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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 28, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

छह कट और डिस्क्लेमर के साथ फिल्म Udaipur Files के निर्माता फिर सेंसर बोर्ड पहुंचे, 30 जुलाई को अगली सुनवाई

Published: Mon, 28 Jul 2025 05:49 PM (IST)

उदयपुर में दर्जी कन्हैया लाल की हत्या पर बनी फिल्म उदयपुर फाइल्स के पुन प्रमाणन पर सुनवाई 30 जुलाई तक ...और पढ़ें

उदयपुर फाइल्स फिल्म के पुन: प्रमाणन के लिए आवेदन लंबित: केेंद्र सरकार
उदयपुर फाइल्स फिल्म के पुन: प्रमाणन के लिए आवेदन लंबित: केेंद्र सरकार

HighLights

  1. उदयपुर फाइल्स के पुन प्रमाणन पर सुनवाई
  2. 30 जुलाई तक सुनवाई स्थगित
  3. केंद्र सरकार के सुझावों पर विचार

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। कन्हैया लाल की हत्या पर आधारित 'उदयपुर फाइल्स: कन्हैया लाल टेलर मर्डर' के पुन: प्रमाणन का आवेदन केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के समक्ष लंबित है और जल्द ही इस पर विचार किए जाने की संभावना है।

सोमवार को यह जानकारी फिल्म निर्माताओं की तरफ से मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला की पीठ को दी गई।

यह भी बताया गया कि केंद्र सरकार की ओर से सुझाए गए छह कट्स के अलावा एक डिस्क्लेमर भी दिया गया है। मुख्य पीठ ने मामले की सुनवाई 30 जुलाई के लिए स्थगित कर दी।

अदालत जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी और मोहम्मद जावेद (कन्हैया लाल हत्याकांड के एक आरोपित) की ओर से फिल्म की रिलीज पर जताई आपत्ति की याचिका पर विचार कर रही है।

हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म के प्रसारण पर रोक लगाने से इनकार करते हुए याचिकाकर्ताओं को हाई कोर्ट से संपर्क करने का निर्देश दिया था।

25 जुलाई को सर्वोच्च न्यायालय ने फिल्म की रिलीज पर आपत्ति जताने वाले पक्षों से कहा था कि वे केंद्र के पुनरीक्षण आदेश को चुनौती देने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट जाएं। केंद्र सरकार ने छह कट लगाने के साथ फिल्म के प्रसारण को मंजूरी दी गई थी।

मामले में सुनवाई के दौरान पीठ ने सीबीएफसी के वकील से पूछा कि क्या फिल्म को दोबारा प्रमाणित किया गया है। इसके जवाब में अधिवक्ता ने बताया कि फिल्म को कुछ कट के साथ मंजूरी दे दी गई है।

फिल्म निर्माताओं के वकील ने कहा कि फिल्म को छह कट और एक डिस्क्लेमर के साथ मंजूरी दी गई है और पुन: प्रमाणन लंबित है।

इस पर पीठ ने कहा कि क्योंकि अभी तक दोबारा प्रमाणन नहीं हुआ है, ऐसे में निर्माता बिना प्रमाणन के इसे रिलीज नहीं कर सकते। पीठ ने कहा कि मामले में कोई तात्कालिकता नहीं है और अदालत मामले पर 30 जुलाई को सुनवाई करेगी।

फिल्म के निर्माताओं ने हाई कोर्ट द्वारा फिल्म की रिलीज पर रोक लगाए जाने के बाद शीर्ष अदालत का रुख किया था।

हालांकि, शीर्ष अदालत ने 25 जुलाई को कहा था कि फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने वाले हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ फिल्म निर्माताओं की अपील निरर्थक है।

क्योंकि उन्होंने फिल्म की रिलीज के लिए 21 जुलाई को केंद्र सरकार की मंज़ूरी स्वीकार कर ली थी। उदयपुर के दर्जी कन्हैया लाल की जून 2022 में मोहम्मद रियाज और मोहम्मद गौस ने हत्या कर दी थी।

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