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    जज के पीछे रोकी कार... चिल्लाकर बोले- तू बचकर रह ले, हम गोली मार देंगे; हैरान कर देगा कोर्ट के अंदर का दूसरा मामला

    Updated: Wed, 23 Apr 2025 12:40 PM (IST)

    दिल्ली में द्वारका कोर्ट में जज को धमकाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक बदमाश ने जज को गोली मारने की धमकी दी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस घटना से कानून व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। वहीं कोर्ट के अंदर की दूसरी घटना हैरान कर देगी।

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    दिल्ली में फिर से जज को धमकी का मामला प्रकाश में आया है। फाइल फोटो

    जागरण संवाददाता, पश्चिमी दिल्ली। कानून व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए द्वारका के ककरौला गांव में एक जज को गोली मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। आरोपी वैगनआर कार में आए थे। जज की शिकायत पर द्वारका नार्थ थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 

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    वहीं, आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। कार के नंबर का पता लगाकर उसके मालिक की भी पहचान की जा रही है। जज शिव कुमार ने पुलिस को बताया कि एक अप्रैल को शाम को वह घर से पैदल अक्षय पब्लिक स्कूल की ओर जा रहे थे, तभी पीछे से ग्रे रंग की वैगनआर तेजी से उनकी ओर आई। कार में दो युवक थे। एक युवक कार चला रहा था, जबकि दूसरा उसके बगल में बैठा था। 

    'कम बोला कर अगर जीना चाहता है तो'

    शिव कुमार के अनुसार, बदमाशों ने कार को किताबों के गोदाम के पास, उनसे करीब 10 मीटर पीछे रोका और चार-पांच बार हॉर्न बजाया। जब उन्होंने पीछे मुड़कर देखा, तो उनमें से एक युवक ने जोर से चिल्लाकर धमकी दी, ‘तू बचकर रह ले, हम गोली मार दिया करें। कम बोला कर अगर जीना चाहता है तो।’ 

    बताया कि धमकी के बाद चालक कार को तेजी से जिग-जैग तरीके से अक्षय पब्लिक स्कूल की ओर ले गया, जहां से वे आम आदमी मोहल्ला क्लीनिक व सरकारी सह-शिक्षा स्कूल की ओर मुड़ गए। यह वारदात आसपास के सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है।

    पहले भी एक जज को मिली थी धमकी

    दिल्ली में दो अप्रैल को द्वारका कोर्ट के अंदर महिला जज को सरेआम जान से मारने की धमकी देने वाले आरोपी राज सिंह को द्वारका कोर्ट ने चेक बाउंस मामले में 22 महीने की जेल और 6.65 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। यह मामला वर्ष 2015 में लिए गए ऋण से संबंधित है, जो कोर्ट में छह वर्षों से लंबित था। राज सिंह ने एक कंपनी से वर्ष 2015 में ऋण लिया था। इसके भुगतान के लिए राज सिंह द्वारा दिया गया चेक बाउंस हो गया। 

    इसके बाद कंपनी ने कोर्ट में शिकायत की थी। पांच अप्रैल को जज शिवांगी मंगल की कोर्ट में राज सिंह को सजा सुनाई जानी थी। सुबह न तो दोषी कोर्ट पहुंचा और न ही उनके वकील अतुल कुमार। शिकायतकर्ता के वकील अंकित सिंह चौहान ने कोर्ट को बताया कि शिकायतकर्ता को दस वर्ष से कोई भुगतान नहीं मिला। दोपहर दो बजे दोषी राज सिंह अपने वकील अतुल कुमार के साथ कोर्ट में पेश हुआ।

    6.65 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई

    अतुल ने कोर्ट को बताया कि राज सिंह 63 वर्षीय सेवानिवृत्त सरकारी शिक्षक हैं और पेंशन पर निर्भर हैं। उनके तीन बेरोजगार बेटे भी उन पर आश्रित हैं। जज शिवांगी मंगल ने मामले की गंभीरता, दोषी के आचरण, चेक की राशि, ब्याज और शिकायतकर्ता की कानूनी लागत को ध्यान में रखते हुए राज सिंह को 22 महीने की कैद और 6.65 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।

    कोर्ट ने 30 हजार रुपये के निजी और जमानती मुचलके पर सजा को एक महीने के लिए निलंबित कर दिया। दोषी को एक सप्ताह के भीतर जमानत मुचलका जमा करने और एक महीने के भीतर अपीलीय कोर्ट का आदेश पेश करने या आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया गया।

    जज को दी थी धमकी

    दो अप्रैल को द्वारका कोर्ट में महिला जज को सरेआम जान से मारने की धमकी भी मिली थी। चेक बाउंस मामले में जज ने जब आरोपी को दोषी ठहराया, तो वह आपा खो बैठा था। उसने कोर्ट में चीखते हुए कहा, ‘तू है क्या चीज... बाहर मिल, देखते हैं कैसे जिंदा घर जाती है।’ दोषी और उसके वकील ने जज को लगातार डराने-धमकाने की कोशिश की।

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