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    फिर नहीं चली MCD सदन की बैठक, हंगामे के बीच पास हुए प्रस्ताव; बैठक देर से शुरू होने पर पार्षदों ने काटा बवाल

    Updated: Thu, 19 Dec 2024 07:12 PM (IST)

    एमसीडी सदन की बैठक एक बार फिर हंगामे की भेंट चढ़ गई। बीती 32 बैठकों में से सिर्फ एक ही बैठक ही पूरी तरह चल पाई है। इस बार सदन में हंगामा सदन की बैठक तय समय पर शुरू न होने पर हुआ। बैठक तीन बजे शुरू हुई लेकिन हंगामा होने की वजह से महापौर महेश कुमार को दस मिनट के लिए बैठक को स्थगित करना पड़ा।

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    एमसीडी की अभी तक 32 बैठकें हुई, जिसमें 31 बैठकें हंगामे की भेंट चढ़ गई।

    जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। एमसीडी सदन की बैठक एक बार फिर हंगामे की भेंट चढ़ गई। बीती 32 बैठकों में से सिर्फ एक ही बैठक ही पूरी तरह चल पाई है। 31 बैठकें हंगामे के कारण स्थगित हो गई है। इस बार सदन में हंगामा सदन की बैठक तय समय पर शुरू न होने पर हुआ। सदन की बैठक दो बजे शुरू होनी थी, लेकिन ढाई बजे तक बैठक शुरू नहीं हुई तो भाजपा पार्षद महापौर के आसन के पास पहुंचकर हंगामा करने लगे।

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    हालांकि भाजपा पार्षदों के हाथ में अपराधियों को आप द्वारा टिकट देने और कूड़े के पहाड़ खत्म न होने के साथ ही जगह-जगह पड़े कूड़े को लेकर प्रदर्शन किया। बैठक तीन बजे शुरू हुई, लेकिन हंगामा होने की वजह से महापौर महेश कुमार को दस मिनट के लिए बैठक को स्थगित करना पड़ा। दस मिनट बाद फिर बैठक शुरू हुई तो फिर हंगामा होने पर हंगामे के बीच प्रस्तावों को पारित किया गया।

    महापौर ने बैठक से पहले बुलाई थी सर्वदलीय बैठक

    महापौर महेश कुमार ने भाजपा पार्षदों से आग्रह किया था कि सभी लोग अपनी सीट पर बैठ जाए, लेकिन भाजपा पार्षद बैठक की देरी पर महापौर से माफी मांगने पर अड़े रहे। महापौर निर्वाचित होने के बाद महेश कुमार की यह पहली बैठक थी। जहां उन्हें इस तरह की चुनौती का सामना करना पड़ा। हालांकि बैठक से पहले महापौर ने सर्वदलीय बैठक बुलाकर सदन को सुचारू चलाने का प्रयास किया था।

    कूड़े के पहाड़ को लेकर बीजेपी ने किया हंगामा

    नेता प्रतिपक्ष राजा इकबाल सिंह ने कहा कि आम आदमी पार्टी निगम के लिए गंभीर नहीं है, क्योंकि पार्षद इतनी दूर-दूर से जनता की सेवा छोड़कर सदन में आते हैं लेकिन बैठक को तय समय पर शुरू नहीं किया जाता है। उन्होंने कहा कि 2022 में निगम चुनाव से पहले आप ने वादा किया था कि वह दिल्ली को साफ कर देंगे और कूड़े के पहाड़ खत्म कर देंगे लेकिन आज स्थिति इतनी खराब है कि जगह-जगह गंदगी फैली हुई है और तो और कूड़े के पहाड़ भी खत्म नहीं हो रहे हैं।

    प्रदूषण के चलते पार्किंग के दाम दोगुना करने की भी नहीं दी अनुमति

    एमसीडी ने ग्रेप का दूसरा चरण लागू होने के बाद पार्किंग के दाम दोगुना करने की अनुमति मांगी थी लेकिन सदन ने इसकी मंजूरी नहीं दी। आप शासित निगम ने इस प्रस्ताव को वापस निगमायुक्त को भेज दिया है। इससे पहले चार गुना पार्किंग के दाम बढ़ाने का प्रस्ताव भी सदन ने निगमायुक्त को वापस भेज दिया था। इसलिए चार गुणा की बजाय दो गुणा करने का प्रस्ताव रखा था।

    सेंट्रल जोन का कूड़ा उठाने के लिए छह माह का किया कार्यविस्तार

    एमसीडी के सेंट्रल जोन में कूड़ा उठाने के लिए कूड़ा उठाने वाली कंपनी डीडीएसआइएल का कार्य विस्तार 30 जून 2025 तक कर दिया गया है। यहां पर नए कूड़ा उठाने वाली कंपनी को कार्य न आवंटित न होने की वजह से प्रस्ताव सदन के सामने रखा गया था। जिसे सदन ने मंजूर कर दिया है। प्रस्ताव के अनुसार चूंकि अभी नई कंपनी नहीं आई है ऐसे में नई कंपनी आने या 30 जून तक वर्तमान कंपनी भी काम करती रहेगी।

    कूड़ा उठाने की सात साल की अवधि पूरी

    उल्लेखनीय है कि सेंट्रल जोन में कूड़ा उठाने की सात साल की अवधि अगस्त 2023 में पूरी हो गई थी। स्थायी समिति न होने की वजह से नई कंपनी के चयन का कार्य नहीं हो पाया था। इसलिए एलजी वीके सक्सेना ने संबंधित प्रस्ताव को मंजूर करने की शक्ति निगमायुक्त को दे दी थी लेकिन निगमायुक्त ने इसलिए प्रस्ताव को मंजूर नहीं किया है क्योंकि इस कार्य के लिए पहले 822 करोड़ रुपये की प्रशासनिक मंजूरी दी गई थी।

    अब वर्तमान कार्य 1137.98 करोड़ रुपये में होना है। निगम ने संशोधित व्यय राशि के भी प्रस्ताव को पास कर दिया है। इसलिए अब आने वाले दिनों में नई कंपनी को चुनने की प्रक्रिया आने वाले दिनों में पूरी हो जाएगी। जब तक नई कंपनी पूरी तरह कार्य करने न लग जाए तब तक पुरानी कंपनी ही कार्य करती रहेगी।

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