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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 22, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Kisan Andolan: योगेंद्र यादव को किसके इशारे पर किया गया 1 महीने के लिए सस्पेंड, पढ़िये- यह Inside Story

By Jp YadavEdited By:
Published: Fri, 22 Oct 2021 01:08 PM (IST)Updated: Fri, 22 Oct 2021 02:33 PM (IST)

निहंगों का आरोप है कि योगेंद्र यादव ने ही सबसे ज्यादा निहंगों की आलोचना की थी। कहा तो यह भी ...और पढ़ें

Kisan Andolan: योगेंद्र यादव को किसके इशारे पर किया गया 1 महीने के लिए सस्पेंड, पढ़िये- यह Inside Story
Kisan Andolan: योगेंद्र यादव को किसके इशारे पर किया गया 1 महीने के लिए सस्पेंड, पढ़िये- यह Inside Story

नई दिल्ली/सोनीपत [डीपी आर्य]। संयुक्त किसान मोर्चा (Sanyukt Kisan Morcha) ने अप्रत्याशित रूप से बड़ी कार्रवाई करते हुए योगेंद्र यादव को किसान मोर्चा से एक महीने के लिए निलंबित कर दिया है। कहा जा रहा है कि लखीमपुरी खीरी मामले में एक पीड़ित शुभम मिश्रा के घर जाने और हालचाल लेने के कारण योगेंद्र यादव पर संयुक्त किसान मोर्चा ने यह कार्रवाई की है। वहीं, हरियाणा की राजनीति के साथ किसान आंदोलन में दमदार दखल रखने वाले योगेंद्र यादव पर यह कार्रवाई कई सवाल खड़े कर रही है। ऐसे में हम यहां पर बता रहे हैं कि आखिर किस वजह से योगेंद्र यादव के खिलाफ इतनी बड़ी कार्रवाई की गई है और आखिर क्या है इसकी असली वजह। 

लखीमपुर खीरी का बहाना, असल मककद योगेंद्र को चुप कराना

15 अक्टूबर को सिंघु बार्डर पर पंजाब के दलित युवक लखबीर सिंह की हत्या में निहंगों का नाम सामने आने पर संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से योगेंद्र यादव ने जमकर हमला बोला था। निहंगों का आरोप है कि योगेंद्र यादव ने ही सबसे ज्यादा निहंगों की आलोचना की थी। कहा तो यह भी जा रहा है कि योगेंद्र यादव के कहने पर ही संयुक्त किसान मोर्चा ने निहंगों से दूरी बनाने का एलान किया था। इसके बाद निहंगों ने संयुक्त किसान मोर्चा को निशाने पर लेते हुए 27 अक्टूबर को महापंचायत बुलाई है, जिसमें यह तय होगा कि वह सिंधु बार्डर पर प्रदर्शन में शामिल रहेंगे या फिर वापस पंजाब लौट जाएंगे। इस महापंचायत को संज्ञान में लेते हुए योगेंद्र यादव को एक महीने तक निलंबत कर निहंगों को फिर से अपने पाले में लाने के साथ उनकी नाराजगी भी दूर करने की कोशिश की है। हालांकि, इस कार्रवाई के पीछे वजह यह बताई जा रही है कि योगेंद्र यादव ने लखीमपुर हिंसा में मारे गए शुभम मिश्रा के घर गए थे। इससे किसान संगठनों में नाराजगी थी।

निहंग चल रहे थे नाराज

संयुक्त किसान मोर्चा के साथ अग्रिम पंक्ति में खड़े निहंग योगेंद्र यादव के बयान से नाराज थे और एसकेएम पर  दबाव बना रहे थे कि उन पर कोई कार्रवाई की जाएगी। दरअसल, 27 अक्टूबर को होने वाली बैठक से पूर्व एसकेएम ने कार्रवाई कर निहंगों को साधने का प्रयास किया है। सच बात तो यह है कि संयुक्त किसान मोर्चा अपने सहयोगी निहंगों काे प्रदर्शन स्थल से जाने नहीं देना चाहता है।

संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से फिलहाल तो यही कहा गया है कि किसान मोर्चा ने योगेंद्र यादव पर ये कार्रवाई इसलिए की है क्योंकि वो लखीमपुर हिंसा में मारे गए भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता शुभम मिश्रा के घर गए थे और परिवारवालों से मिलकर संवेदना प्रकट की थी।

 गौरतलब है कि 3 अक्टूबर को यूपी के लखीमपुर खीरी जिले में प्रदर्शनकारी किसानों पर थार गाड़ी चढ़ा दी गई थी।  इस हादसे में कुल 4 किसान और एक पत्रकार की जान चली गई थी। इसके बाद  हुई हिंसा में 4 भाजपा कार्यकर्ताओं की मौत हुई थी।

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