गुर्दे के प्रभावित भाग को हटाने के लिए अगस्त 2024 में सर्जरी की थी। उसके बाद बाएं किडनी को शरीर से बाहर निकल कर उसे कैंसर युक्त ट्यूमर को हटाया और फिर वापस प्रत्यारोपित कर दिया।

दुनियाभर में इस प्रकार के केवल 16 मामले ही दर्ज 

डॉ. परेश जैन ने दावा किया कि दुनियाभर में इस प्रकार के केवल 16 मामले ही दर्ज किए गए हैं और भारत में इससे पहले ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया था। उन्होंने कहा कि इस विशेष किस्म की सर्जरी का मकसद था कि मरीज की मां को किडनी डोनेशन न करना पड़े।

सफदरजंग अस्पताल में एक नए केंद्रीय औषधालय की शुरुआत

सफदरजंग अस्पताल (Safdarjung Hospital) में एक नए केंद्रीय औषधालय की शुरुआत की गई है। इससे सीजीएचएस के लाभार्थी मरीजों के इलाज और दवाएं मिलने में सुविधा होगी। अस्पताल में पहले ऐसी एक डिस्पेंसरी (औषधालय) पहले से मौजूद है लेकिन मरीजों के लिए सुविधाएं कम पड़ रही थी।

इसके मद्देनजर हाल ही में एक एक नए औषधालय की शुरुआत की गई है। इसे खास तौर पर सुपर स्पेशियलिटी, हेमेटोलाजी, मेडिकल आंकोलॉजी व स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर के मरीजों के इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीजों को ध्यान में रखकर शुरू किया गया है। इससे सीजीएचएस के गंभीर मरीजों को आसानी से दवाएं मिल सकेगी।