एक बार फिर मुश्किल में सिसोदिया, सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप; एलजी ने दिया केस दर्ज करने का आदेश
दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने मनीष सिसोदिया के खिलाफ सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोप में आपराधिक मामला दर्ज करने का आदेश दिया है। आरोप है कि सिसोदिया ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बावजूद विज्ञापन जारी कर सरकारी खजाने का दुरुपयोग किया। एलजी ने आप से विज्ञापन एजेंसियों को जारी की गई राशि वसूलने का निर्देश दिया है।
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। एलजी वीके सक्सेना ने दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने का आदेश दिया है। उन पर सरकारी खजाने का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया गया है।
आरोप है कि सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के बावजूद आम आदमी पार्टी ने दिल्ली सरकार के खजाने से विज्ञापन जारी किए और दुष्प्रचार करने की कोशिश की। इसे राजनीतिक दल के फायदे के लिए सार्वजनिक संसाधनों का इस्तेमाल माना गया है।
एलजी ने ऐसे सभी मामलों में विज्ञापन एजेंसियों को जारी की गई राशि आम आदमी पार्टी से वसूलने का भी निर्देश दिया है। इस संबंध में एलजी ने दिल्ली के मुख्य सचिव धर्मेंद्र कुमार को निर्देश दिया है कि वे दूसरे राज्यों में जारी विज्ञापनों के लिए दिल्ली सरकार द्वारा विज्ञापन एजेंसियों को जारी की गई राशि आम आदमी पार्टी से वसूलें।
एलजी ने सभी विभागों को एक एडवाइजरी जारी करने का भी निर्देश दिया है ताकि सभी निर्धारित वित्तीय नियमों और प्रक्रियाओं का सख्ती से पालन किया जाए। उन्होंने कहा कि बड़े भुगतान की प्रक्रिया जारी करने से पहले पूरी सावधानी बरतना जरूरी है ताकि किसी तरह की अनियमितता या सरकारी खजाने को नुकसान न हो।
सुप्रीम कोर्ट ने दिया था आदेश
दरअसल, मई 2015 में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और सभी राज्य सरकारों को आदेश दिया था कि वे किसी भी सरकारी अधिकारी या राजनीतिक दल का प्रचार करने वाले विज्ञापनों में जनता के पैसे का इस्तेमाल बंद करें। इसके बाद अप्रैल 2016 में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने तीन सदस्यीय समिति का गठन किया था, ताकि विज्ञापनों की विषय-वस्तु पर नियंत्रण रखा जा सके और सरकार के राजस्व घाटे को रोका जा सके।
कांग्रेस नेता अजय माकन ने की थी शिकायत
कांग्रेस नेता अजय माकन ने भी एलजी से शिकायत कर दिल्ली और दूसरे राज्यों में आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा जारी किए गए विज्ञापनों की जांच की मांग की थी। उन्होंने अपनी शिकायत में कहा था कि दिल्ली सरकार के कुछ विज्ञापन सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का खुला उल्लंघन हैं।
इसके बाद कमेटी ने दिल्ली सरकार के सूचना एवं प्रचार निदेशालय को निर्देश दिया था कि वह ऐसे विज्ञापनों पर खर्च की गई रकम का आकलन कर उसे आम आदमी पार्टी से वसूले।
वसूली का नोटिस भी हुआ था जारी
दिल्ली सरकार के सूचना एवं प्रचार निदेशालय के अधिकारियों के अनुसार, आम आदमी पार्टी ने दूसरे राज्यों के लिए जारी विज्ञापनों में 97.4 करोड़ रुपये की राशि खर्च की थी, जो सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन था। आम आदमी पार्टी को जनवरी 2023 में जुर्माना और ब्याज सहित कुल 163.62 करोड़ रुपये वसूलने का नोटिस जारी किया गया था।
एलजी वीके सक्सेना ने मुख्य सचिव को बताया कि दिल्ली सरकार ने आम आदमी पार्टी का महिमामंडन करने के उद्देश्य से विज्ञापन जारी करके सरकारी खजाने में बड़ी राशि खर्च की है और मनीष सिसोदिया ने इन भुगतानों के लिए वैध निर्देश जारी किए थे।
आम आदमी पार्टी ने दी तीखी प्रतिक्रिया
इस संबंध में आम आदमी पार्टी ने कहा है कि भाजपा सरकार असली सरकार चलाने में असमर्थ है और मनीष सिसोदिया और पार्टी पदाधिकारियों के खिलाफ एक के बाद एक फर्जी मामले दर्ज कर रही है। भाजपा के पास अगले 5 साल के लिए आम आदमी पार्टी को परेशान करने के अलावा कोई एजेंडा नहीं है।
हाल ही में भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने दिल्ली के सरकारी स्कूलों में नए क्लासरूम के निर्माण में घोटाले के मामले में मनीष सिसोदिया और तत्कालीन लोक निर्माण विभाग मंत्री सत्येंद्र जैन के खिलाफ मामला भी दर्ज किया है।
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