नई दिल्ली, जागरण डिजिटल डेस्क। दिल्ली के छत्तरपुर इलाके में मुंबई की श्रद्धा वालकर की हत्या को लेकर गुजरते दिन के साथ हर रोज चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। श्रद्धा की हत्या का आरोपित लिव इन पार्टनर आफताब अमीन पूनावाला दिल्ली पुलिस की हिरासत में हैं। दिल्ली की साकेत कोर्ट ने गुरुवार को आफताब की रिमांड अवधि को पांच दिनों के लिए और बढ़ा दिया, लेकिन पुलिस को अब तक उसके खिलाफ कोई पक्के सबूत नहीं मिल सका है।

दिल्ली पुलिस का कहना है कि आफताब ने 18 मई 2022 को श्रद्धा की हत्या के बाद शव के 35 टुकड़े किए और दिल्ली के अलग अलग ठिकानों पर फेंक दिए। महरौली के जंगल में पुलिस को कुछ टुकड़े मिले, जिनकी डीएनए जांच होगी। महरौली के बाद 18 नवंबर को दिल्ली पुलिस की टीम आफताब को लेकर गुरुग्राम के जंगल गई। हालांकि, इन सब के बावजूद श्रद्धा का कटा सिर पुलिस के हाथ नहीं लग सका है। दिल्ली की साकेत कोर्ट ने दिल्ली पुलिस के अनुरोध पर 16 नवंबर को आफताब  के नार्को टेस्ट को मंजूरी दी है। 

घूमने-फिरने की शौकीन थी श्रद्धा 

श्रद्धा की हत्या की खबर से उनके दोस्त स्तब्ध हैं। मूलरूप से महाराष्ट्र के पालघर की रहने वाली श्रद्धा अपने परिवार के साथ मुंबई के वसई में रहती थी। वह घूमने-फिरने की हमेशा से शौकीन थी। दोस्तों के साथ अक्सर महाराष्ट्र के पहाड़ी इलाकों में ट्रैकिंग के लिए जाया करती थी। मई में हत्या से ठीक पहले वह आफताब के साथ हिमाचल प्रदेश गई थी।

साल 2018 में आफताब-श्रद्धा की हुई दोस्ती

श्रद्धा के पुराने दोस्त लक्ष्मण नादिर ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया कि उन्हें 2019 में श्रद्धा ने आफताब के बारे में बताया था। दोनों साल 2018 में एक डेटिंग ऐप पर मिले और दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। श्रद्धा अपने रिलेशनशिप को लेकर काफी ओपन थी। उसने अपने माता-पिता को भी आफताब के बारे में बताया था।

मां-बाप ने बेटी को दी बॉयफ्रेंड से दूर रहने की हिदायत

माता-पिता ने बेटी को आफताब से दूर रहने की हिदायत दी। मां ने कहा कि आफताब दूसरे धर्म का लड़का है और इसलिए दोनों का एक साथ भविष्य नहीं है। तक तक श्रद्धा और आफताब बेहद करीब आ चुके थे। श्रद्धा ने घरवालों से कहा कि वह अब 25 साल की है। इस लिहाज से उसे अपने फैसले लेने का हक है। इतना कहकर वह घर से निकल पड़ी।

घर छोड़ने के बाद लिव इन में रहने लगे कपल

ये पूरी घटना साल 2019 की है। श्रद्धा कॉल सेंटर में काम करती थी। तो वहीं आफताब ने होटल मैनेजमेंट की पढ़ाई की है। वह बतौर फूड ब्लॉगर काम कर रहा था। घर छोड़ने के बाद दोनों लिव-इन में रहने लगे। समय बीतता गया। दोनों एक साथ भारत के अलग-अलग हिस्सों में घूमने फिरने के लिए जाते थे।

कुछ महीने बाद ही हिंसक हो गया आफताब

वक्त बीतने के साथ आफताब और श्रद्धा के बीच मतभेद होने लगे। आफताब श्रद्धा के साथ मारपीट करने लगा। श्रद्धा के दोस्त राहुल राय ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया कि श्रद्धा उन्हें अक्सर बताती थी कि आफताब उसके साथ बेरहमी से पेश आता है। एक बार तो हालात इस कदर बिगड़े की आधी रात में श्रद्धा को अपने दोस्तों से मदद मांगनी पड़ी। तब श्रद्धा ने दोस्तों से कहा था कि आफताब इतने गुस्से में है कि वह उसे मार देगा। इसके बाद आधी रात में श्रद्धा के दोस्त उसे बाहर ले गए।

गुजरते वक्त के साथ बद्तर हो गए हालात

राहुल ने बताया कि साल 2020 में श्रद्धा मदद के लिए हमारे पास पहुंची और कहा कि आफताब ने उसकी पिटाई की है। तब श्रद्धा ने आफताब की पुलिस में शिकायत करने से मना कर दिया और कहा कि रिश्ते में ऐसी चीजें होती रहती हैं। पुलिस ने जब उसे पूछताछ के लिए बुलाया तो श्रद्धा ने बताया कि उसे डर है कि आफताब उसे मार डालेगा क्योंकि वह कई बार उसे मारने की कोशिश कर चुका है।

सिगरेट से श्रद्धा को जलाता था आफताब

श्रद्धा ने अपने दोस्तों को बताया था कि आफताब ने एक बार उसे कमरे में बंद कर दिया। उसका एक और लड़की के साथ अफेयर भी था। दूसरी लड़कियों से बात करना उसकी आदत में शुमार था। इतना ही नहीं, आफताब ड्रग्स भी लेता था, जिसको लेकर श्रद्धा ने कई बार उसे मना भी किया था। श्रद्धा ने अपने कुछ करीबी दोस्तों को बताया कि कैसे आफताब उसे प्रताड़ित कर रहा था। उसने अपनी पीठ पर सिगरेट से जलाने के निशान भी दिखाए थे।

दोस्तों के कहने पर आफताब ने श्रद्धा से मांगी थी माफी

आफताब श्रद्धा को हमेशा ब्लैकमेल करता और जान से मारने की धमकी देने के साथ साथ आत्महत्या करने की धमकी भी देता था। श्रद्धा अपने दोस्तों से काफी बातें किया करती थी, लेकिन धीरे-धीरे वह शांत रहने लगी। श्रद्धा के दोस्तों ने आफताब को एक बार चेतावनी भी दी थी जिसके बाद आफताब ने माफी मांगते हुए वादा किया था कि वह आगे से ऐसा नहीं करेगा। 

मां की मौत पर घर नहीं गई श्रद्धा

साल 2019 में मां की मौत पर भी श्रद्धा अपने घर नहीं लौटी। पिता और भाई सोशल मीडिया के जरिए श्रद्धा का अपडेट लेते रहते थे। श्रद्धा के पिता ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया कि आखिरी बार 2021 में उन्होंने श्रद्धा से बात की थी। पिता ने लिव-इन पार्टनर आफताब के बारे में बेटी से बात करने की कोशिश कि लेकिन उसने ज्यादा कुछ नहीं बताया। श्रद्धा के पिता को ये भी नहीं पता था कि उनकी बेटी कहां है। उन्हें लगा कि वह बेंगलुरु में थी। श्रद्धा दिल्ली में कब शिफ्ट हुई इसकी किसी को जानकारी नहीं थी। 

श्रद्धा का अपडेट नहीं मिलने पर पुलिस से मांगी मदद

श्रद्धा के दोस्त लक्ष्मण ने बताया कि मौत से दो महीने पहले श्रद्धा ने मुझसे संपर्क किया था। 2022 अगस्त के बाद से श्रद्धा ने किसी के भी मैसेज का जवाब नहीं दिया। उसका फोन भी स्विच ऑफ था। दोस्तों ने इसकी जानकारी श्रद्धा के घरवालों को दी। आखिरकार श्रद्धा के दोस्तों ने उसके भाई का बताया कि श्रद्धा का कोई अपडेट नहीं मिल रहा है। इसलिए बेहतर है कि हम पुलिस की मदद लें।

अक्टूबर में मुंबई पुलिस ने आफताब से की पूछताछ

इसके बाद श्रद्धा के पिता ने मुंबई के मानिकपुर पुलिस स्टेशन में बेटी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। शिकायत के बाद आफताब को पूछताछ के लिए मानिकपुर थाने बुलाया गया। अक्टूबर 2022 में आफताब पूनावाला को पहली बार इस मामले में पूछताछ के लिए मुंबई बुलाया गया था। फिर 3 नवंबर को पुलिस ने दोबारा उससे पूछताछ की।

आफताब के चेहरे पर नहीं दिखी कोई घबराहट

आफताब ने मुंबई पुलिस को बताया कि वह श्रद्धा के साथ नहीं रहता है। आफताब का कहना था कि 22 मई को झगड़े के बाद श्रद्धा दिल्ली में छत्तरपुर स्थित फ्लैट छोड़कर चली गई। वह अपने साथ फोन भी ले गई। आफताब ने कहा कि 22 मई के बाद से श्रद्धा से उसकी कोई बात नहीं हुई है। इस दौरान आफताब के चेहरे पर कोई बेचैनी या घबराहट नहीं दिखाई दी।

फोन की लोकेशन से मिला अहम सुराग

8 नवबंर को मामले की जांच के लिए मुंबई पुलिस दिल्ली पहुंची। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू की जिसके बाद आफताब के झूठ का पर्दाफाश हो गया। श्रद्धा के बैंक स्टेटमेंट से पता चला कि 26 मई को उसके खाते से आफताब को 54 हजार रुपये ट्रांसफर किए गए थे। आफताब ने पुलिस को बताया कि वह श्रद्धा के मोबाइल फोन का पासवर्ड जानता था, इसी वजह से वह 54 हजार रुपये ट्रांसफर कर सका। श्रद्धा को लेकर उसने तब भी कोई जानकारी नहीं दी।

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31 मई तक श्रद्धा के फोन से मिले चैट्स डिटेल

श्रद्धा को लेकर एक और अहम जानकारी तब हासिल हुई जब 26 मई को हुए बैंक ट्रांसफर की लोकेशन भी दिल्ली के महरौली थाना क्षेत्र की ही निकली। इसके अलावा 31 मई को श्रद्धा के इंस्टाग्राम अकाउंट से उनकी दोस्त के साथ चैट भी हुई थी। पुलिस को इस दौरान श्रद्धा के फोन की लोकेशन दिल्ली के महरौली थाना क्षेत्र की ही मिली।

18 मई को ही कर दी श्रद्धा की हत्या

आफताब के पास अब पुलिस के सवालों का जवाब नहीं था। वह अपने ही बातों में उलझ चुका था। दिल्ली पुलिस का कहना था कि अगर श्रद्धा अपना फोन साथ लेकर गई तो उसकी लोकेशन आफताब के घर से क्यों ट्रेस की जा रही थी? इसी दौरान आफताब ने सच उगल दिया। मंगलवार को आफताब ने दिल्ली पुलिस के सामने अपना जुर्म कबूल किया और बताया कि उसने 18 मई को श्रद्धा की गला घोंटकर हत्या कर दी और फिर शव के 35 टुकड़े कर दिल्ली के अलग अलग ठिकानों पर फेंक दिया।

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Edited By: Aditi Choudhary

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