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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 05, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

नोएडा के कई सेक्टर पानी से सराबोर: उफनाती यमुना में डूबे खेत और महंगे फार्म हाउस, डरा रहीं तस्वीरें

Published: Fri, 05 Sep 2025 11:18 AM (IST)

नोएडा में यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं। सेक्टर 150 के पास बने करोड़ों ...और पढ़ें

नोएडा सेक्टर 150 के पास यमुना में आई बाढ़ में डूबे फार्म हाउस और फसल।
नोएडा सेक्टर 150 के पास यमुना में आई बाढ़ में डूबे फार्म हाउस और फसल।

जागरण संवाददाता, नोएडा। यमुना नदी का पान पूरे उफान पर है। इस बीच मूसलाधार बारिश ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। गर्मी और उमस से राहत के बीच लोगों को जलभराव के चलते होने वाली अन्य दिक्कतों का भी सामना करना पड़ रहा है। इसी बीच नोएडा के सेक्टर 150 के पास यमुना में आई बाढ़ में करोड़ों के फार्म हाउस डूब गए हैं। वहीं, यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से नोएडा सेक्टर 135 में जलभराव देखा गया। प्रशासन ने निचले इलाकों में सतर्कता और निकासी के निर्देश दिए हैं। नोएडा के सेक्टर 128 और 167 में भी बाढ़ जैसे हालात वाली तस्वीरें आ रही हैं।

हर जगह पानी का 'कब्जा'

महंगी प्रॉपर्टी वालों के लिये भी यह समय मुसीबत लेकर आया है। करोड़ों की प्रॉपर्टी खरीदकर फॉर्म हाउस आदि बनाने वालों के मंसूबों पर यमुना का पानी फिर गया है। नोएडा में यमुना के बढ़ते जलस्तर की तस्वीरों में स्पष्ट दिख रहा है कि खेत खलिहान से लेकर महंगे फॉर्म हाउस भी पानी में पूरी तरह डूब चुके हैं। 

उधर, ग्रेटर नोएडा के दनकौर क्षेत्र के लतीफपुर गांव के घरों में बाढ़ का पानी घुस आया है। बाढ़ के डर से लोग बेचैन हो रहे हैं। गांव के प्राथमिक और जूनियर विद्यालय भी पानी में पूरी तरह डूब चुके हैं।

खतरे के निशान के ऊपर बह रही यमुना

दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर 207.31 मीटर पर पहुंच गया है, जिसके चलते बाढ़ की चेतावनी जारी की गई है। शुक्रवार सुबह 8 बजे के केंद्रीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष के दैनिक बुलेटिन के अनुसार, पुराने रेलवे पुल (ORB) पर जलस्तर 207.31 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 205.33 मीटर से ऊपर है।

हथिनी कुंड बैराज से 1,08,232 क्यूसेक, वजीराबाद बैराज से 1,74,150 क्यूसेक और ओखला बैराज से 2,44,478 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।

इसी बीच मौसम विभाग ने फरीदाबाद, गुरुग्राम, झज्जर, करनाल, नूंह, पलवल, पानीपत और सोनीपत में अगले तीन घंटों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। पूर्वानुमान के मुताबिक, ओआरबी का जलस्तर आज रात 8 बजे 207.15 मीटर होगा, जिसके बाद इसमें कमी आने की संभावना है। 

बीते कुछ दिनों से दिल्ली और एनसीआर में हो रही भारी वर्षा के चलते लोगों की मदद के लिये एनडीआरएफ के जवानों को भी मैदान में उतरना पड़ा है। वे नाव की मदद से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों को बाहर निकालने का प्रयास कर रहे हैं। 

इंटरनेट मीडिया पर जता रहे रोष

इंटरनेट मीडिया पर लोग बाढ़ के पानी में फंसे पशुओं की भी तस्वीरों को साझा कर रहे हैं। वे इसके लिए प्रशासन को दोषी मान रहे हैं। उनका कहना है कि पशुओं को सड़कों पर छोड़कर अपनी जिम्मेदारी से भाग रहे अधिकारियों को इन जानवरों पर तरस नहीं आ रहा है।

एक एक्स यूजर ने पोस्ट में लिखा है, 'नोएडा में पशुओं को मरने के लिए छोड़ दिया है जिला प्रशासन ने ,नोएडा के 137  के पास दर्जनों पशुओं का यही हाल है! नोएडा के सेक्टर 128 से लेकर 155 तक जिला प्रशासन को टीम बनाकर रेस्क्यू करना चाहिए , केवल खानापूर्ति से काम नहीं चलेगा!'

कंट्रोल रूम में तीन शिफ्ट में हो रहा काम

बाढ़ नियंत्रण कक्ष (दूरभाष नंबर-0120-2978231/2978232/2978233) 24 घंटे संचालित किया जा रहा। इसमें तीन शिफ्ट में ड्यूटी लगाई गई है। वहीं, राहत एवं बचाव के लिए एनडीआरएफ की दो टीम मैदान में उतरकर लोगों की मदद कर रही है।

इसमें से एक टीम तहसील जेवर महमूदपुर, एक टीम तहसील सदर सेक्टर-150, पीएसओ 44 बटालियन की एक टीम सदर थाना दनकौर मुरशदपुर तथा अग्निशमन विभाग की टीम सदर तहसील के सेक्टर-151 में तैनात है। एनडीआरएफ की दो टीम सहायता कर रही है।

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