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    सच के साथी सीनियर्स: विशेषज्ञों ने वरिष्ठ नागरिकों को दी फैक्ट चेकिंग की बेसिक ट्रेनिंग, डिजिटल फ्रॉड पर लगेगी लगाम!

    By Jagran News Edited By: Rajesh Kumar
    Updated: Sun, 09 Mar 2025 05:34 PM (IST)

    विश्वास न्यूज़ के सच के साथी-सीनियर्स अभियान के तहत वरिष्ठ नागरिकों के लिए फैक्ट-चेकिंग कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में डिजिटल फ्रॉड से बचने के तरीके सोशल मीडिया अकाउंट और ईमेल आईडी को सुरक्षित रखने के उपाय गूगल लेंस के जरिए वायरल तस्वीरों की पड़ताल करने का तरीका और फर्जी लिंक्स की पहचान करने के तरीके बताए गए।

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    'सच के साथी- सीनियर्स' अभियान के तहत वरिष्ठ नागरिकों के लिए फैक्ट चेकिंग की कार्यशाला का आयोजन किया।

    जागरण संवाददाता, नई दिल्‍ली। जागरण न्यू मीडिया की फैक्ट चेकिंग विंग विश्‍वास न्‍यूज ने 9 मार्च को दिल्ली के मुनिरका में 'सच के साथी- सीनियर्स' अभियान के तहत वरिष्ठ नागरिकों के लिए फैक्ट चेकिंग की कार्यशाला का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में मौजूद लोगों को डिजिटल फ्रॉड के बारे में बताने के साथ-साथ डिजिटल सेफ्टी के तरीके भी बताए गए।

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    डिजिटल फ्रॉड से बचने के तरीके बताए

    मुनिरका स्थित जेडी टाइटलर स्कूल, एफ ब्लॉक, डीडीए फ्लैट्स में हुए कार्यक्रम की शुरुआत डिप्टी एडिटर एवं फैक्ट चेकर पल्लवी मिश्रा ने सच के साथी सीनियर्स अभियान के बारे में बताकर की। पल्लवी मिश्रा ने डिजिटल फ्रॉड से बचने के तरीके बताए।

    अकाउंट को हैक होने से बचने के तरीके

    उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया अकाउंट और ईमेल आईडी का पासवर्ड स्ट्रांग होना चाहिए और अलग-अलग होना चाहिए। पासवर्ड में स्पेशल कैरेक्टर्स का भी इस्तेमाल किया जाना चाहिए। ताकि अपने अकाउंट को हैक होने बचाया जा सके। इसके साथ ही उन्होंने गूगल लेंस के जरिए कैसे वायरल तस्वीर की पड़ताल की जा सकती है इसका तरीका भी सिखाया।

    फर्जी लिंक्स की पहचान करने के तरीके बताए

    कार्यक्रम के दौरान सीनियर सब एडिटर एवं फैक्ट चेकर ज्योति कुमारी ने लोगों को मिस-इन्फॉर्मेशन और डिस-इन्फॉर्मेशन के बीच अंतर को किस तरह पहचाना जाए इसके बारे में बताया। उन्होंने लोगों को आजकल होने वाले साइबर ठग डिजिटल अरेस्ट, फिशिंग लिंक्स के बारे में विस्तार से बताया और किस तरह से फर्जी लिंक्स की पहचान की जा सकती है, इसकी पूरी जानकारी दी।

    15 राज्‍यों में कार्यक्रम

    दिल्ली के कई स्थानों के अलावा महाराष्ट्र, झारखंड, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और बिहार समेत कुल 15 राज्यों में इस कार्यक्रम का आयोजन हो चुका है। विश्‍वास न्‍यूज इन राज्यों के 50 शहरों में वरिष्ठ और अन्य नागरिकों को मिस-इन्फॉर्मेशन के खिलाफ सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रशिक्षित कर रही है।

    गूगल न्यूज इनिशिएटिव की पहल पर MICA के सहयोग से विश्वास न्यूज के इस अभियान का उद्देश्य समाज को भ्रामक सूचनाओं से निपटने के लिए तैयार करने के साथ ही उन्हें फैक्ट चेक की बुनियादी जानकारी से रूबरू कराना है। इस अभियान के तहत हाइब्रिड (ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों ही तरीकों से) मोड में प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।

    'सच के साथी-सीनियर्स' अभियान के बारे में

    'सच के साथी-सीनियर्स' विश्वास न्यूज का जागरूकता के लिए प्रशिक्षण और मीडिया साक्षरता अभियान है। विश्वास न्यूज जागरण समूह की फैक्ट चेकिंग टीम है, जो अब तक करीब छह करोड़ से अधिक नागरिकों को जागरूकता अभियान से जोड़ चुकी है।

    विश्वास न्यूज टीम इंटरनेशनल फैक्ट चेकिंग नेटवर्क (आईएफसीएन) और गूगल न्यूज इनीशिएटिव के साथ फैक्ट चेकिंग और मीडिया लिटरेसी पर 2018 से काम कर रही है।

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