नमो भारत ट्रेन में खराबी की चिंता खत्म, नमो भारत नेत्र ऐप करेगा स्मार्ट निगरानी
दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर पर नमो भारत ट्रेन के सुचारू संचालन के लिए एनसीआरटीसी ने नमो भारत नेत्र ऐप बनाया है। यह ऐप सभी संपत्तियों की निगरानी करेगा और खराबी होने पर स्वचालित रूप से तकनीशियन को सूचित करेगा। प्रत्येक संपत्ति को बारकोड दिया गया है जिसे स्कैन करके तकनीशियन मरम्मत कर सकेंगे और विशेषज्ञों से जुड़ सकेंगे। इससे समय पर मरम्मत होगी और यात्रियों को परेशानी नहीं होगी।

संजीव गुप्ता, नई दिल्ली। 82 किलोमीटर लंबे दिल्ली मेरठ कॉरिडोर पर नमो भारत ट्रेन के पूर्ण संचालन से पहले राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) ने नमो भारत नेत्र ऐप विकसित किया है। फिलहाल इस ऐप का परीक्षण चल रहा है, जल्द ही इसे लॉन्च किया जाएगा।
यह ऐप एक नेटवर्क के जरिए नमो भारत ट्रेन की सभी संपत्तियों के रखरखाव की निगरानी करके इसके निर्बाध संचालन को सुनिश्चित करेगा।
नमो भारत एक परिसंपत्ति-गहन परियोजना है जिसमें लगभग 60 हज़ार परस्पर जुड़ी परिसंपत्तियां हैं जैसे ट्रेनसेट, प्लेटफ़ॉर्म स्क्रीन डोर, एस्केलेटर, सिग्नलिंग सिस्टम, दूरसंचार उपकरण, किराया संग्रह प्रणाली आदि। इन सभी के पूरे जीवन चक्र में कुशल प्रबंधन के लिए एक मजबूत और लचीली परिसंपत्ति प्रबंधन प्रणाली की आवश्यकता है।
इनमें से किसी भी परिसंपत्ति में कोई भी खराबी न केवल लाखों यात्रियों के लिए सेवा को बाधित कर सकती है बल्कि एनसीआरटीसी को वित्तीय नुकसान भी पहुंचा सकती है।
नमो भारत नेत्र ऐप जिस तकनीक पर विकसित किया गया है, उसकी सबसे बड़ी विशेषता और लाभ यह है कि यह न केवल रखरखाव को संभव बनाता है बल्कि यह भी सुनिश्चित करता है कि कोई बड़ी समस्या न आए। यह ऐप एक नेटवर्क के माध्यम से सभी परिसंपत्तियों के रखरखाव की निरंतर निगरानी करके ट्रेन के निर्बाध संचालन को सुनिश्चित करेगा।
किसी भी परिसंपत्ति में कोई खराबी होने पर, यह स्वचालित रूप से उसका पता लगाएगा, कार्य आदेश तैयार करेगा और बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के त्वरित समाधान के लिए निकटतम उपलब्ध तकनीशियन को कार्य सौंप देगा।
एनसीआरटीसी द्वारा हर संपत्ति को एक बारकोड दिया जाता है। हर नमो भारत तकनीशियन के पास अपना खुद का टैबलेट है जिस पर यह ऐप इंस्टॉल किया जाएगा।
तकनीशियन सही संपत्ति की पहचान करने के लिए इस बारकोड को स्कैन करता है और मरम्मत प्रक्रिया शुरू करने से पहले संपत्ति के बारे में विभिन्न जानकारी जैसे उपकरण की परिचालन स्थिति, खराबी के बारे में विवरण, पिछली मरम्मत और निरीक्षण के रिकॉर्ड, मरम्मत के लिए आवश्यक सामग्री और उपकरणों की सूची एकत्र करता है।
इतना ही नहीं, इस ऐप के जरिए टेक्नीशियन प्रॉपर्टी से जुड़ी किसी भी समस्या को लेकर रियल टाइम में एक्सपर्ट से जुड़ सकेंगे। लाइव वीडियो कनेक्शन के जरिए यह एक्सपर्ट स्क्रीन पर ही एनोटेशन के जरिए मार्क करके टेक्नीशियन को प्रॉपर्टी के किसी भी हिस्से में समस्या के बारे में बता सकेंगे और उसे ठीक करने की प्रक्रिया के बारे में भी गाइड करेंगे। रिपेयर का काम करने के बाद टेक्नीशियन ऐप में संबंधित जानकारी अपडेट करके वर्क ऑर्डर पूरा कर सकेंगे।
एनसीआरटीसी अधिकारियों के अनुसार, अक्सर देखा जाता है कि समय पर खराबी का पता न लग पाने या उसे ठीक करने की प्रक्रिया में देरी के कारण अक्सर सेवा बाधित हो जाती है और यात्री घंटों परेशान होते हैं। ऐसे में यह ऐप नमो भारत ही नहीं बल्कि भविष्य में अन्य शहरी परिवहन परियोजनाओं के लिए भी उपयोगी साबित हो सकता है।
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