DERC के पूर्व सदस्य से होगी 35 लाख की वसूली, जानिए क्यों?
दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग (डीईआरसी) के पूर्व सदस्य एके अंबष्ट से रेंट लीज के रूप में किए गए 35 लाख रुपये की वसूली की तैयारी है। महालेखाकार की ऑडिट रिपोर्ट में नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर यह फैसला लिया गया। अंबष्ट का कहना है कि उन्होंने लीज रेंट सुविधा के लिए कोई पहल नहीं की।

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग (डीईआरसी) के पूर्व सदस्य एके अंबष्ट से रेंट लीज के रूप में किए गए 35 लाख रुपये के भुगतान की वसूली की तैयारी चल रही है। उनसे वसूली का फैसला महालेखाकार (लेखा परीक्षा) की ऑडिट रिपोर्ट में नियमों का उल्लंघन कर रेंट लीज का भुगतान किए जाने की बात सामने आने के बाद लिया गया।
वहीं, अंबष्ट का कहना है कि डीईआरसी सचिव से लीज रेंट सुविधा के बारे में जानकारी मिलने के बाद आयोग में उचित विचार-विमर्श के बाद इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसमें उनकी कोई भूमिका नहीं थी।
मूल वेतन का 30 प्रतिशत आवास भत्ता
वह 30 दिसंबर 2019 से एक अगस्त 2023 तक डीईआरसी के सदस्य थे। पिछले साल 2024 में महालेखाकार द्वारा डीईआरसी को भेजी गई रिपोर्ट में कहा गया है कि अंबष्ट की नियुक्ति के आदेश में साफ तौर पर उल्लेख किया गया था कि उन्हें सरकारी आवास के स्थान पर मूल वेतन का 30 प्रतिशत आवास भत्ता दिया जाएगा।
लीज रेंट सुविधा पर फैसला दिल्ली सरकार ही कर सकती है। इसका उल्लंघन करते हुए डीईआरसी ने चेयरमैन व सदस्यों के लिए रेंट लीज पर आवास सुविधाओं को मंजूरी दे दी। सरकार की मंजूरी के बिना दो लाख रुपये प्रतिमाह की पात्रता तय कर दी गई।
ऑडिट ने पूर्व सदस्य से रेंट लीज के रूप में किए गए भुगतान को ब्याज सहित वसूलने की सिफारिश की है। उसके बाद डीईआरसी ने वसूली के लिए दिल्ली सरकार के ऊर्जा विभाग को पत्र लिखा है। वहीं अंबष्ट का कहना है कि उन्होंने लीज रेंट सुविधा के लिए न तो कोई प्रस्ताव तैयार किया और न ही कोई पहल की।
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