Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck

    आखि‍र क्‍यों कांग्रेस ज्‍वाइन करते-करते सपना ने थामा भाजपा का दामन, जानें कारण

    By Prateek KumarEdited By:
    Updated: Mon, 08 Jul 2019 07:47 AM (IST)

    लोकसभा चुनाव 2019 के दौरान कांग्रेस ने दावा किया था कि सपना कांग्रेस में शामिल हो गई हैं लेकिन प्रेस वार्ता करके सपना ने इसका खंडन कर दिया था। ...और पढ़ें

    News Article Hero Image
    आखि‍र क्‍यों कांग्रेस ज्‍वाइन करते-करते सपना ने थामा भाजपा का दामन, जानें कारण

    नई दिल्‍ली, जेएनएन। सपना चौधरी, एक ऐसी अदाकारा जिसके एक ठुमके पर दिल्‍ली तो क्‍या पूरे देश में तहलका मच जाता है। एक डांस वीडियो जारी होते ही मिनटों में वायरल होने लगता है। अपने लाखों प्रशंसकों को अपने डांस के जलवे से खुश करने वाली सपना ने कांग्रेस के दर से अपना मुंह मोड़ लिया और आखिरकार रविवार को भाजपा का दामन थाम लिया है। कई दिनों से चला आ रहा सस्‍पेंस आज खत्‍म हो गया है। आपको बता दें कि कुछ समय पहले ही लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस में शामिल होने और फिर अचानक सपना का यू टर्न लेना मीडिया में कई दिनों तक सुर्खियों में रहा था। आइए जानतें हैं हरियाणी डांसर सपना के चौधरी के इस तरह अचानक भाजपा के पीछे शामिल होने के कारण।

    कांग्रेस में शामिल होने पर मच गई थी उलझन

    लोकसभा चुनाव 2019 के दौरान कांग्रेस ने दावा किया था कि सपना कांग्रेस में शामिल हो गई हैं, लेकिन प्रेस वार्ता करके सपना ने इसका खंडन कर दिया था। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस का दावा गलत है फिलहाल वे किसी भी पार्टी में शामिल नहीं होने जा रही हैं। इसके जवाब में कांग्रेस ने सबूत भी पेश किए थे। इस पर पलटवार करते हुए उन्होंने मनोज तिवारी से मुलाकात की थी और फिर उनके साथ डिनर करने की फोटो इंस्टाग्राम पर पोस्ट करके नए कयासों को जन्म दे दिया था।

    भा गई डिनर डिप्‍लोमेसी

    बता दें कि लोकसभा चुनाव-2019 के दौरान कांग्रेस में शामिल होने और फिर यू टर्न लेने और उन्‍होंने दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी के साथ डिनर किया था। इसकी तस्‍वीर इंटरनेट पर काफी वायरल भी हुई थी। इस तस्‍वीर से उनके फैन भी असमंजस में थे। सभी यह जानने की कोशिश में थे कि आखिर सपना किस पार्टी का दामन थामेंगी। यह अलग बात है कि हरियाणवी डांसर सपना चौधरी ने बाद में खुद ही कह दिया था कि वह भाजपा में शामिल तो नहीं होंगी, लेकिन उत्तर पूर्वी दिल्ली लोकसभा सीट से मनोज तिवारी के प्रचार करेंगीं और उन्होंने ऐसा किया भी।

    यहां अटका था मामला

    पहले ऐसा दावा किया जा रहा था कि वह कांग्रेस की ओर से भाजपा सांसद हेमा मालिनी के खिलाफ मथुरा संसदीय सीट से लोकसभा चुनाव लड़ सकती हैं। इन अटकलों पर तब विराम लग गया जब कांग्रेस ने मथुरा संसदीय सीट से महेश पाठक को प्रत्याशी घोषित कर दिया था।