आम जनता के लिए 2 फरवरी से खुलेगा राष्ट्रपति भवन का अमृत उद्यान, क्या रहेगी टाइमिंग-किस दिन बंद; जानें सबकुछ
Rashtrapati Bhavan Amrit Udyan राष्ट्रपति भवन का अमृत उद्यान 2 फरवरी से आम जनता के लिए खुल रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 1 फरवरी को अमृत उद्यान उत्सव 2025 का उद्घाटन करेंगी। उद्यान उत्सव 31 मार्च तक चलेगा। सोमवार को छोड़कर सप्ताह में छह दिन उद्यान का दौरा किया जा सकता है। लेख के माध्यम से पढ़िए इस दौरान अंदर आप क्या लेकर जा सकते हैं और क्या नहीं?

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। खूबसूरती और रंगबिरंगे फूलों के लिए प्रसिद्ध राष्ट्रपति भवन के अमृत उद्यान को दो फरवरी को आम नागरिकों के लिए खोल दिया जाएगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु इससे पहले एक फरवरी को अमृत उद्यान उत्सव 2025 का उद्धाटन करेंगी।
ये उद्यान उत्सव 31 मार्च तक चलेगा। लोग सोमवार को छोड़कर सप्ताह में छह दिन उद्यान का दौरा कर सकते हैं। सोमवार को प्रवेश नहीं रहेगा।
राष्ट्रपति भवन स्थित अमृत उद्यान। हरीश कुमार
आगंतुकों की सुविधा के लिए सुबह साढ़े नौ बजे से शाम पांच बजे के बीच हर 30 मिनट के अंतराल पर फ्री शटल बस सर्विस केंद्रीय सचिवालय मेट्रो स्टेशन (Central Secretariat Metro Station) से अमृत उद्यान तक चलेगी। सभी आगंतुकों के लिए प्रवेश और निकास राष्ट्रपति भवन के गेट नंबर 35 से होगा।
राष्ट्रपति भवन स्थित अमृत उद्यान में खिले ट्यूलिप के फूल। हरीश कुमार
दौरे के दौरान, आगंतुक बोनसाई गार्डन, म्यूजिकल फाउंटेन, सेंट्रल लान, लांग गार्डन और सर्कुलर गार्डन का दीदार करेंगे। वहीं, निकास के स्थान पर फूड कोर्ट की सुविधा रहेगी। पर्यटक सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक पर्यटक अवलोकन कर सकेंगे।
राष्ट्रपति भवन स्थित अमृत उद्यान में खिले ट्यूलिप के फूल। हरीश कुमार
आंगतुक राष्ट्रपति भवन की वेबसाइट पर ऑनलाइन माध्यम से पंजीकरण कर सकेंगे या फिर राष्ट्रपति भवन के गेट नंबर 12 के पास सुविधा काउंटर या सेल्फ सर्विस कियोस्क पर खुद को पंजीकृत कर सकते हैं। आगंतुक मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक चाबियां, पर्स, हैंडबैग, पानी की बोतलें और शिशुओं के लिए दूध की बोतलें ले जा सकते हैं।
राष्ट्रपति भवन स्थित अमृत उद्यान में खिले ट्यूलिप के फूल। हरीश कुमार
अमृत उद्यान इन दिनों में विशेष श्रेणियों के लिए खुला रहेगा
- 22 फरवरी - दिव्यांग व्यक्तियों के लिए।
- 23 फरवरी - रक्षा, अर्धसैनिक और पुलिस बलों के कर्मियों के लिए।
- एक मार्च - महिलाओं और आदिवासी महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों के लिए।
- पांच मार्च - अनाथालयों के बच्चों के लिए।
उड़िया कलाकारों ने लोकनृत्य किया प्रस्तुत
भारत रंग महोत्सव के चौथे दिन राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी) परिसर कला और संस्कृति के रंगों में सराबोर रहा। उड़िया कलाकारों ने मन मंथन मयूरभंज छाऊ को लोकनृत्य के माध्यम से प्रस्तुत किया। इस नाटक में नृत्य के माध्यम से कलाकारों ने चेतना की छह बाधाओं काम (इच्छा), क्रोध, लोभ (लालच), मद (अहंकार), मोह (लगाव) और ईर्ष्या को दर्शाया।
यह नाटक ओडिशा राज्य के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत किया गया। दर्शकों ने छाऊ नृत्य का जमकर आनंद लिया। इस नृत्य नाटक के लेखक रमानी रंजन मोहंता और निर्देशक हरिपदा महंत है। वहीं, अद्वितीय ओपन मंच पर भारत की लोक कला शैलियों की प्रस्तुति और वन प्ले एक्ट में विद्यालय के विद्यार्थियों ने नृत्य और नाट्यकला प्रस्तुत कर अपने अभिनय का लोहा मनवाया।
इस दौरान दो नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किए गए। कालिंदी कॉलेज के रक्स ने आफलाइन और आनलाइन सट्टेबाजी की लत और समाज पर इसके प्रभाव के बारे में एक नाटक 'अभिशाप' का प्रदर्शन किया।
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