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    Delhi News: नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में CM रेखा गुप्ता ने पेश किया ‘विकसित दिल्ली’ का रोडमैप, जानें सरकार कैसे करेगी दिल्ली का विकास

    Updated: Sat, 24 May 2025 09:47 PM (IST)

    मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने नीति आयोग की बैठक में विकसित दिल्ली का रोडमैप पेश किया। 2047 तक दिल्ली को स्वच्छ और सशक्त बनाने का लक्ष्य रखा। CM ने बताया कि दिल्ली में यमुना की सफाई बुनियादी ढांचे का विकास और हर घर में नल से जल सरकार की प्राथमिकता है।

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    सीएम ने कहा, स्कोप, स्केल, स्पीड और स्किल के साथ होगा दिल्ली का विकास।

    राज्य ब्यूरो, जागरण. नई दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ‘विकसित दिल्ली’ का रोडमैप प्रस्तुत किया।

    कहा, प्रधानमंत्री और नीति आयोग के सहयोग से वर्ष 2047 तक दिल्ली को स्वच्छ, समावेशी और सशक्त बनाने के साथ ही इसे विश्व का श्रेष्ठतम शहर बनाया जाएगा।

    यमुना की सफाई, आधारभूत ढांचे का विकास और हर घर नल से जल सरकार की प्राथमिकता है। राज्य के लोगों को बेहतर सुविधाएं देना सरकार का दायित्व है। दिल्ली में हर राज्य का दिवस उत्सव मनाया जा रहा है।

     स्कोप, स्केल, स्पीड और स्किल के साथ होगा दिल्ली का विकास 

    उन्होंने कहा, दिल्ली के समग्र विकास के लिए उत्कृष्ट आधारभूत ढांचा विकसित करने को चार एस (स्कोप, स्केल, स्पीड और स्कील) के सिद्धांत पर आधारित रणनीति तैयार की गई है।

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    निर्बाध कनेक्टिविटी और स्मार्ट निगरानी के माध्यम से दिल्ली एक नई पहचान स्थापित करने का लक्ष्य है। प्रदूषण मुक्त दिल्ली अगली प्राथमिकता है।

    सार्वजनिक परिवहन को 100% इलेक्ट्रिक मोड में लाया जाएगा

    इसके लिए सार्वजनिक परिवहन को 100% इलेक्ट्रिक मोड पर लाने का लक्ष्य है। इस परिवर्तन की शुरुआत देवी बस सेवा से की गई है। वर्तमान वित्त वर्ष में 2000 नई इलेक्ट्रिक बसों के संचालन का लक्ष्य रखा गया है।

    वर्ष 2047 तक दिल्ली को बनाना है शून्य कार्बन उत्सर्जन शहर 

    प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के अंतर्गत दिल्ली ने केंद्र सरकार द्वारा प्रदान की गई 78,000 रुपये /प्रति तीन किलोवाट सब्सिडी के साथ ही 30,000 रुपये प्रति उपभोक्ता की अतिरिक्त राशि अपनी ओर से टाप-अप के रूप में दी जा रही है।

    सभी सरकारी भवनों पर सोलर पैनल लगाए जा रहे हैं। राजधानी के तीनों कूड़े के पहाड़ों के निस्तारण का कार्य भी केंद्र सरकार के सहयोग से तेज़ी से जारी है। वर्ष 2047 तक दिल्ली को शून्य कार्बन उत्सर्जन शहर के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य है।

    नए अस्पतालों के निर्माण की विस्तृत योजना की गई तैयार 

    राजधानी में किसी भी नागरिक की समय पर उपचार के अभाव में मौत न हो इसके लिए आयुष्मान भारत, वय वंदना योजना, आयुष्मान आरोग्य मंदिर तथा प्रधानमंत्री जन औषधि योजना जैसी केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं को अतिरिक्त समर्थन देकर लागू किया है।

    नए अस्पतालों के निर्माण की विस्तृत योजना भी तैयार की गई है। हर घर नल से जल सुनिश्चित करने के लिए समग्र और चरणबद्ध योजना तैयार की है।

    यमुना नदी का पुनर्जीवन और जल संरक्षण है सरकार की प्राथमिकता

    नए जल शोधन संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं। यमुना नदी का पुनर्जीवन और जल संरक्षण के लिए वर्षा जल संचयन जैसी योजना प्राथमिकता में शामिल हैं।

    यमुना में गंदा पानी न गिरे इसके लिए 40 नए विकेंद्रीकृत सीवेज उपचार संयंत्र (डीएसटीपी) स्थापित होंगे। यमुना की सफाई व राजधानी के विकास के लिए केंद्र के साथ ही पड़ोस के राज्य हरियाणा, पंजाब एवं उत्तर प्रदेश से ज्यादा सहयोग की आवश्यकता है।

    निजी स्कूलों की मनमानी रोकने के लिए लाया जाएगा विधेयक

    उन्होंने कहा, फीस वृद्धि में निजी स्कूलों की मनमानी रोकने के लिए दिल्ली स्कूल शिक्षा (फीस निर्धारण और पारदर्शिता विनियमन) विधेयक, 2025 लाया जा रहा है।

    अब दिल्ली के छात्र भी केंद्र सरकार की पीएम श्री स्कूल योजना का लाभ उठा सकेंगे। उद्योग को बढ़ावा देने के लिए नई औद्योगिक नीति बनाई जाएगी। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में दिल्ली में पहली बार इनवेस्टर्स समिट का आयोजन होगा। इससे निवेश के नए अवसर उत्पन्न होंगे।

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