नई दिल्ली [निहाल सिंह]। राजधानी में ग्रेप लागू होने के बाद लुटियंस दिल्ली में वायु प्रदूषण के नियंत्रण के लिए नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) ने नकई कदम उठाए हैं। इसमें कचरा जलाने वालों के खिलाफ जीरो टालरेंस की नीति के तहत 14 टीमें 24 घंटे विभिन्न इलाके निरीक्षण कर रही है। जबकि पार्कों आदि में तीन टीमें प्रदूषण के नियंत्रण के उपाय करने के लिए तैनात है।

इसके अतिरिक्त सड़कों की सफाई में धूल न उड़े इसके लिए मशीनों का भी उपयोग एनडीएमसी कर रहा है।एनडीएमसी के उपाध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने बताया कि वायु में प्रदूषण को कम करने का लक्ष्य मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए महत्वपूर्ण है। इसे देखते हुए एनडीएमसी ने वर्ष 2022-23 के लिए एनडीएमसी क्षेत्र में वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए कुछ कदम उठाए हैं।

कंट्रोल एंड कंमाड सेंटर का इस्तेमाल 

जिसका उद्देश्य धूल व कचरा जलाने से होने वाले वायु प्रदूषण को रोकना है। उन्होंने कहा कि हमारे लिए अच्छी बात यह है कि एनडीएमसी क्षेत्र में वायु प्रदूषण का कोई हाट स्पाट नहीं है। फिर भी हम सभी स्थानों की निगरानी कर रहे हैं साथ ही कंट्रोल एंड कंमाड सेंटर का भी इसमें उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि मैकेनिकल रोड स्वीपर से दो शिफ्टों में सड़को की सफाई की जा रही है। प्रतिदिन 365 किलोमीटर क्षेत्र को मशीनें साफ कर रही है।

इसमें किसी प्रकार की लापरवाही न हो इसको देखते हुए यह वाहन जीपीएस से युक्त हैं।उपाध्याय ने बताया कि एनडीएमसी ने एक एंटी स्माग गन खरीदी है जिसे जरुरत के हिसाब से उपयोग किया जा रहा है। इसके अलावा पांच हजार लीटर क्षमता के पानी के 18 टैंकर/ट्राली तैनात किए हैं। जो प्रतिदिन सड़कों और पेड़ों के किनारे उड़ने वाली धूल को नियंत्रित करने के लिए छिड़काव प्रतिदिन दो बार कर रहे हैं।

निर्माण स्थलों पर भी की जा रही है निगरानी

एनडीएमसी उपाध्यक्ष ने बताया कि निर्माण स्थलों से धूल वाले प्रदूषण को नियंत्रण करने के लिए भी एक टीम का गठन किया। यह टीम प्रतिनदिन निर्माण स्थलों की निगरानी कर रही है। जो भी उल्लंघनकर्ता पाए जा रहे उन चालान की भी कार्रवाई की जा रही है।

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उन्होंने बताया कि अब तक छह निर्माण स्थलों पर चालान की कार्रवाई की गई है। इससे एनडीएमसी को तीन लाख का राजस्व प्राप्त हुआ है। वहीं, निर्माण और विध्वंस कचरा (सीएंडडी) भी दैनिक आधार पर एकत्रित किया जा रहा है। प्रतिदिन 609 टन सीएंडडी कचरा रीसाइकिलिंग प्लांट पर भेजा रहा है।

Edited By: Pradeep Kumar Chauhan

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