अवैध शराब कारोबार की आरोपित महिला की अग्रिम जमानत याचिका खारिज, कोर्ट ने कहा- जांच में सहयोग नहीं कर रही लवली
तीस हजारी कोर्ट ने अवैध शराब कारोबार से जुड़े मामले में आरोपी लवली की दूसरी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि लवली जांच में सहयोग नहीं कर रही है इसलिए हिरासत में पूछताछ जरूरी है। लोक अभियोजक ने बताया कि नोटिस के बावजूद लवली जांच से बच रही हैं। पुलिस के अनुसार लवली ने अवैध शराब से कमाई कर संपत्ति बनाई है।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। तीस हजारी स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की अदालत ने अवैध शराब कारोबार से जुड़े एक मामले में आरोपित महिला की दूसरी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है।
अदालत ने सभी तथ्यों और दलीलों को सुनने के बाद कहा कि आरोपित महिला लवली जांच में सहयोग नहीं कर रही है और उसे हिरासत में लेकर पूछताछ जरूरी है चूंकि उसने जानबूझकर जांच से दूरी बनाई है। लवली की ओर से पेश अधिवक्ता ने दावा किया कि उनकी मुवक्किल के दो छोटे बच्चे हैं और उसे एक झूठे मामले में फंसाया गया है और वह जांच में सहयोग के लिए तैयार हैं।
लवली लगातार जांच से बच रही
राज्य की ओर से पेश अतिरिक्त लोक अभियोजक ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि लवली लगातार जांच से बच रही हैं, जबकि उसे 22 जुलाई और 31 जुलाई को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। लेकिन न को लवली ने नोटिस का जवाब दिया और न ही जांच में सहयोग किया। पुलिस के अनुसार, उससे पूछताछ जरूरी है ताकि अवैध शराब से हुई कमाई और उससे खरीदी गई संपत्तियों की जानकारी मिल सके।
आरोपित महिला पर आरोप है कि वो गैरकानूनी रूप से शराब की बिक्री में शामिल रही है और उससे कमाई गई रकम से अवैध संपत्तियां अर्जित की हैं। लवली के खिलाफ यह तीसरी प्राथमिकी है। पुलिस ने दावा किया कि लवली सिर्फ शराब बेचने तक सीमित नहीं थी, बल्कि उसने इस अवैध व्यापार से काफी रुपये कमाकर संपत्ति खरीदी।

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