सबूतों के साथ केजरीवाल से होगी पूछताछ, CM आवास में किसने लिखी 'थप्पड़कांड' की पटकथा
मुख्यमंत्री आवास के गेट पर लगे सबसे अहम मूविंग कैमरे के खराब पाए जाने के मामले ने पुलिस को और हैरान कर दिया है।
नई दिल्ली [जेएनएन]। मुख्य सचिव अंशु प्रकाश की पिटाई मामले में जल्द ही दिल्ली पुलिस मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से पूछताछ कर सकती है। केजरीवाल के सलाहाकार वीके जैन की कोर्ट में गवाही के बाद ही यह तय हो गया था कि इस मामले की आंच मुख्यमंत्री तक पहुंचना तय है। अब पुलिस केजरीवाल के सलाहाकार बीके जैन के बयान को आधार बनाकर उनसे सवाल-जवाब करेगी। एक बड़े सवाल का जवाब पुलिस भी खोज रही है कि अगर यह घटना पूर्व नियोजित नहीं थी तो रात में मुख्यमंत्री आवास पर मुख्य सचिव को बुलाने के क्या निहितार्थ हैं। इस मामले में मुख्यमंत्री ने हस्तक्षेप क्यों नहीं किया।
उधर, जानकारों का कहना है कि पुलिस इस केस में प्रमुख अभियुक्त के साथ-साथ कई सहअभियुक्त भी बना सकती है। अब पुलिस ने इस कड़ी में तेजी से काम करना शुरू कर दिया है। पुलिस ने सबसे पहले सरकारी गवाह तैयार किया इसके बाद वह साक्ष्यों को जुटाने में लग गई। मुख्यमंत्री आवास पर औचक छापेमारी इसी कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।
1- गवाह
पुलिस ने अरविंद केजरीवाल के सलाहकार को ही बनाया गवाह
हालांकि इस मामले में दिल्ली पुलिस बहुत फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। यही वजह है कि उसने तब तक इस केस में कोई पहल नहीं की, जब तक उसके हाथ पक्के सबूत नहीं लग गए। पुलिस को सरकारी गवाह मिलते ही उसने अपनी प्रक्रिया तेज कर दिया। दिल्ली पुलिस ने मुख्यमंत्री के सलाहकार वीके जैन को सरकारी गवाह बनाया। दरअसल, मुख्य सचिव अंशु प्रकाश उनके ही फोन करने पर मुख्यमंत्री आवास पहुंचे थे। घटना के वक्त वह मौके पर भी मौजूद थे।
2- साक्ष्य
14 CCTV कैमरे को समय से 40 मिनट 42 सेकेंड पीछे किया गया
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सरकारी आवास में लगे सभी 14 सीसीटीवी कैमरे को समय से 40 मिनट 42 सेकेंड पीछे कर दिया गया था। एडिशनल डीसीपी उत्तरी जिला हरेंद्र कुमार का कहना है कि उन्हें शक है कि कैमरे के डीवीआर में छेड़छाड़ की गई है। जांच में इसकी पुष्टि होने पर केस में सबूत मिटाने की धारा 201 भी जोड़ दी जाएगी। केजरीवाल के आवास में कुल 21 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, जिसमें से महत्वपूर्ण जगहों पर लगे 7 कैमरे बंद पाए गए। वहींं, मुख्यमंत्री आवास के गेट पर लगे सबसे अहम मूविंग कैमरे के खराब पाए जाने के मामले ने पुलिस को और हैरान कर दिया है। पुलिस को शक है कि पहले मुख्यमंत्री आवास में योजना बनाई गई और फिर कैमरे के साथ छेड़छाड़ करने के बाद मुख्य सचिव को आधी रात में बुलाकर उनके साथ मारपीट की गई। पुलिस मुख्यमंत्री आवास से कैमरे का एक डीवीआर जब्त कर जांच के लिए अपने साथ ले गई है। उस डीवीआर में पूरे एक माह की रिकार्डिंग है।
साजिश रचने के बाद वारदात को अंजाम दिया गया
पुलिस यह भी जांच करेगी कि उक्त कैमरे कब से बंद पड़े हैं। क्योंकि यह भी संभव है घटना को अंजाम देने के लिए उक्त कैमरे को खराब कर दिया गया हो। घटना के पहले ही दिन से पुलिस को शक था कि साजिश रचने के बाद वारदात को अंजाम दिया गया है। इसलिए केस में आपराधिक साजिश रचने की धारा 120बी लगा दी गई।
केजरीवाल अंदर मौजूद थे
हरेंद्र कुमार का कहना है कि घटना की गंभीरता को देखते हुए 20 फरवरी को ही पुलिस ने मुख्यमंत्री कार्यालय से संपर्क कर जांच के लिए डीवीआर देने की मांग की थी। मगर न तो केजरीवाल और न ही उनके कार्यालय से जुड़े किसी भी व्यक्ति ने कोई प्रतिक्रिया जाहिर की। इसलिए शुक्रवार को पुलिस को डीवीआर लेने वहां आना पड़ा। जिस वक्त जांच की जा रही थी केजरीवाल अंदर मौजूद थे। कुछ देर बाद जब वो बाहर निकले तो मीडियाकर्मियों से कहा कि उन्हें खुशी है कि जांच हो रही है।
आ रही है साजिश की बू
घटना के अगले दिन 20 फरवरी को मीडिया में जब यह मामला तूल पकड़ा तब मुख्यमंत्री आवास से एक फुटेज लीक कर यह दर्शाने की कोशिश की गई कि मुख्य सचिव के आरोप झूठे हैं। दरअसल वह फुटेज रात 12 बजे की ही थी। कैमरे का समय 40 मिनट 42 सेकेंड पीछे सेट होने के कारण आरोप के समय में अंतर था। मुख्यमंत्री आवास से कुछ विश्वस्त चैनलकर्मियों को ही यह फुटेज उपलब्ध कराई गई। इस फुटेज में दिख रहा है कि घटना के बाद अंशु प्रकाश पैदल ही बाहर निकल गए। पीछे से उनकी कार जब बाहर आई तब वह बैठकर वहां से भागे।
जानें क्या है मुख्य सचिव के FIR में
गौरतलब है कि दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव अंशु प्रकाश ने मंगलवार को आरोप लगाया था कि आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक अमानतुल्लाह खान और एक अन्य विधायक ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सामने उनके सरकारी आवास में उनसे मारपीट की थी। एफआईआर के मुताबिक, मुख्यमंत्री के सलाहकार वीके जैन ने मुख्य सचिव को सोमवार की रात पौने नौ बजे फोन पर कहा कि सरकार के तीन साल पूरा होने पर कुछ टीवी विज्ञापनों के प्रसारण में हो रही देरी पर बातचीत होगी। इसके लिए रात 12 बजे मुख्यमंत्री आवास पहुंचना है। वहां सीएम व उप मुख्यमंत्री उनसे विचार-विमर्श करेंगे। जैन ने रात नौ बजे और फिर घंटे भर बाद भी फोन किया।
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