दिल्ली चुनाव में हो गई इस पार्टी की एंट्री, AAP की बढ़ी परेशानी; कई सीटों पर रोचक हुआ मुकाबला
दिल्ली विधानसभा चुनाव में ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम ने मुस्लिम बहुल सीटों पर प्रत्याशी उतारकर मुकाबले को रोचक बना दिया है। मुस्तफाबाद से दिल्ली दंगों के आरोपी ताहिर हुसैन को प्रत्याशी बनाया गया है। ओवैसी ने मुस्लिम मतदाताओं को लुभाने के लिए कई मुद्दे उठाए हैं जिससे आप और कांग्रेस की चिंता बढ़ गई है। दिल्ली में करीब 12-13 प्रतिशत मुस्लिम मतदाता हैं।

वी के शुक्ला, नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा का अभी तक का यह पहला ऐसा चुनाव होने जा रहा है, जिसमें मुस्लिम मतदाता राजनीतिक दलों के मुद्दे और उनके प्रत्याशियों की ओर देख रहा है। मुस्लिम मतदाता सभी दलों के प्रत्याशी मैदान में आने पर ही फैसला लेने की बात कर रहा है। वह किसी एक दल की ओर एकतरफा फैसला लेने की रही अभी तक की परम्परा से दूर दिखता है। ऐसे में मुस्लिम बाहुल्य वाली सीटों पर इस बार चुनाव अत्यंत रोचक हो जाने की संभावना है। इसका एक कारण दिल्ली विधानसभा चुनाव में ओवैसी की पार्टी द्वारा भी प्रत्याशी उतार देना है।
जानकारों की मानें तो देश में मुसलमानों के प्रतिनिधित्व का मुद्दा उठाने वाले असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम ने दिल्ली विधानसभा चुनाव में पूरे दमखम के साथ उतरने का प्लान बनाया है। मुस्तफाबाद सीट से दिल्ली दंगे के आरोपी ताहिर हुसैन को प्रत्याशी बनाया है। इसके अलावा ओखला, बल्लीमरान, चांदनी चौक, मटिया महल जैसी मुस्लिम बहुल सीट पर मुस्लिम प्रत्याशी उतारने की उनकी योजना है। राजनीतिक जानकारों की मानें अगर ओवैसी सभी मुस्लिम सीटों पर प्रत्याशी नहीं भी उतारते हैं तो भी वह जो मुद्दा उठा रहे हैं, वह पूरी दिल्ली में चुनाव प्रभावित करेगा।
ओवैसी ने मुस्तफाबाद सीट पर प्रचार भी शुरू किया
बहरहाल मुस्तफाबाद सीट पर फरवरी 2020 के दंगों के आरोपी ताहिर हुसैन को प्रत्याशी बनाकर ओवैसी ने प्रचार भी शुरू कर दिया है। ओवैसी ने दिल्ली में सक्रियता बढ़ा दी और बुधवार शाम मुस्तफाबाद में अपने प्रत्याशी के समर्थन में जनसभा कर आप विधायक नरेश यादव द्वारा कुरान शरीफ की बेअदबी वाले मुद्दे को उठा दिया है। ओवैसी ने अपने कार्यकर्ताओं से इस मुददे को हर मुस्लिम तक पहुंचाने के लिए कहा है।ऐसे में इस मुद्दे ने आप के अन्य मुस्लिम प्रत्याशियों की भी चिंता बढ़ी दी है।। आप ने फिर से नरेश यादव को महरौली से टिकट दिया है।
आप ने हाजी युनूस का टिकट काटकर आदिल खान को उतारा
आप ने मुस्तफाबाद से अपने विधायक हाजी यूनुस का टिकट काट कर आदिल अहमद खान को टिकट दिया है। नरेश यादव का दोस्त बताकर कुछ मुस्लिम युवकों ने आदिल अहमद के पोस्टर फाडे़ हैं और उन्हें जलाया है।उधर कांग्रेस भी इस मुद्दे को गरमाने जा रही है। ऐसे में खुद महरौली सीट पर नरेश यादव के लिए भी मुस्किल बढ़ सकती है, क्याेंकि महरौली सीट पर भी मुस्लिम वोट अभी तक एक तरफा उन्हें ही वोट करता रहा है। वहीं 2020 के विधानसभा चुनाव में नरेश यादव से चुनाव हारीं भाजपा की कुसुम खत्री भी अपने इलाके में इस मुद्दे को गरमा रही हैं।
आप ने मुस्लिम बाहुल्य वाली पांच सीटों पर मुस्लिम प्रत्याशी उतारे
ऐसे में मुस्लिम सीटों पर आप की चुनौती बढ़ रही है, जबकि 2020 के चुनाव में मुस्लिमों ने पूरी तरह से आप का साफ दिया है। 2015 में भी आप मुस्तफाबाद सीट नहीं जीत पाई थी, मगर अन्य सीटों पर मुस्लिमों ने पूरी तरह से आप का साथ दिया था और आप के सभी प्रत्याशी जीते थे। वर्तमान स्थिति की बात करें तो आप ने मुस्लिम बाहुल्य वाली पांच सीटों पर फिर से मुस्लिम प्रत्याशी उतारे हैं।
कांग्रेस ने अब्दुल रहमान को सीलमपुर को उतारा
उधर इनमें से तीन सीटों पर कांग्रेस भी अपने प्रत्याशी उतार चुकी है।आप ने ओखला से अमानतुल्लाह खान, बल्लीमारान से इमरान हुसैन, मटिया महल से शोएब इकबाल, सीलमपुर से मतीन अहमद और मुस्तफाबाद से आदिल अहमद खान को टिकट दिया है। वहीं कांग्रेस ने आप से 2020 में चुनाव जीते अब्दुल रहमान काे सीलमपुर से उतारा है। मुस्तफाबाद से अली मेहंदी, बल्लीमारान से शीला सरकार में मंत्री रहे हारून यूसुफ को मैदान में उतारा है। माना जा रहा है कि कांग्रेस ओखला, मटिया महल और बाबरपुर जैसी सीट पर भी मुस्लिम प्रत्याशी उतार सकती है।
दिल्ली का हर आठवां मतदाता मुस्लिम
दिल्ली में मुस्लिम मतदाताओं की बात करें ताे दिल्ली में करीब 12-13 प्रतिशत मुस्लिम मतदाता हैं। जिसके चलते हर आठवां मतदाता मुसलमान है। दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों में से करीब नाै विधानसभा सीटों पर भी मुस्लिम मतदाता अहम भूमिका निभाते हैं। बल्लीमारान, सीलमपुर, ओखला, मुस्तफाबाद, चांदनी चौक, मटिया महल, बाबरपुर, दिलशाद गार्डेन और किराड़ी मुस्लिम बहुल इलाके हैं। इसके अलावा त्रिलोकपुरी और सीमापुरी इलाके में भी मुस्लिम मतदाता काफी महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
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