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    Delhi में असिस्टेंट बैंक मैनेजर गिरफ्तार, 9 करोड़ से जुड़ा है मामला; खुलासा होने पर उड़े अफसरों के होश

    Updated: Fri, 11 Apr 2025 07:20 AM (IST)

    दिल्ली में एक बड़े बैंक धोखाधड़ी मामले का खुलासा हुआ है। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने शंघाई अर्बन कंस्ट्रक्शन कार्पोरेशन (एसयूसीसी) और लार्सन एंड टुब्रो कंपनी के बैंक खाते से 9 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में एक्सिस बैंक के सहायक प्रबंधक समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से पूछताछ कर पुलिस इनके बाकी साथियों की तलाश में छापेमारी कर रही है।

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    निजी कंपनी के खाते में नौ करोड़ की सेंध लगवाने वाला एक्सिस बैंक का सहायक मैनेजर गिरफ्तार

    जागरण संवाददाता, पूर्वी दिल्ली। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने शंघाई अर्बन कंस्ट्रक्शन कार्पोरेशन (एसयूसीसी) व लार्सन एंड टुब्रो कंपनी के बैंक खाते में नौ करोड़ रुपये की सेंध लगाने के मामले में एक्सिस बैंक के सहायक मैनेजर समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है।

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    इनकी पहचान मैनेजर आशीष खंडेलवाल और ठग नितिन बिरमल के रूप में हुई है। मैनेजर ने कंपनी के बैंक से जुड़े दस्तावेज ठगों को सौंपे थे और आनलाइन बैंकिंग के जरिये ठगों ने खाता खाली किया था। आरोपितों से पूछताछ कर पुलिस इनके बाकी साथियों की तलाश में छापेमारी कर रही है।

    जनवरी 2008 में बैंक खुलवाया था खाता 

    आर्थिक अपराध शाखा की अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अमृता गुगुलोथ ने बताया कि एक्सिस बैंक के ब्रांच हेड गौरव शर्मा ने अगस्त 2024 में नौ करोड़ रुपये की ठगी की शिकायत दी थी। शिकायत में बताया था कि एसयूसीसी व लार्सन एंड टुब्रो कंपनी ने संयुक्त रूप जनवरी 2008 में बैंक खाता खुलवाया था।

    बताया गया कि जून 2024 को बैंक के पास कंपनी के किसी कर्मचारी ने ई-मेल कर खाते से जुड़े फोन नंबर व ई-मेल बदलने को कहा। ई-मेल में दिए गए कागजात के आधार पर नंबर व मेल बदल दिए गए। जुलाई 2024 में कंपनी की तरफ से नेट बैंकिंग शुरू करने के लिए लिए कहा गया। बैंक ने उसे भी शुरू कर दिया।

    पुलिस ने तैयार की संदिग्धों की लिस्ट

    वहीं, जुलाई 2024 से अगस्त 2024 के बीच कंपनी के खाते से नौ करोड़ रुपये आनलाइन निकाल लिए गए। कंपनी ने इसकी शिकायत बैंक से की। ब्रांच हेड की शिकायत पर पुलिस ने ठगी का केस दर्ज किया। बैंक के कर्मचारियों वे अधिकारियों से पूछताछ की गई। संदिग्धों की एक लिस्ट पुलिस ने तैयार की।

    जांच में पता चला बैंक खाते में जो नंबर बदला गया है वह पुणे के रहने वाले नितिन बिरमल के नाम पर पंजीकृत है। पुलिस ने पुणे में छापेमारी की तो वह फरार मिला। पुलिस उसपर आनलाइन निगरानी रखती रही। इस बीच पुलिस को पता चला नितिन की पत्नी ने आनलाइन खरीदारी की है।

    मैनेजर ने पुलिस को क्या बताया?

    पुलिस ने कॉमर्स कंपनी से उसका पता लिया और पुणे से नितिन को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद दिल्ली के उत्तम नगर से सहायक बैंक मैनेजर आशी को गिरफ्तार कर लिया। सहायक बैंक मैनेजर ने पुलिस को बताया कि उसी ने ठगों को खाते की हर एक जानकारी व कागजात उपलब्ध करवाए थे। पहले बैंक खाते के नंबर व ई-मेल बदलवाए। बाद में रकम साफ की।

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