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    ...तो इस तरह घिर गए केजरीवाल व सिसोदिया, पुलिस का ये दांव पड़ गया भारी

    By Amit MishraEdited By:
    Updated: Sat, 24 Feb 2018 07:34 PM (IST)

    पुलिस को अगर लगता है कि घटना का कोई चश्मदीद जांच में सहयोग नहीं कर रहा है, सच्चाई नहीं बता रहा है तब मजिस्ट्रेट के सामने उनका बयान करवा दिया जाता है।

    ...तो इस तरह घिर गए केजरीवाल व सिसोदिया, पुलिस का ये दांव पड़ गया भारी

    नई दिल्ली [राकेश कुमार सिंह]। मुख्यमंत्री आवास पर बीते सोमवार की आधी रात दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव अंशु प्रकाश की पिटाई का मामला सरकार के लिए गले का फांस बन चुका है। इस प्रकरण से बाहर निकल पाना आम आदमी पार्टी की सरकार के लिए बेहद मुश्किल होगा। पुलिस जांच में परत दर परत जिस तरह के तथ्य सामने आ रहे हैं उससे पुलिस व नौकरशाह के साथ आम लोग भी हैरान हैं। दिल्ली पुलिस केजरीवाल के सलाहकार सेवानिवृत्त आइएएस वीके जैन के बयान को केस का सबसे अहम पहलू मान रही है।

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    मुख्य चश्मदीद गवाह बनेंगे जैन 

    बुधवार को सिविल लाइंस थाने में पुलिस अधिकारियों द्वारा पूछताछ में वीके जैन ने जब उन्हें गुमराह करने की कोशिश की तब सटीक दांव खेल अगले दिन बहस्पतिवार को पुलिस ने वीके जैन का मजिस्ट्रेट के सामने बंद कमरे में धारा-164 का बयान दर्ज करवा दिया। बयान में उन्होंने घटना की पूरी सत्यता उजागर कर दी। लिहाजा पुलिस ने उन्हें केस का मुख्य चश्मदीद गवाह बनाने का निर्णय लिया है। पुलिस अधिकारी का कहना है कि वीके जैन का मजिस्ट्रेट के सामने दिया गया बयान सबसे अहम सबूत हो गया है।

    जैन ने मुख्य सचिव को बार-बार किया फोन 

    दरअसल केजरीवाल ने जैन के जरिये ही बार-बार फोन करवाकर मुख्य सचिव को देर रात 12 बजे केजरीवाल के आवास पर बुलवाया था। जैन के सामने घटना घटी। इसलिए पुलिस ने दो विधायक अमानतुल्लाह खान व प्रकाश जारवाल को गिरफ्तार करने के बाद बुधवार को वीके जैन को पुछताछ के लिए सिविल लाइंस थाने बुलाया था। उनसे 15 सवालों की जानकारी मांगी गई।

    मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज  

    सवालों के जवाब पुलिस अधिकारी ने लिखे। सवालों के जवाब में गुमराह करने जैसी बात सामने आने पर दूसरे दिन बृहस्पतिवार को जैन को दोबारा पूछताछ के बहाने बुलाकर पुलिस ने उनका तीस हजारी कोर्ट में मजिस्ट्रेट के सामने ही बयान करवा दिया। बंद कमरे में शपथ दिलाने के बाद मजिस्ट्रेट ने अपने हाथ से लिखकर उनका बयान दर्ज किया।

    जैन का बयान अहम 

    पुलिस का कहना है कि मजिस्ट्रेट के सामने बयान कराने पर पुलिस के पूछताछ वाले तथ्य का कोई वजूद नहीं होता है। उसे केस के सबूत के तौर पर नहीं लिया जाता है। पुलिस को अगर लगता है कि घटना का कोई चश्मदीद जांच में सहयोग नहीं कर रहा है, सच्चाई नहीं बता रहा है तब मजिस्ट्रेट के सामने उनका बयान करवा दिया जाता है। उन्होंने मुख्य सचिव को अमानतुल्लाह व प्रकाश जारवाल द्वारा गले को दबाकर सात थप्पड़ व घूसे मारने की बात कही। जैन का बयान आरोपियों को सजा दिलाने के लिए काफी होगा।

    प्रोटोकॉल का हुआ उल्लंघन

    प्रोटोकॉल है कि मुख्य सचिव से केवल मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्री ही पूछताछ कर सकते हैं, उन्हें बैठक के लिए बुला सकते हैं। लेकिन मुख्य सचिव को बुलाने के बाद केजरीवाल ने उन्हें कहा कि वे विधायकों के सवाल का जवाब दें। विधायक उनसे कुछ सवाल कर रहे हैं। ऐसा करना नियम के खिलाफ है। उन्हें दो विधायकों के बीच सोफे पर बैठाना भी गलत था।

    केजरीवाल व सिसोदिया से भी होगी पूछताछ 

    केजरीवाल व सिसोदिया से भी पूछताछ होगी अंशु प्रकाश की तरफ से शिकायत मिलते ही पुलिस ने जब उसका अध्ययन किया तब प्रथम दृष्टया ही यह लग गया था कि उन्हें साजिश के तहत वहां बुलाकर पिटाई की गई। इसलिए पुलिस ने केस में आपराधिक साजिश रचने की धारा लगा दी। बैठक में केजरीवाल व मनीष सिसोदिया मौजूद थे। इसलिए पुलिस बैठक में मौजूद सभी 11 विधायकों समेत इन दोनों से भी पूछताछ करेगी और जिन-जिन के खिलाफ सबूत मिलते जाएंगे, पुलिस उन्हें गिरफ्तार करती जाएगी। 

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