नई दिल्ली, जेएनएन। आप सब इससे अवगत ही होंगे कि प्रख्यात डॉक्टर, वैज्ञानिक, स्वास्थ्य विशेषज्ञ आदि बार-बार यह कह रहे हैं कि अखबारों से कोरोना वायरस के संक्रमण फैलने का कोई खतरा नहीं है। आप पूरी तरह निश्चिंत हो इसके लिए एक वीडियो जारी किया गया है, जिसे आप खुद देख सकते हैं कि आपका प्रिय दैनिक जागरण समाचार पत्र कितने सुरक्षित तरीके से छपकर आपके हाथों में पहुंचता है।

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विशेषज्ञों की राय, अखबार से नहीं फैलता कोरोना

अखबार पढ़ने से कोरोना के संक्रमण की आशंकाओं के बीच विशेषज्ञों ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि ऐसा नहीं होता। भारत की बड़ी हेल्थ रिसर्च इकाइयों के वैज्ञानिकों का कहना है कि हाथों में अखबार पकड़ना पूरी तरह सुरक्षित है। अब तक अखबार या ऐसे किसी कागज से कोरोना के प्रसार का कोई प्रमाण नहीं मिला है।

पिछले दिनों वाट्सएप और सोशल मीडिया पर कुछ इस तरह के मैसेज वायरल होने लगे, जिनमें अखबारों से संक्रमण फैलने की आशंका जताई गई थी। इन संदेशों के कारण आमजन में इस तरह की चिंता घर करने लगी थी। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इन चिंताओं को सिरे से खारिज कर दिया है।

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आइसीएमआर) की चीफ एपिडेमियोलॉजिस्ट निवेदिता गुप्ता के मुताबिक, कोविड-19 सांसों से जुड़ा संक्रमण है और अखबार या किसी पैकेज के जरिये इसकी चपेट में आने का कोई खतरा नहीं है।

नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल के डायरेक्टर सुजीत सिंह भी इससे इत्तेफाक रखते हैं। उनका कहना है कि सेंटर इस तरह की अफवाहों को दूर करने के लिए हेल्पलाइन भी चला रहा है। वायरोलॉजिस्ट को अब तक ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला है कि यह वायरस कागज पर रह सकता है। ऐसे कई सवाल रोजाना सेंटर पर लोग पूछ रहे हैं और उनका संदेह दूर भी किया जा रहा है।

मशहूर हार्ट सर्जन देवी शेट्टी ने भी ऐसी अफवाहों से बचने की सलाह दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि कोविड-19 एक व्यक्ति से दूसरे में फैलता है। अब तक ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला है कि यह हवा में ठहर सकता है। इसलिए किसी सतह से इसके फैसले का भी कोई खतरा नहीं है।

डब्ल्यूएचओ साउथ ईस्ट एशिया की रीजनल डायरेक्टर डॉ. पूनम खेत्रपाल सिंह का कहना है कि अब तक जितने प्रमाण मिले हैं, उनमें ऐसा नहीं पाया गया है कि यह वायरस हवा से फैल सकता है। यह संक्रमित व्यक्ति के छींक के संपर्क में आने या उसके बहुत निकट होने से फैलता है। इसी कारण से डब्ल्यूएचओ हाथों को साफ रखने और दूरी बनाकर रहने को कह रहा है।

एम्स के डायरेक्टर डॉ. रणदीप गुलेरिया का कहना है कि एक से दूसरी जगह जाने वाले किसी पैकेज से संक्रमण की आशंका बहुत कम है। यह वायरस स्टील या अन्य किसी धातु के मुकाबले कागज या कार्डबोर्ड पर बहुत कम समय तक रह पाता है। ऐसे में अखबारों से संक्रमण फैलने की कोई आशंका नहीं है। यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन ने भी अखबारों से संक्रमण फैलने की बातों को अफवाह बताया है।

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