दिल्ली के महरौली में तीसरे दिन भी विध्वंस अभियान जारी, एक्शन को लेकर लोगों का विरोध प्रदर्शन; पुलिस बल तैनात
Mehrauli Demolition दिल्ली के महरौली में डीडीए (दिल्ली विकास प्राधिकरण DDA) का डिमोलिशन ड्राइव (विध्वंस अभियान) तीसरे दिन रविवार को भी जारी है। इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। (Photo- ANI)

नई दिल्ली, एएनआई। Mehrauli Demolition: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के महरौली में डीडीए (दिल्ली विकास प्राधिकरण, DDA) का डिमोलिशन ड्राइव (विध्वंस अभियान) तीसरे दिन यानी आज रविवार को भी जारी है। इस दौरान स्थानीय लोग कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं।
Delhi | Locals protest on the third day of demolition drive by DDA in Mehrauli. Security personnel are present on the spot. pic.twitter.com/Kzi5747T8p
— ANI (@ANI) February 12, 2023
इससे पहले शनिवार सुबह पहुंचे बुलडोजर ने आम बाग, बृजवासी कॉलोनी क्षेत्र में डीडीए की जमीन पर बने अवैध निर्माणों को गिराया। इसको लेकर लोगों का विरोध प्रदर्शन भी किया। साथ ही दिल्ली सरकार भी इसका विरोध करते हुए डीडीए से डिमोलिशन ड्राइव पर रोक लगाने के लिए भी बोला है।
शनिवार को अनधिकृत अतिक्रमण हटाने के दौरान एक अधिकारी ने अपने बयान में कहा,"राजस्व विभाग द्वारा अनधिकृत और अवैध अतिक्रमण या निर्माण की सीमा की पहचान कर दिसंबर, 2021 में डीडीए और वक्फ बोर्ड के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में आया हाईकोर्ट के आदेश अनुसार अतिक्रमण को हटाया गया है।
बयान में बताया गया है कि अतिक्रमण हटाने से पहले 12 दिसंबर, 2022 को एक विध्वंस आदेश, 10 दिनों के अंदर विवादित भूमि से सभी अनधिकृत निर्माण को हटाने के निर्देश के साथ चिह्नित करने के साथ भूमि पर मौजूद अतिक्रमणों पर चिपकाया गया था। उक्त विध्वंस आदेश में शामिल भूमि सराय गांव की सरकारी / डीडीए की जमीन है और महरौली पुरातत्व पार्क का हिस्सा है।
हाईकोर्ट का है आदेश
बयान की मानें तो दिल्ली उच्च न्यायालय ने कई मौकों पर सरकारी अधिकारियों को अवैध अतिक्रमण हटाकर महरौली पुरातत्व पार्क के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र को सुरक्षित, संरक्षित करने का निर्देश दिया है। इसी के तहत विभाग शासकीय जमीन पर बने से अनाधिकृत और अवैध अतिक्रमण हटाने तथा महरौली पुरातत्व उद्यान को अतिक्रमण से सुरक्षित करने की कार्रवाई कर रहा है।
डीडीए के संरक्षण में हैं 55 स्मारकें
वहीं, बयान में आगे कहा गया है कि प्रतिष्ठित कुतुब मीनार से सटे इस पार्क में एएसआई, जीएनसीटीडी के राज्य पुरातत्व विभाग और डीडीए के संरक्षण में लगभग 55 स्मारकें हैं।
डीडीए ने वापस ली जमीन
"10 फरवरी, 2023 को अनधिकृत बने ढांचे को विध्वंस कर लगभग 1200 वर्ग मीटर सरकारी, डीडीए भूमि को अब तक अतिक्रमणकारियों से पुनः प्राप्त कर लिया है और सभी नागरिकों द्वारा इसके सही उपयोग के लिए अतिक्रमित सरकारी भूमि को पुनः प्राप्त करने की कवायद जारी है।"
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