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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 17, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के कई शहरों की समस्या बना स्माग

By Jp YadavEdited By:
Published: Fri, 17 Dec 2021 08:07 AM (IST)Updated: Fri, 17 Dec 2021 08:57 AM (IST)

सेंटर फार साइंस एंड एन्वायरनमेंट (सीएसई) के नए विश्लेषण में पाया गया है कि सर्दियों में जब प्रदूषण बढ़ता है ...और पढ़ें

Delhi-NCR Smog: दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के कई शहरों की समस्या बना स्माग
Delhi-NCR Smog: दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के कई शहरों की समस्या बना स्माग

नई दिल्ली [संजीव गुप्ता]। शीतकालीन धुंध और साथ में गंभीर वायु प्रदूषण ऐसी समस्या है जो आमतौर पर दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र से जुड़ी हैं, लेकिन सेंटर फार साइंस एंड एन्वायरनमेंट (सीएसई) के नए विश्लेषण में पाया गया है कि सर्दियों में जब प्रदूषण बढ़ता है तो पूरे उत्तर भारत में स्माग देखने को मिलता है। इस विश्लेषण ने छह राज्यों के 56 शहरों में फैले 137 एयर क्वालिटी मानिटरिंग स्टेशनों को कवर किया है। विश्लेषण के मुताबिक गाजियाबाद उत्तर भारत में सर्वाधिक प्रदूषित शहर है। दिल्ली, मुरादाबाद, नोएडा, फरीदाबाद और गुरुग्राम इसके बाद के नंबर पर हैं।

सीएसई ने एक जनवरी 2019 से 30 नवंबर 2021 तक पीएम 2.5 डेटा का विश्लेषण किया। इसमें यह भी सामने आया कि शुरुआती सर्दियों के दौरान छोटे शहरों में पीएम 2.5 का स्तर दिल्ली में स्माग एपिसोड के दौरान रिपोर्ट की गई एकाग्रता से अधिक हो सकता है। गाजियाबाद में पीएम 2.5 का औसत स्तर 360 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया, जबकि वार्षिक औसत स्तर 110 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर था, जो उत्तर भारत में सबसे अधिक था। दिल्ली का वार्षिक औसत पीएम 2.5 स्तर 97 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर जबकि साप्ताहिक स्तर 270 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर था।

मुरादाबाद, नोएडा, फरीदाबाद और गुरुग्राम ने अपना औसत साप्ताहिक स्तर क्रमश: 96 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर, 92 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर, 89 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर और 88 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर दर्ज किया। चंडीगढ़ में सबसे कम सप्ताह का औसत स्तर (60 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर) दर्ज किया गया। अजमेर (79), पंचकुला (86), उदयपुर (95) और भ¨टडा (97) ने भी अपना साप्ताहिक औसत पीएम 2.5 स्तर 100 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर से नीचे दर्ज किया।

सीएसई ने कहा कि अधिकांश छोटे शहरों में वार्षिक औसत पीएम 2.5 का स्तर काफी कम है, लेकिन शुरुआती सर्दियों के दौरान, जब पूरा क्षेत्र स्माग की चपेट में आ जाता है तो छोटे शहरों का स्तर दिल्ली के बराबर होता है। उदाहरण के लिए वृंदावन, आगरा और फिरोजाबाद जैसे छोटे शहरों में दिल्ली की तुलना में पीएम 2.5 की तुलना में कम वार्षिक औसत है। लेकिन इस साल की शुरुआत में उनका साप्ताहिक औसत पीएम 2.5 का स्तर राष्ट्रीय राजधानी के स्तर से अधिक था।

दिल्ली और आगरा का वार्षिक औसत स्तर क्रमश: 97 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर और 78 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर है। लेकिन इस साल की शुरुआत में, आगरा में साप्ताहिक औसत पीएम 2.5 का स्तर 282 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर था, जो दिल्ली के 270 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर से पांच प्रतिशत अधिक था।