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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 22, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Delhi: अब जासूसी केस में मनीष सिसोदिया पर चलेगा मुकदमा, डिप्टी सीएम बोले- झूठे केस में फंसाना कमजोर की निशानी

By Jagran NewsEdited By: Abhishek Tiwari
Published: Wed, 22 Feb 2023 08:36 AM (IST)Updated: Wed, 22 Feb 2023 09:53 AM (IST)

Feedback Unit Case वर्ष 2015 में सत्ता में आने के बाद दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार ने एक फीडबैक ...और पढ़ें

Delhi: अब जासूसी केस में चलेगा मनीष सिसोदिया पर मुकदमा
Delhi: अब जासूसी केस में चलेगा मनीष सिसोदिया पर मुकदमा

नई दिल्ली, एएनआई। दिल्ली सरकार की नई आबकारी नीति में कथित घोटाले के बाद अब जासूसी कांड (Feedback Unit Case) को लेकर उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। ताजा मामले में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 'फीडबैक यूनिट' (Feedback Unit) से विपक्षी दलों की कथित जासूसी कराने के मामले में मनीष सिसोदिया पर भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत मुकदमा चलाने की मंजूरी दी है।

इससे पहले दिल्ली के एलजी वीके सक्सेना ने मामला दर्ज करने के लिए सीबीआई के अनुरोध को मंजूरी दी थी और इसे गृह मंत्रालय को भेज दिया था। सीबीआई ने सिसोदिया के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मंजूरी मांगी थी, जो दिल्ली सरकार के सतर्कता विभाग के प्रमुख हैं, जिसके तहत आम आदमी पार्टी सरकार ने 2015 में गुप्त रूप से विभिन्न मंत्रालयों, विपक्षी राजनीतिक दलों की जासूसी करने के लिए एक फीडबैक यूनिट (FBU) बनाई थी।

वहीं, इस मामले पर आम आदमी पार्टी ने भाजपा के आरोपों को झूठ का पुलिंदा बताया है। डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने ट्वीट कर कहा, "अपने प्रतिद्वंदियों को झूठे केस में फंसाना कमजोर और कायर इंसान की निशानी है।"

बता दें कि वर्ष 2015 में सत्ता में आने के बाद दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार ने एक फीडबैक यूनिट (Feedback Unit) का गठन किया था। इसका मकसद सभी विभागों के काम पर नजर रखना था। इसे बनाने के पीछे केजरीवाल सरकार ने तर्क दिया था कि वो विभागों के भ्रष्टाचार पर नजर रखना चाहते हैं। हालांकि, बाद में दिल्ली सरकार पर इस यनिट से विपक्षी दलों की जासूसी कराने का आरोप लगा है।

गौरतलब है कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दिल्ली सरकार फीडबैक यूनिट (एफबीयू) के जरिये राजनीतिक जासूसी करा रही थी। इस मामले को लेकर भाजपा आम आदमी पार्टी को घेरने की पुरजोर कोशिश करने में जुटी हुई है।

इससे पहले सीबीआई के अनुरोध पर उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने मनीष सिसोदिया व एफबीयू से जुड़े 5 अन्य लोगों के खिलाफ केस चलाने की संस्तुति देते हुए फाइल राष्ट्रपति को भेजी थी। बता दें कि मुख्यमंत्री के सलाहकार (भ्रष्टाचार निरोधक) गोपाल मोहन पर भी एफआइआर दर्ज करने की अनुमति दी गई है। 

भाजपा ने सिसोदिया पर बोला हमला

भाजपा ने जासूसी मामले में उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के खिलाफ गृह मंत्रालय द्वारा मामला दर्ज करने की अनुमति देने का स्वागत किया है। प्रेस वार्ता में प्रदेश भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को विरोधियों की जासूसी की रिपोर्ट दी जाती थी। उपमुख्यमंत्री को पद से हटाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, "बेहतर शिक्षा माडल का दावा करने वाले उपमुख्यमंत्री शराब घोटाला व जासूसी मामले के आरोपित हैं।"

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