Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    मुकाम हासिल करने में आड़े नहीं आएगा मासिक धर्म, जानें विश्व सुंदरी मानुषी के टिप्‍स

    By Amit MishraEdited By:
    Updated: Fri, 09 Feb 2018 10:06 AM (IST)

    जूट से बने पर्यावरण अनुकूल सेनेटरी पैड सबसे बेहतर हैं। जूट विश्व भर में आसानी से उपलब्ध है।

    मुकाम हासिल करने में आड़े नहीं आएगा मासिक धर्म, जानें विश्व सुंदरी मानुषी के टिप्‍स

    नई दिल्ली [जेएनएन]। विश्व सुंदरी मानुषी छिल्लर अपने अभियान में सशक्त भूमिका निभाते हुए कर्मठता से जुट गई हैं। मासिक धर्म के प्रति सकारात्मक रवैया व जागरूकता के लिए वह इससे जुड़े कार्यक्रमों का हिस्सा बन रही हैं और सफल संचालन भी कर रही हैं। नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) की स्कूली छात्राओं को इस विषय पर उन्होंने संबोधित किया।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    मासिक धर्म हमारी पहचान है

    विश्व सुंदरी ने कहा कि मासिक धर्म हमारी पहचान है और गर्व की बात है। यह प्राकृतिक है व सामान्य शारीरिक प्रक्रिया है। इसके लिए किसी भी तरह की शर्म महसूस करने की जरूरत नहीं है और न हि किसी को इसका अहसास कराने की। जरूरी यह है कि हम नियमित इससे जुड़ी स्वच्छता का ध्यान रखें। व्यक्तिगत, पारिवारिक व सामाजिक स्तर पर भी इसके लिए केवल सकारात्मक रुख ही अपनाने की जरूरत है।

    पैड के इस्तेमाल की वकालत, कहा- जूट के पैड सबसे अच्छे

    छात्राओं से सीधे मुखातिब होते हुए छिल्लर ने पैड से जुड़ी बातें साझा कीं व उनसे भी इस मामले में खुलकर बात रखने की अपील की। मानुषी ने कहा कि सेनेटरी पैड को लेकर युवतियां व महिलाएं जितना खुलकर बात करेंगी, उतना ही इस जानकारी का प्रसार होगा। इसके जरिए ही हम स्वच्छ भारत की स्वस्थ नारी का निर्माण कर सकेंगे। जूट से बने पर्यावरण अनुकूल सेनेटरी पैड सबसे बेहतर हैं। जूट विश्व भर में आसानी से उपलब्ध है। यह प्राकृतिक तंतुओं से बना है इसलिए पर्यावरण के लिए भी लाभकारी है।

    रजोधर्म से सबधित भ्रांतियां मिटेंगी 

    एनडीएमसी के चेयरमैन नरेश कुमार ने कहा कि आज का यह दिन एनडीएमसी के लिए गर्व का दिन है। विश्व की अनेक सुंदरियां मानव कल्याण के उद्देश्य से एक ही मंच पर यहां उपस्थित हुई हैं। नई दिल्ली देश का हृ्दय होने के साथ भारत सरकार का प्रमुख प्रशासनिक, न्यायिक और विधायी स्थल भी है। आज का यह क्रान्तिकारी संदेश जितने अधिक लोगों तक पहुंचेगा समाज में रजोधर्म से सबधित भ्रांतियां और शर्म उतनी ही तेजी से मिटेंगी।कार्यक्रम में विश्व सुंदरी 2016 सटेफि नी डेल वेली, विश्व सुंदरी (यूरोप) जयना हिल (इंग्लैंड) के अलावा अन्य कई देशों की विश्व सुंदरियां उपस्थित रहीं।

    छात्राओं ने ताली बजाकर किया समर्थन 

    शिक्षा, समानता और सशक्तीकरण। इन तीन बिंदुओं पर केंद्रित होकर अपना देश प्रगति की राह पर प्रशस्त हो सकता है। इसके लिए जरूरी है कि हर तबके की छोटी से छोटी और जरूरी इकाई खुद भी इन तीन बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित करे। इसकी शुरुआत होती है, हम से और आप सभी से। इतना सुनना था कि मौके पर उपस्थित छात्राओं ने जोरदार ताली बजाकर मानुषी के कथन का समर्थन किया।

    मानुषी छिल्लर को लेकर कांग्रेस नेता ने किया था ट्वीट 

    यहां यह भी बता दें कि बीते वर्ष नवंबर माह में कांग्रेस नेता शशि थरूर ने मानुषी छिल्लर पर एक विवादित ट्वीट कर दिया था। उन्होंने मानुषी छिल्लर के सरनेम का मजाक उड़ाते हुए इसे नोटबंदी से जोड़ दिया था। थरूर ने छिल्लर की अंग्रेजी में स्पेलिंग सीएच देखकर 'छ' को 'च' समझ लिया और तुरंत ट्वीट किया- हमारी मुद्रा (चिल्लर) के विमुद्रीकरण (नोटबंदी) से कितनी गलती हुई! बीजेपी को समझना चाहिए कि भारत की नकदी दुनिया में श्रेष्ठ है। देखिए, हमारे 'चिल्लर' तक को विश्व सुंदरी का खिताब मिल गया। हालांकि बाद में विवाद बढ़ने पर थरूर ने अपने ट्वीट को लेकर माफी मांग ली थी।

    परिवार ने दिया था करारा जवाब 

    थरूर के ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए मानुषी छिल्लर के नाना चंद्र सिंह सहरावत ने कहा था कि यह शर्मनाक ट्वीट है। थरूर यूपीए सरकार में अहम पदों पर रहे हैं। ऐसे में इस तरह का ट्वीट करना महिलाओं के प्रति उनकी सोच को दिखाता है। मानुषी के मामा संदीप सहरावत ने कहा कि इस ट्वीट से यह साबित होता है कि थरूर किस मानसिकता के व्यक्ति हैं। उनकी पार्टी कांग्रेस की तो राष्ट्रीय अध्यक्ष भी एक महिला हैं। शशि थरूर का यह ट्वीट देशभर की सभी महिलाओं का अपमान है। अब माफी मांगने से कुछ नहीं होगा। उन्हें महिलाओं के प्रति अपनी सोच में बदलाव लाना होगा।

    यह भी पढ़ें: 'स्पेशल ब्रा' से कैंसर पीड़ित महिलाओं का लौट रहा आत्मविश्वास, जानिये पूरा मामला

    यह भी पढ़ें: इस होनहार युवा क्रिकेटर की रफ्तार से थर्राए दुनिया के बल्‍लेबाज, जानें कौन है ये शख्‍स