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    Yogendra Yadav को दिल्ली के अपार्टमेंट से बाहर करने की उठी मांग, जानिये- पूरा मामला

    By JP YadavEdited By:
    Updated: Sat, 30 Jan 2021 08:35 AM (IST)

    Red Fort Violence लोगों ने सह विकास अपार्टमेंट के आरडब्ल्यूए को पत्र दिया है जिसमें योगेंद्र यादव का फ्लैट खाली कराने की मांग की गई है। दरअसल योगेंद्र यादव इसी अपार्टमेंट में रहते हैं। प्रदर्शन को देखते हुए योगेंद्र यादव ने दिल्ली पुलिस से परिवार के लिए सुरक्षा मांगी थी।

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    स्वराज इंडिया के अध्यक्ष योगेंद्र यादव की फाइल फोटो।

    नई दिल्ली, जागरण संवादादाता। गणतंत्र दिवस पर 26 जनवरी के दिन देश की मर्यादा को तार-तार करने वाले उपद्रवियों और किसान आंदोलन का नेतृत्व करने वालों में शामिल योगेंद्र यादव के खिलाफ आइपी एक्सटेंशन स्थित सह विकास अपार्टमेंट के बाहर बृहस्पतिवार को स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान योगेंद्र यादव का पुतला भी फूंका गया। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने सह विकास अपार्टमेंट के आरडब्ल्यूए को पत्र दिया है, जिसमें योगेंद्र यादव का फ्लैट खाली कराने की मांग की गई है। दरअसल, योगेंद्र यादव इसी अपार्टमेंट में रहते हैं। प्रदर्शन को देखते हुए योगेंद्र यादव ने दिल्ली पुलिस से परिवार के लिए सुरक्षा मांगी थी। इस पर दिल्ली पुलिस के जवान उनके फ्लैट के बाहर तैनात हो गए हैं।

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    प्रदर्शनकारियों का कहना था कि स्वराज इंडिया के अध्यक्ष योगेंद्र यादव (Yogendra Yadav, President of Swaraj India) की देश विरोधी की हर घटना में भागीदारी रहती है। गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में उपद्रव में योगेंद्र यादव की सहभागिता रही। लोगों ने प्रदर्शन के दौरान आरोप लगाते हुए कहा कि इस उपद्रव के मास्टरमाइंड योगेंद्र यादव ही हैं। ऐसे देश विरोधी को देश व समाज में रहने को कोई अधिकार नहीं है। विरोध प्रदर्शन के बाद आस पास की कालोनी से आए लोगों ने यादव के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन में संजय, सुधीर अग्रवाल, पीके अग्रवाल, रतना गर्ग, ज्योति गौतम, दीपक गुप्ता, कपिल प्रभाकर, प्रमोद अग्रवाल, सत्येंद्र अग्रवाल, दीपक वर्मा, पीके जैन आदि लोग मौजूद रहे।

    यहां पर बता दें कि 26 जनवरी के दिन किसान ट्रैक्टर परेड के दौरान दिल्ली के कई इलाकों में हिंसक प्रदर्शन हुआ था। यहां तक कि लाल किला की  प्राचीर पर तिरंगा के बगल में अन्य झंडा भी लगा दिया था। इसको लेकर देशभर में बड़ी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि तिरंगा भारत की शान है और इसके साथ कोई भी झंडा नहीं लगाया जा सकता है।  

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