नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। न्यू उस्मानपुर इलाके के शिव मंदिर के पुजारी व पूर्व प्रधान को पत्र से जान से मारने की धमकी मिली है। पिछले 15 दिनों में यह दूसरी धमकी अज्ञात लोगों के द्वारा पत्र से दी गई है। पत्र में मंदिर की जमीन के कागजात तिहाड़ लाने को कहा गया है। मंदिर समिति की शिकायत पर पुलिस ने प्राथमिकी पंजीकृत कर ली है। धमकी देने वालों की पुलिस तलाश कर रही है।सनातन धर्म युवक मंडल समिति द्वारा अजीत नगर गली नंबर-14 में शिव मंदिर का संचालन किया जाता है।

समिति ने अपनी शिकायत में कहा है कि 25 सितंबर को एक अज्ञात व्यक्ति मोटरसाइकिल से मंदिर के बाहर आकर रूका। उसने जेब से पिस्टल निकाली और हवा में लहराई। बाद में एक धमकी भरा पत्र मंदिर में फेंककर चला गया। अज्ञात मंदिर के पास लगे सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हुआ है।

उस पत्र में मंदिर के पुजारी व समिति के पूर्व प्रधान से कहा गया है कि वह मंदिर की जमीन के कागजात तिहाड़ लेकर आएं। ऐसा न करने पर उन्हें जिंदगी से हाथ धोना पड़ेगा। पुलिस इस मामले को मंदिर के संचालन को लेकर चल रहे विवाद से भी जोड़कर देख रही है।

उधर, हत्या के मामले में फरार चल रहे आरोपित को क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपित यूपी के बिजनौर का रहने वाला मोहम्मद शाहिद है। आरोपित वर्ष 2009 में हत्या की वारदात को अंजाम दिया था।स्पेशल सीपी रविंद्र यादव के मुताबिक, 11 फरवरी 2009 की सुबह जेजे कालोनी वजीरपुर में झगड़े की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंची पुलिस को पता चला नासिर नाम के एक शख्स की हत्या कर दी गई है। घटनास्थल पर मृतक की पत्नी रुबीना पुलिस को मिली।

उसने बताया रात को वह पति के साथ थी तभी किसी ने घर का दरवाजा खटखटाया। पति ने दरवाजा खोला तो चार लोग जबरन घर में घुस आए। इनमें दो ने उसके पति का गला घोंट कर हत्या कर दी थी।मामले की जांच के दौरान पुलिस ने इस आरोपित मोहम्मद शाहिद को गिरफ्तार कर लिया गया था, उसने बताया वह मृतक का पड़ोसी है। वह उसकी पत्नी के साथ रिलेशनशिप में था और दोनों शादी करना चाहते थे।

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लेकिन साल 2008 में महिला के परिजन ने जबरन उसकी शादी नासिर से करवा दी। वह पति को पंसद नहीं करती थी इसलिए दोनों ने नासिर की हत्या की साजिश रची। वर्ष 2014 में मोहम्मद शाहिद और रुबीना को कोर्ट ने उम्र कैद की सजा सुनाई थी। कोरोना की वजह से दो अप्रैल 2020 को मोहम्मद शाहिद जेल से पैराल पर बाहर आया। उसकी पैरोल अवधि बाद में बढ़ाकर 18 फरवरी 2021 तक कर दी गई थी, जिसने बाद में सरेंडर नहीं किया।

Edited By: Pradeep Kumar Chauhan

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