नई दिल्‍ली, वीके शुक्‍ला। दिल्‍ली सरकार कोरोना से अपनी पूरी ताकत के साथ जंग लड़ रही है। इस लड़ाई में वह अपने कोरोना योद्धओं का पूरा ख्‍याल रख रही है। दिल्‍ली में सीएम अरविंद केजरीवाल ने यह साफ कर दिया था कि अगर किसी कोरोना योद्धा की मृत्‍यु कोरोना से जंग के दौरान गई तो उसे एक करोड़ रुपये सरकार की तरफ से दिए जाएंगे। इसी कड़ी में दिल्ली सरकार में फ़ार्मासिस्ट के तौर पर तैनात कोरोना वॉरिअर राजेश भारद्वाज का हाल ही में कोरोना संक्रमण की वजह से निधन हो गया था। इसके बाद सीएम केजरीवाल ने उनसे मिलकर एक करोड़ रुपये की सहायता राशि दी। सीएम ने खुद ट्वीट कर यह जानकारी दी है। सीएम ने ट्वीट में कहा कि उम्मीद करता हूं कि इस राशि से परिवार को थोड़ी मदद जरूर मिलेगी।

इधर,  कोरोना से छह माह के संघर्ष में दिल्ली में कई बार उतार चढ़ाव आए। एक समय संक्रमण दर करीब 33 फीसद पहुंच गई थी। इस तरह संक्रमण चरम पर पहुंचने के बाद स्थिति सुधरी तो संक्रमण दर गिरकर करीब पांच फीसद तक आ गई।

लेकिन एक बार फिर संक्रमण बढ़ने लगा है। 10 से 20 अगस्त के बीच आए मामलों की तुलना में पिछले माह अंतिम 11 दिनों में 55 फीसद ज्यादा मामले आए हैं। हालांकि, डॉक्टर कहते हैं कि घबराने की जरूरत नहीं है। कोरोना के खिलाफ यह लड़ाई अभी लंबी चलेगी, लेकिन जीत जरूर होगी क्योंकि इस लंबी लड़ाई में दिल्ली जीत की राह पर है। सीरो सर्वे में यह बात सामने आ चुकी है कि करीब एक तिहाई आबादी कोरोना से संक्रमित होने के बाद ठीक हो चुकी है। इसलिए पहले की तरह मामले बढ़ने की आशंका नहीं है। अगले कुछ महीने में एंटीबॉडी पॉजिटिव लोगों का आंकड़ा 60 फीसद के आसपास पहुंच सकता है।

बहरहाल, हर्ड इम्यूनिटी विकसित होने तक लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। एम्स के कम्युनिटी मेडिसिन के प्रोफेसर डॉ. संजय राय ने कहा कि दिल्ली में 70 फीसद लोग संक्रमण से बचे हुए हैं। जिन्हें संक्रमण होने का खतरा है। इसलिए मामले थोड़े बढ़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि जिन्हें पहले संक्रमण हो चुका है उनमें दोबारा संक्रमण नहीं देखा जा रहा है। पहले मध्य दिल्ली, दक्षिण पूर्वी व पूर्वी दिल्ली से मामले अधिक आ रहे हैं। अभी दक्षिण पश्चिमी दिल्ली व पश्चिमी दिल्ली में मामले बढ़ सकते हैं। पहले तीन-चार महीने तक ज्यादातर लोगों ने घर के कामकाज के लिए घरलू सहायकों की मदद लेना छोड़ दिया था। अब दोबारा घरेलू सहायकों की मदद लेने लगे हैं। मामले बढ़ने का यह भी एक कारण है। फिर भी डरने की बात नहीं है, क्योंकि ज्यादातर लोगों में हल्का संक्रमण हो रहा है।

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आइएमए) के पूर्व अध्यक्ष डॉ. केके अग्रवाल ने कहा कि संक्रमण अब भी बरकरार है। तीसरे सीरो सर्वे में पता चलेगा कि अब दिल्ली में कितने लोगों में एंटीबॉडी विकसित हो गई है। जब 60 फीसद आबादी एंटीबॉडी पॉजिटिव हो जाएगी तो यह बीमारी काफी हद तक दूर हो जाएगी। वहीं, सफदरजंग अस्पताल के प्रोफेसर डॉ. अनूप कुमार ने कहा कि घर से बाहर निकलने पर लोग मास्क का ठीक से इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं। ज्यादातर लोग मास्क नाक से नीचे रखते हैं। शारीरिक दूरी के नियम का भी ठीक से पालन नहीं हो रहा है। यदि घर से बाहर निकलने पर सभी लोग मास्क लगाएं, एक से दो मीटर की शारीरिक दूरी बनाकर रखें व नियमित हाथ धोते रहें तो संक्रमण से काफी हद तक बचा जा सकता है।

 

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