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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 30, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Farmers Protest: जानिए राकेश टिकैत तल्ख अंदाज में क्यों बोले पुलिस बदतमीजी छोड़ दे और किसी का खास बनकर काम न करें? थाने पहुंची शिकायत

By Vinay Kumar TiwariEdited By:
Published: Wed, 30 Jun 2021 06:18 PM (IST)Updated: Wed, 30 Jun 2021 07:35 PM (IST)

Kisan Andolan भारतीय किसान युनियन के नेता राकेश टिकैत बुधवार को एक बार फिर आक्रामक मुद्रा में नजर आए। इस ...और पढ़ें

पुलिस बीजेपी की एजेंट बनकर काम कर रही है। उनका भी इलाज बांध दिया जाएगा।
पुलिस बीजेपी की एजेंट बनकर काम कर रही है। उनका भी इलाज बांध दिया जाएगा।

नई दिल्ली, आनलाइन डेस्क। Kisan Andolan: भारतीय किसान युनियन के नेता राकेश टिकैत बुधवार को एक बार फिर आक्रामक मुद्रा में नजर आए। इस बार उन्होंने पुलिस और बीजेपी दोनों को निशाने पर लिया, बोले अगर समझ नहीं आएगा तो जल्द इलाज बांध दिया जाएगा। टिकैत बोले पुलिस को अपना काम करना चाहिए मगर किसी का एजेंट नहीं बनना चाहिए। देखने में आ रहा है कि पुलिस बीजेपी की एजेंट बनकर काम कर रही है। यदि वो एजेंट बनकर काम करेगी तो उनका भी इलाज बांध दिया जाएगा।

राकेश टिकैत ने कहा कि बीते तीन दिनों से बीजेपी के कार्यकर्ता यहां आ रहे हैं वो यहां पर क्या लेने के लिए आ रहे थे। वो यहां पर अपना झंडा लगाएंगे। बीजेपी के लोग धरना स्थल पर क्या लेने के लिए आते हैं। जिनको जाना है सड़क से जाएं हम नहीं रोक रहें। 300 आदमी को खड़े करके यहां नहीं आ सकते हैं। गुंडागर्दी की जा रही है। ऐसा नहीं चलेगा। किसान आंदोलन स्थल के पास कैसे झंडे लगाएंगे, आंदोलन पर कब्जा करेंगे। जब बीजेपी के वर्कर तीन दिनों से यहां आ रहे थे तो पुलिस क्या कर रही थी। पुलिस अपनी गुंडई छोड़ दें, किसी की वर्कर न बनें। क्या लेने आते हैं यहां पर।

दरअसल 30 जून को भाजपा प्रदेश मंत्री अमित बाल्मीकि दिल्ली से गाजियाबाद आ रहे थे। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ता उनका स्वागत करने के लिए यूपी गेट पहुंचे गए। यहां काफी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और उनकी गाड़ियां मौजूद थीं। यूपी गेट पर प्रदेश मंत्री का काफिला पहुंचने के दौरान ही किसान प्रदर्शनकारियों ने काफिले पर हमला बोल दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने उन्हें काले झंडे भी दिखाए।

हंगामे की सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल मौके पर पहुंची। इस घटना में भाजपा कार्यकर्ताओं की गाड़ी तोड़ी गई है। उधर, अपने नेता के साथ मारपीट के बाद नाराज भाजपा कार्यकर्ताओं ने गाजियाबाद एसएसपी कार्यालय पर जाम लगा दिया है। महिला विंग की कार्यकर्ताओं ने कौशांबी थाने पर पहुंचकर वहां लिखित शिकायत दी। मालूम हो कि तीनों केंद्रीय कृषि कानूनों को पूरी तरह से वापस लेने की मांग को लेकर दिल्ली-यूपी के गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों का प्रदर्शन जारी है। यहां पर चल रहे धरना-प्रदर्शन के दौरान किसान प्रदर्शनकारियों के उग्र होने की भी खबरें भी आती रही हैं।

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गौरतलब है कि यूपी गेट पर 28 नवंबर से कृषि कानूनों का विरोध प्रदर्शन जारी है। कोरोना वायरस के संक्रमण के दौरान भी किसानों ने अपना प्रदर्शन खत्म नहीं किया। इसके अलावा वो यहां पर लगातार पक्का निर्माण कर रहे हैं। इससे दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे, राष्ट्रीय राजमार्ग-नौ और फ्लाईओवर के नीचे की सड़क व फुटपाथ खराब हो रही है। प्रदर्शनकारियों का हाईवे पर दिल्ली जाने वाली लेन व फ्लाईओवर के नीचे पूरी तरह से कब्जा है। अब तक हाईवे पर लगे मंच के किनारे ईंटों की चिनाई कर करीब दो फीट ऊंची दीवार बना दी गई है। उधर, अपर जिलाधिकारी नगर शैलेंद्र सिंह का कहना है कि अगर पक्का निर्माण हो रहा है, तो वार्ता कर उसे हटवाया जाएगा। मगर किसान यहां नई रणनीति बनाते रहते हैं।

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