चार साल बीत गए पर दिल्ली सरकार ने नहीं माना दक्षिण रिज पर मिला NGT का आदेश, अब दो सप्ताह में मांगी रिपोर्ट
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने दिल्ली सरकार द्वारा दक्षिणी रिज के कुछ हिस्सों को आरक्षित वन घोषित करने के आदेश का पालन न करने पर चिंता व्यक्त की है। एनजीटी ने सरकार को समयसीमा के साथ रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है। अदालत ने इस मामले में सरकार की ओर से बार-बार हो रही देरी पर नाराजगी जताई है। अगली सुनवाई 25 जुलाई को होगी।

विनीत त्रिपाठी, नई दिल्ली: चार साल बीत जाने के बाद भी दिल्ली सरकार द्वारा दक्षिण रिज के कुछ हिस्सों को आरक्षित वन घोषित करने के आदेश का अनुपालन नहीं होने पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने चिंता व्यक्त की।
एनजीटी ने वर्ष 2021 में दिए गए आदेश की समीक्षा करते हुए कहा कि एनजीटी ने दिल्ली सरकार को भारतीय वन अधिनियम की धारा 20 के तहत दक्षिणी रिज के कुछ हिस्सों को आरक्षित वन घोषित करने का निर्देश दिया गया था।
हालांकि, चार साल से ज्यादा समय बीत जाने के बावजूद केवल एक छोटे से हिस्से को ही अधिसूचित किया गया है।
दिल्ली सरकार ने रिपोर्ट दाखिल करने को मांगा समय
एनजीटी चेयरमैन न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि सरकार की तरफ से बार-बार होने वाली देरी और अनावश्यक जमीनी सत्यापन का उल्लेख किया।
हालांकि, अब तक इस दिशा में स्पष्ट रिपाेर्ट नहीं दी जा सकी। एनजीटी से दिल्ली सरकार ने समयसीमा के साथ रिपोर्ट दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय मांगा है।
मामले में अगली सुनवाई 25 जुलाई को होगी
इस अनुरोध को स्वीकार करते हुए दिल्ली सरकार को अधिसूचना के लिए स्पष्ट समयसीमा बताने के लिए दो सप्ताह का समय दिया गया है। मामले में आगे की सुनवाई 25 जुलाई की तारीख तय की गई है।
सुनवाई के दौरान उप वन सरंक्षक (डीसीएफ) की तरफ से दाखिल हलफनामा में कहा गया कि इस संबंध में उच्च स्तरीय अधिकारियों की इस संबंध में बैठक हुई है।
जमीन सत्यापन के संबंध में निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में ताजा रिपोर्ट दाखिल करने के लिए कुछ समय की मोहलत दी जाए।
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