Pahalgam Attack: 'जब तक इस्लाम रहेगा, तब तक आतंकवाद रहेगा', तस्लीमा नसरीन ने भारत लेकर कही दिल छूने वाली बात
साहित्य महोत्सव में आयोजित सत्र में लेखिका तस्लीमा नसरीन ने कहा कि जब तक इस्लाम रहेगा तब तक आतंकवाद रहेगा। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत मेरा दूसरा घर है और मैं इसे दिल से प्यार करती हूं। वहीं उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले और ढाका में 2016 के आतंकी हमले को एक जैसा बताया है।
जागरण संवाददाता/पीटीआई, नई दिल्ली। मैं यूरोप और अमेरिका में रही, लेकिन हमेशा पराई रही। जब कोलकाता आई। तब पहली बार लगा कि मैं घर लौटी हूं। यह शब्द दिल्ली साहित्य महोत्सव के समापन पर लेखिका तस्लीमा नसरीन ने कहा।
बांग्लादेश से निर्वासित और भारत में रह रहीं लेखिका तस्लीमा नसरीन ने साहित्य महोत्सव में आयोजित सत्र में इस्लामी कट्टरता, महिला अधिकार और लोकतांत्रिक मूल्य विषय पर बेबाकी से अपनी बात रखी। उन्होंने सत्र में चर्चा करते हुए कहा कि इस्लाम में 1400 साल से बदलाव नहीं आया है। इसमें जब तक बदलाव नहीं होगा, आतंकवाद ऐसे ही पनपता रहेगा।
एक जैसा कानून होना चाहिए
इसके अलावा उन्होंने समान नागरिक संहिता की वकालत करते हुए कहा कि भारत और बांग्लादेश जैसे सभ्य देशों में एक जैसा कानून होना चाहिए। लेखिका ने मदरसों की शिक्षा प्रणाली पर भी सवाल उठाए। साहित्य और सच की टकराहट ने महोत्सव के अंतिम दिन को यादगार बनाया।
"आतंकवाद तब तक रहेगा जब तक इस्लाम रहेगा"
निर्वासित बांग्लादेशी लेखिका तस्लीमा नसरीन ने रविवार को पहलगाम आतंकी हमले और ढाका में 2016 के आतंकी हमले के बीच समानताएं बताते हुए कहा कि "आतंकवाद तब तक रहेगा जब तक इस्लाम रहेगा"। दिल्ली लिटरेचर फेस्टिवल के एक सत्र में बोलते हुए, लेखिका ने यह भी कहा कि "इस्लाम 1,400 सालों में विकसित नहीं हुआ है"।
नसरीन ने कहा, "जब तक ऐसा नहीं होता, तब तक यह आतंकवादियों को जन्म देता रहेगा। 2016 के ढाका हमले में मुसलमानों को इसलिए मार दिया गया क्योंकि वे कलमा नहीं पढ़ पाए थे। जब आस्था को तर्क और मानवता पर हावी होने दिया जाता है, तो यही होता है।"
22 अप्रैल को दक्षिण कश्मीर के पहलगाम के निकट आतंकवादियों ने 26 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी थी, जिनमें अधिकतर पर्यटक थे। एक जुलाई 2016 को आतंकवादियों के एक समूह ने ढाका के होली आर्टिजन बेकरी पर गोलीबारी की थी, जिसमें 29 लोग मारे गए थे।
पहलगाम हमले में जीवित बचे कुछ लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों ने दावा किया है कि हमलावरों ने लोगों से इस्लामी आयत "कलमा" पढ़ने को कहा और ऐसा न करने वालों को गोली मार दी।
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नसरीन ने कहा, "जब तक इस्लाम रहेगा, आतंकवाद बना रहेगा।" "यूरोप में चर्च संग्रहालयों में बदल गए हैं, लेकिन मुसलमान हर जगह मस्जिद बनाने में व्यस्त हैं। हजारों मस्जिदें हैं और वे और भी मस्जिदें बनाना चाहते हैं। वे जिहादी पैदा करते हैं। मदरसे नहीं होने चाहिए। बच्चों को सिर्फ एक किताब नहीं, बल्कि सभी किताबें पढ़नी चाहिए।"
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