नई दिल्ली (जेएनएन)। दिल्ली हाईकोर्ट में चल रहे वित्त मंत्री अरुण जेटली के डीडीसीए मानहानि केस में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के वकील राम जेठमलानी ने बुधवार को कहा कि अरुण जेटली की कोई प्रतिष्ठा नहीं, बल्कि वह अपराधी हैं। वहीं, अपराधी बोलने पर  अरुण जेटली के वकीलों ने जबरदस्त विरोध किया।

इस दौरान कोर्ट में कई बार हंगामा हुआ। दोनों पक्ष के वकीलों भिड़ंत के दौरान कोर्ट ने कई बार हस्तक्षेप भी किया। कोर्ट ने 45 मिनट की तीखी बहस के बाद सुनवाई 28 जुलाई के लिए टाल दी है। 

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इससे पूर्व दो दिन पहले यानी सोमवार को राम जेठमलानी से कई सख्त सवाल पूछे थे। जेठमलानी ने जेटली से पूछा था कि क्या उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह लेने के बाद केस दायर किया, क्या पीएम मोदी को गवाह के तौर पर बुलाया जाए?

हालांकि कोर्ट ने जेठमलानी की इस मांग को खारिज कर दिया और मामले की अगली सुनवाई के लिए 17 मई की तारीख का एलान किया था।

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जेठमलानी ने जेटली से सवाल किया था, 'क्या जेटली ने पीएम मोदी की सलाह लेने के बाद केजरीवाल के खिलाफ मानहानि का केस दायर किया? क्या इसके लिए जेटली अपने बचाव में पीएम मोदी को गवाह के तौर पर बुलाना चाहते हैं?'

जेठमलानी के सवालों के बाद अरुण जेटली के वकील ने कहा था कि इन सब का इस केस से कोई प्रासंगिकता नहीं है, जिसके बाद संयुक्त रजिस्ट्रार दिपाली शर्मा ने भी पीएम मोदी का नाम इस केस में घसीटने की अनुमति नहीं दी, क्योंकि जेटली ने अपने गवाहों की लिस्ट पहले ही कोर्ट को सौंप दी है।

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गौरतलब है कि केजरीवाल और आप नेताओं ने दिल्ली और जिला क्रिकेट संघ यानी डीडीसीए में कथित घोटाले को लेकर अरुण जेटली पर कई गंभीर आरोप लगाए थे, जिसके बाद जेटली ने अरविंद केजरीवाल पर मानहानि का दावा करते हुए 10 करोड़ का मुकदमा किया था।
 

Posted By: JP Yadav

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